तुम छा गए हो कोहरे की तरह मेरे चारों तरफ
ना कोई दूसरा दिखता है ना देखने की चाहत हैं..!!
यूं तो सब समेट लाया था शहर से तेरे
मगर वो मन्नत के धागे मज़ार पर बंधे रह गए..
शुरुआत हो चुकी हैं
अब बादशाह के साथ बेगम भी नाचेंगी..!
ज़हर की ज़रूरत ही ना पड़ी ...
उसके हर पल बदलते बर्ताव ने ही हमें मा^र डाला
जरा अदब से जनाब
हम शांत हैं ' संत नहीं।
“मेरे देश के रिश्ते कमाल हैं, मेरे देश का दान-धर्म कमाल हैं, मेरे देश का खून कमाल हैं…”, यह कहना है, मेरी एक विदेशी दोस्त का।आप बताएं के हमारे देश में और क्या-क्या कमाल हैं? भारत देश महान है ❣️
नजर आना सभी को एक जैसा है कहा मुमकिन,
कहीं आँखों में कंकर तो कहीं आँखों के तारे हैं हम!!
फिर से उलझाता है सबको नफ़रत वाली बात में दूसरे राउंड में ही लुच्चा आ गया औक़ात में
भिन्न मत का मान रखो, गलत का नहीं
मुझे अकेले चलेने में बहुत मज्जा आता है,
क्योंकि ना कोई आगे चलता है और ना कोई पीछे छूटता है…
तारीफ़ें दिन बनाती हैं और ताने ज़िन्दगी।
मोहब्बत में कैद हुई अपनी खुशियां तराशता रहा,
चाभी रख कर कांधे पे मैं तिजोरी तलाशता रहा..!!
विरक्ति
नियत सच्ची होनी चाहिए, चेहरे तो अक्सर झूठ बोलते हैं...
आखिर थक हार के लौट आये हम बाजार से, यादो को बंद करने के ताले कही मिले नहीं !!
सुलझ भी सकता है झगड़ा उसे कहो कि अभी ,
जुदाई के किसी कागज़ पर दस्तखत ना करें ।।
मोहब्बत जुदाई बर्दाश्त कर सकती है , मगर बेइज्जती नहीं ...
तुम मेरी वो कमी हो,
जो कोई भी शख्स कभी पूरा नही कर सकता….!!
ना मोक्ष चाहिए ना स्वर्ग चाहिए मुझे अपने श्री हरि के चरण कमल चाहिए ❤
बादलों को गुरुर था कि वो उच्चाई पे है,जब बारिश हुई तो उसे ज़मीन की मिट्टी ही रास आयी।
खफा नहीं हूं तुझसे ए जिन्दगी..
बस जरा दिल लगा बैठा हूं इन उदासियों से..!!