जिन्हें महसूस इंसानों के रंंजो-गम नहींहोते…वो इंसान भी पत्थरों से कम नहीं होते…!!!
जीवन में हमेशा एक दूसरे को,
समझने का प्रयत्न करे परखने का नहीं...
खुदकुशी करने की हो ठानी
तो काफी है आंखो का पानी
इंसान अंदर से मर जाता है.
जब उसका सबसे मनपसंद शख्स बदल जाता है...
मसला सुकून का है,
जिंदगी काट तो हर कोई रहा है !
दुनिया का एक सच ये भी है जिसे तुम जितना अपना समझोगे वो तुम्हे उतना बेगाना समझेगा..!!
वह झूठ बोल रहा था बड़े सलिके से ,,मैं ऐतबार न करता तो क्या करता..!!
जिनके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ होता है
उनके पास रुठने और टूटने का वक्त नहीं होता..
कितना दर्द है आज दिल में दिखाया नहीं जाता,किसी को अपनी बर्बादी का किस्सा सुनाया नहीं जाता... एक बार जी भर के देख ले इस चहरे को ओ बेवफा सनम,क्यूंकि बार बार कफन उठाया नहीं जाता...!!
सत्य से मीठा कोई फल नहीं,झूठ कितना भी बोलो उसका कोई कल नहीं !!
आधुनिक युग मे मनुष्य अब सम्मान से
ज्यादा "सामान" पाने की चाह में रहता है.
मृदुल눈
सरल व्यक्ति के साथ किया गया छल ,
आपके बर्बादी के सारे द्वार खोल देता है ...
ये मेरा इश्क औरों जैसा नहीं…अकेले रहेगें पर तेरे ही रहेगें…!!
हमने चाय की तुम्हें आज़ दावत दी है.
इलायची वाली चाय बना के रखी है ...
समझदार इंसान वही है जिसे पता है
कब और कहाँ कितना
बेवक़ूफ़,
मासूम और असहाय दिखना है
बस साथ निभाने की जो कसमें दिलाई गई थीउसका बोझ है पर प्रेम नहीं हैअब यदि वो प्रेम की बात भी कर रहे हैतो वो इसलिए कि मजबूरी हैकि पति पत्नी हैगहराई में जाकर देखा जायतो वो सामाजिक बंधन ही...
क्या ही करूंगा मैं दुनिया जीत करजब आख़िर में तुझे ही हारना है….!!
इंसानियत का कद, हमेशा हैसियत से बड़ा होता है...
महरुमीयों की अपनी कोई इंतेहा नहीं ,कभी चेहरा नही, तो कभी आईना नही ।तुम जिस से कर रहे हो मेरे हक में बद्दुआ ,मेरा भी है खुदा, वो फकत तुम्हारा नही ।
पुरानी और नई पीढ़ी की सोच का अंतराल हीआज में "पिता" और "बेटे" के बीच की दूरी है