इंसानियत दिल में होती है हैसियत में नहीं
ऊपर वाला कर्म देखता है वसीयत नहीं!
शक्ति चाहिए तो ज्ञान हासिल करो ,
और सम्मान चाहिए तो चरित्र अच्छा करो ..!!
कहां से लायी हो इतनी खूबसूरत आंखें…सारे जहां की खूबसूरती समेटे हुए..कौन कहता है कि छोटे कपड़ों में ही सुंदर दिखा जा सकता है.. मर्यादा , संस्कारों में रहकर पूरे कपड़ों में भी सिर्फ आंखों से ही चांद सी खूबसूरत...
सूरत देखकर नहीं सीरत देखकर हमसफर ढूंढना ,
क्योंकि बुढ़ापे में अच्छे चेहरे नहीं सहारे काम आते हैं...!!
बदला लेने में वो मज़ा नहीं जो ,खामोशी से बदल जाने में है …
एक हंसता खेलता
आंगन मेरा भी था
बलखाती इठलाती
रौनक ऐ जहां मेरी भी थी
पैरों के नीचे जन्नत
कहलवाने वाली माँ भी थी
एक कमजोर सा
बाप का साया था
जो मेरी हर जरूरत में
काम आया था
एक गौरैया दो बोलते...
अपना जीवन आलस्य में बिताना,
आत्महत्या करना है।
खौलते इतिहास के पन्ने गवाह हैं,
स्त्रियों के नग्न बदन
और
राजा का अंधा होना
इत्तेफ़ाक़ नहीं!!
श्रुतिका साह
जख्म खरीद लाया हूंइश्क के बाजार सेदिल जिद कर रहा था कीमुझे मोहब्बत चाहिये
मैं "हिंदी" का "आलिंगन" हूँवो "उर्दू" में "आग़ोश"उसको मेरे "बाजुओं" में सुकूँन है,मैं उसकी "बाहों" में मदहोश…
ज़िंदगी किसी के तो काम आये, हमारी उमर ही आपको लग जाये !!
बस इतना सा ही ख़्वाब पूरा चाहिए…हर सुबह तू मुझे मेरे साथ चाहिए…!!
इतना भी बुरा मत समझो हमें हमें दर्द सहने की आदत है दर्द देने की नहीं ..
यदि आप उड़ना चाहते हैं, तो वह सब कुछ छोड़ दें जो आपको नीचे खींचता है।
बुद्ध
बात सच्ची जो करते हैं,
खुल के जीना उनका दुस्वार है भाई।
वक्त से हारा या जीता नही जाता,केवल सीखा जाता हैं..
तेरी यादों की ख़ुशबू से हम महकते रहते है,
जब-जब तुझको सोचते है बहकते रहते हैं !!
ये तेरी झुकी हुई पलकें, ये कमसिन अदाएं,
आशिक तो तुझे देख कर ही घायल हो जाए..!!
विरक्ति
समंदर में ले जा कर फरेब मत करना,
तू कहे तो किनारे पे डूब जाऊं में।।
प्रेम त्याग हैंप्रेम समर्पण हैंप्रेम सर्वस्व हैंगर,,,,प्रेम निस्वार्थ हैं..!!