ख़्वाहिश ये नहीं कि वो लौट आए मेरे पास,
तमन्ना ये है कि उसे जाने का मलाल हो...
" वेदनाएं " कभी मृत्यु का रास्ता दिखाती है,,
तो कभी "लेखक" के जन्म का।
जो लोग बिना मतलब के हमारा साथ देते हैंहम उनका अहसान क़भी नहीं भुला पाते हैंऐसे लोगों का जिक्र आने पर दिल मुस्कराता हैऔर दुवाएं देने लगता है, ये शायद वही लोग हैंजिनकी वजह से इंसानियत पर भरोसा क़ायम है
यूं ही नही आती मस्ती दिल में जनाब ।
मस्त रहना है तो दिल से इश्क कीजिए
आप सभी को ईद-उल-फितरकी बहुत बहुत मुबारकबाद
जो अर्थ ही ना समझें,
उनपर शब्द क्या ज़ाया करना....
सनकी 🦋
उदासी तुम पे बीतेगी तो तुम भी जान जाओगे कि
कितना दर्द होता है नज़रअंदाज़ करने से..
इंतज़ार मत करो
जो कहना हो कह डालो
क्योंकि हो सकता है
फिर कहने का कोई
अर्थ न रह जाए।
कौन कौन मानता है कि जिंदगी में पापा का होना किसी कुबेर के खजाने से कम नहीं
बुद्धिमान लोग हर चीज पर सवाल उठाते हैं,
मूर्खों के पास हर बात का जवाब होता है।
मतलब के बिना कौन पूछता है किसी कोबगैर रुह के तो घर वाले भी नहीं रखते
आजकल वो कुछ कहते नहीं है मशरूफियत है या नाराज़गी…?
यादें दस्तक देती हैं
आँखें नम हो जाती हैं
होठ खामोश रह जाते हैं
दिल की धड़कनें
शोर बहुत मचाती हैं
मधुलिका
गांव की मिट्टी में पले बढ़े है,
हमें अदाएं कम मर्यादाएं ज्यादा पसन्द हैं।
लोग देखते ही रहे कि हमें टूटा हुआ देखें,और हम थे कि दर्द सहते-सहते पत्थर के हो गए।
इस दुनिया में ऐसे भी शैतान है,
जो धर्म के नाम से सरकार बनाते है. !!
कुछ दर्द जो अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं, आंखों से पानी बन निर्झर नदियों से बहते हैं । समझ ही नहीं पाती,किसी को नही कह पाती, इस जीवन से अब कुछ और नही चाहती ।
मंजिल इतनी पास होकर भी उनकी राहें गुम क्यूँ है?हम क्या इतने गैर है ख़ुदा..अगर नहीं तो मेरी दुआ में तेरी मंजूरी इतनी तंग क्यूँ है?
अरे नफरत नहीं थी मुझे इश्क़ से, हम भी कभी मुरीद थे उसके,
जब देखा उसे गैर कि बाहों में तब जाना सिर्फ मरीज़ थे उसके..!!
पता नहीं नसीब खराब है या मैं खराब हूं
हर उसने दिल दुखाया हैं जिसपे मुझे नाज था !!