ये तो बस हम ही जानते हैं उम्र कैसे गुज़ारी है,बगैर तेरे गुज़रता लम्हा आख़िर कितना भारी है
प्रेम सिर्फ अपने अच्छे कर्मों और ईश्वर से करो... ईश्वर सदैव आपका समिप होते हैं....!!
एक शख़्स सुकून जैसा,जो कभी मिला ही नहीं।
मजलूमों के हक़ के लिए लड़ने का जज़्बा और बुलंद हो,
यह साल आपके संघर्षों को और पैना करे !
मुल्क में अमन लाए,
बदलाव लाए !
लोग परखते है मुझे मेरी बातों से,काश कोई समझे मुझे मेरे जज्बातों से।
न्यूज़ देख रहा था
ना मुझे इजराइल से बैर है
ना फलीस्तीन से मोहब्बत
दोनो तरफ से मरने वालों की
संख्या बताई जा रही थी
जिसमे औरते मर्द मासूम थे
टूटते घर थे
कुछ लाशें थी
कहीं आग लगी थी
कहीं रुदन था...
जो चराग़ों को बुझाने की हिमाक़त करते हैं
ज़िंदगी-भर उन के हिस्से रौशनी आती नहीं
राघवेंद्र द्विवेदी
तेरे आने की नही उम्मीद परदेखते हैं आज भी रस्ता तेरा
सुनो साहिब,
तुम्हारे प्रेम के रंगों से
रंगीन हुआ मेरा बेरंग
उदास सूना जीवन।
जी नहीं सकती अब
कभी भी तुमसे दूर रह
मर जाऊंगी तुम्हारे बिन।
ख्वाहिश नहीं मुझे
ज्यादा चीजों की
सिर्फ़ चूड़ियां कभी
अपनी पसंद की
पहना देना,
पायल तो नहीं
पहनूंगी तुमसे
कदमों में अपने कभी
तुम्हें नहीं झुकाना।
पैसे वालों की चमचागिरी करती है दुनिया,
गरीब और मजदूर की सुनता कौन है।
जिसने अपनी सारी "ख्वाहिशें",त्याग दी थी "बीवी" को पढ़ाने में,आज बीवी कि "तरक्की" ने उसे,"देह" त्यागने का उपहार दिया है..!!
तेरी फ़ोटो को देख के क्रेजी बन गए, तेरे fan थे पहले अब AC बन गए
मौत भी तू जल्दी आया कर गरीब के घर, कफन का पैसा भी खर्च होता है दवाइयां खरीदते-खरीदते..
अब किसी की तलब नही हमे...
अब हम अपनी ही तलाश में है....!!
सुनो कृष्ण!!मौसम हरे रखनाऔर मन गीला
जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाँहिं।
सब अँधियारा मिटि गया, जब दीपक देख्या माँहि॥
कुछ लोग ऐसे मिले जिंदगी मेंसाथ बैठकर हंस गए और पीठ पीछे डंस गए
पुरानी शाख से पूछो कि जीना कितना मुश्किल है..,
नए पत्ते तो बस अपनी अदाकारी में रहते हैं...!!!
दिल टूट गया है,
जिंदगी थम सी गई है।
काश, तुम कभी मेरे होते,
तो मैं इतना न रोता।
तुमने मुझे धोखा दिया,
और अब मैं अकेला हूँ।
मैं नहीं जानता कि क्या करूँ,
मैं तुमसे बहुत प्यार करता था।
तुम मेरे सपनों को तोड़ दिया,
और अब मैं...
रिश्ते में रहते हुए तो है ही,
रिश्ते से अलग होते हुए भी डिग्निटी बहुत ज़रूरी है.