मैं क्या बताऊँ कैसी परेशानियों में हूँ, काग़ज़ की एक नाव हूँ और पानियों में हूँ.... ~ भारत भूषण पन्त
आह जो दिल से निकाली जाएगीक्या समझते हो कि खाली जाएगी
~अकबर इलाहाबादी
वहाँ कोई महानता नहीं है जहाँ सादगी, अच्छाई और सच्चाई नहीं है।
लियो टॉल्स्टोय
फिक्र है तो लड़ना जरूरी है
वरना खामोशी रिश्ते तोड़ देती है !!
चल जी कर दिखाते हैं…..दिखा कर जीने में क्या मज़ा …..!!!
यह तन विष की बेलरी, गुरू अमृत की खान।
कबीरदास
लाख समझाया था उसको की दुनिया विश्वास के लायक नही हैफिर भी उसने मुझे छोड़ थामा किसी गैर कोअब वो खाए लाख ठोकरें मुझे उसका हाथ थामना ही नहीं हैजेहन में रहेगा ताउम्र वो हां ज़िंदगी में अब मुझे उसको...
जिस पर आकर हो जाते हैं कत्ल मेरे लफ्ज़ ,,
उसकी खुशी मैं हम अपनी ग़म भूल बैठें..!!
जीवन अपूर्ण लिए हुएपाता कभी खोता कभीआशा निराशा से घिराहँसता कभी रोता कभीगति-मति न हो अवरूद्धइसका ध्यान आठो याम हैचलना हमारा काम हैइस विशद विश्वप्रहार मेंकिसको नहीं बहना पडासुख-दुख हमारी ही तरहकिसको नहीं सहना पडाफिर व्यर्थ क्यों कहता फिरूँमुझपर विधाता...
किताबें पढ़ो तो औरते कमजोर,
और दीवारें पढ़ो तो मर्द कमजोर...
मर्द की जेब में जब छेद हो जाता है ,
तो सिक्को से पहले रिश्ते गिर जाते है ...
इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है, माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।
वह जवाब मायने खो देते हैं, जो वक्त पर नही मिलते ...
तुम्हारी नामर्दानगी बुजदिली,
एक दिन इस देश की तबाही का कारण बनेगी।
गुलाब देना आसान होता है,
मगर समय देना मुश्किल....
रोक कर बैठे है ज़िंदगी को
तुम आओ तो जिना शुरू करेंगे..
पहले मुग़ल दरबार में नाचते थे,अब मस्जिद के बाहर नाचते हैं,जगह और समय बदला है,मानसिकता व हरकत अभी भी वही है!
झूठ' दलाली से परे रहिए,जितना हो सके खड़े रहिए.
एक तुम गये केपूरा काफिला गयातूफा था तेजपेड़ को जड़ से हिला गया ….
जब सल्तनत से दिल काही राजा चला गयाफिर क्या मलाल तख्तगया या किला गया….