मैं क्या बताऊँ कैसी परेशानियों में हूँ, काग़ज़ की एक नाव हूँ और पानियों में हूँ.... ~ भारत भूषण पन्त
मुझे मालुम नही, ईद कैसे मनाया जाय,मैं गैर मुस्लिम हूं, बधाई कबुल करना ...
कुछ चीजें शब्दों से नहीं..
साथ होने से खूबसूरत होती हैं..!!
कबीर और प्रीति वाला प्यार नही हमें तो ,तुमसे राधा कृष्ण वाला प्यार हुआ है…!!
कहां से लायी हो इतनी खूबसूरत आंखें…सारे जहां की खूबसूरती समेटे हुए..कौन कहता है कि छोटे कपड़ों में ही सुंदर दिखा जा सकता है.. मर्यादा , संस्कारों में रहकर पूरे कपड़ों में भी सिर्फ आंखों से ही चांद सी खूबसूरत...
कुसंस्कारी लोग, सबसे ज़्यादा संस्कार और संस्कृति की बातें करते हैं,और अधर्मी, सबसे ज़्यादा धर्म की
मेरे अधूरे किस्से का मुझे हिसाब चाहिए,मैं सही था या गलत मुझे जवाब चाहिए ।
समय से भी ज्यादा महंगी भावनाएं होती हैं ,
जो समझे उसी पर खर्च करो
किसी की गुलामी से लाख बेहतर हैं,
अपनी अपाहिज ज़िंदगी जीना...
भावनाओ का कहा कोई द्वार होता है..!जहा हरि मिल जाएं वही हरिद्वार होता है..!
शुक्र भी है और शर्मिंदा भी हैतेरे बाद मर भी गए और जिंदा भी है
तुम कहते हो कि तुम्हें
बारिश से प्यार है
लेकिन उसमें चलने के लिए
तुम छाता इस्तेमाल करते हो
तुम कहते हो तुम्हें हवा से प्यार है
लेकिन जब वो आती है तो
तुम खिड़कियां बंद कर देते है
इस लिए मैं डरता हूँ
जब...
"आजकल लोग अपने आप से ज्यादा मोबाइल सम्भाल के रखते है….क्योंकि रिश्ते सारे अब इसी में कैद हो के रहने लगे है"…!!
सुख में होंगे तो करेंगे खुलासे !अब दुख में क्या तमाशे करू !!
पीठ से निकले खंजरों को जब गिना मैने..।ठीक उतने ही निकले जितनों को गले लगाया था मैने..!!
सुरमे की तरह पीसा है हमें हालातों ने,
तब जा के चढ़े है लोगों की निगाहों में..!!
सोचता हूँ कि उस की याद आख़िर
अब किसे रात भर जगाती है...
अपनी क्या फिक्र करें, हम जिंदा हैं वही काफी है...
दुःख हमारे नसीब में है, खुशी हमारे नसीब में कहाॅंऔर कोई हमसे प्यार करे इतना, हम खुशनसीब कहाॅं
जिसमें प्रेम हो वह हर रिश्ता एक बंधन है,
वरना यूं ही नहीं राधे के साथ देवकी नंदन है।