रूठना मनाना और छोड़ देना तुम्हारा शौक है..
हमें तो आदत है तुम्हें मना कर मुस्कुराने की..!!
खुद में झांकने के लिए जिगर चाहिएदूसरों की बुराई करने में हर शख्स माहिर होता है!
पढ़ तो लेते है सब मुझे अच्छे से
बस समझते है अपने नज़रिए से..!
रथ रावण के पास था
संसाधन रावण के पास थे
सेना रावण के पास थी
सोना रावण के पास था
भगवान राम के पास सत्य था
आशा थी. आस्था थी. प्रेम था.
परोपकार था. विनय था. धीरज था. साहस था.
सदैव नहीं रहती...
घर के मुखिया को सच्चा और ईमानदार होना चाहिये।
झूठा फ़रेबी और जुमलेबाज नहीं !
सालों बाद उन पर नज़र पड़ी, उन पर ही ठहरी रह गयीं ... ~ दीपक चौधरी
नफ़रत के खेल में बस ख़ून है,
मुहब्बत करो, इसमें सुकून है।
कोई नहीं करता प्यार मुझसे,नफ़रतों का बन गया चेला हूं मैं,न साथी न हमदर्द, न कोई रहबर,दुनिया में बहुत अकेला हूं मैं.
तलवारों की छाए पर इतिहास हमारा बनता है ,,
जिस ओर ज़वानी चलती है उस और ज़माना चलता है..!!
धर्म मनुष्य जीवन को बेहतर बनाने के लिए बना था,
और आज मनुष्य धर्म को बेहतर बनाने में लगा हैं...
दोस्ती करनी हो तो गणित के जीरो जैसी करो,जिसके साथ मिल जाओ उसकी कीमत बढ़ जाए…
अब तो हमारे जिक़्र पर न मोड़िए गा मुंहअब तो हमारे शेर भी मशहूर होने लगें है
शिकवे और शिकायतों में क्या रखा है!वक़्त ही कुछ ऐसा है कि….अपनों ने ही अपनों से दूरी बनाए रखा है।
संबंध बनाना,ऋण लेने जैसा आसान है.!किन्तु संबंध निभानाकिश्तें भरने जैसा कठिन है..!!
गुज़रो जो बाग़ से तो दुआ माँगते चलो
जिसमें खिले हैं फूल वो डाली हरी रहे
"माँ थी अनपढ़
लेकिन उसके पास गीतों की कमी नहीं थी
कई बार नये गीत भी सुनाती
रही होगी एक अनाम ग्राम-कवि"
आलोक धनवा
गिद्धों कि तरह नोचा है अस्मत भी उनकी लूटी है,
इस देश में यत्र नार्यस्तु पूज्यंते कि सारी रस्में झूठी हैं,
और राम करे रक्षा सीता की, कृष्ण द्रौपदी का चीर बढ़ाते हैं,
कलयुग के हैं देव विलुप्त इसलिए सब "नं'गा नाच" कराते...
तू जहां तक दिखाई देता है..
उसके आगे मैं देखता ही नहीं..
शकिस्तगी का भरम रखना ऐ मेरे चेहरे ,किसी का सामना हो तो उतर नहीं जाना
सिर्फ मेरा दिल ही जानता है कि
ये तुम्हें खोने से कितना डरता है