घर वालों को ज़रूर बताइए उलझने अपनी,मर जाने से अच्छा है उनके लिए जिया जाए….
अगर जिंदगी में कुछ बुरा हो तो थोड़ा सब्र रखना यारो,क्योंकि रोकर हँसने का मजा ही कुछ खास होता है !
जब क्रूर समाज ममता को नारी की कमजोरी समझ बैठे,
तब उस ममता को शक्ति का नव रूप बनाना जरूरी है।
जीने कि "ललक" तब और ज्यादा होती है,
जब दादा कि बैसाखी उनकी "पोती" होती है..!!
विरक्ति
कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता
गोपाल दास नीरज
गरीब की थाली में पुलाव आ गया हैलगता है शहर में चुनाव आ गया...
चराग़ों को आँखों में महफ़ूज़ रखना बड़ी दूर तक रात ही रात होगी
मैं तुम्हरे साथ हूं कहने में और,रहने में बहुत फर्क होता है!
बेइमानी भी तेरे इश्क़ ने……..सिखाई थी
तूं पहली चीज़ थी जो मैंने मां से छुपाई थी
ये तेरा हक़ है कि तुझे गौर से देखा जाए ,
कि क़भी मिलो मुझे ये फर्ज़ अदा करना है ।।
पहले कच्चे घरों में स्वर्ग की अनुभूति हुआ करती थी अब शीश महल में अपनेपन का स्पर्श नहीं मिल पाता
महँगे जूते अक्सर वही ख़रीदता है,
जिसके भाग्य में चलना कम आता है !!
मोटिवेशन वाली वीडियो देख करआदमी 10-15 मिनट ही मोटीवेट रहता है।।
ज़िन्दगी में इतना व्यस्त हो जाओ.. कि उदास होने का वक़्त ही ना मिले..!!
ये जिन्दगी सिर्फ तब तक ही हल्की है,
जब तक सारे बोझ माँ ने उठाये हुए है ।।
गलती पीठ की तरह होती है...
औरों की दिखती है अपनी नहीं..!!
खुश रहने के लिये जिंदगी में खुद के स्थिति क्षमता देख कर ही फैसले लेने चाहियेलोगों को खुश करने या दिखाने के लिये गये फैसले हमेशा दुख के कारण बनते हैं
ये सोचना ग़लत है के’ तुम पर नज़र नहीं,मसरूफ़ हम बहुत हैं, मगर बे-ख़बर नहीं
हम आपके इशारे पे घर-बार छोड़ दें ?दीवाने हैं ज़रूर ! मगर इस क़दर नहीं !!
~ आलोक श्रीवास्तव
मानता हूँ कि मैं बुरा हूं बहुत,
जो हो अच्छा वो सामने आए-?
आज तो कलम ने भी
ताना मार दिया !
जब कोई पढ़ता ही नहीं
तो लिखते क्यू हों !!