बड़ा शर्मिला है यारों उसे नही आता प्यारा जतानाझुक कर मेरे कदमों में देखो खरीद लाया दुनिया
खुशियां दुनिया भर की सजाई है उसने यूं आजबांधी है अपने प्यार की पायल पांव में मेरे
संस्कार ही ऐसे मिले है जनाब दिल से उतरे लोंगो से भी तमीज़ से बात करते है...
वफ़ा की उम्मीद एक बेवफ़ा से लगाई है, मैने अपनी अर्थी अपने ही हाथों से सजाई है
रोज़ अच्छे नही लगते आँसू खास मौको पे मज़ा देते है..!!
हाय वो जिम्हें देखा भी नही याद आये तो रुला देते है..!!
आग अपने ही लगाते हैगैर तो सिर्फ हवा देते है…!!
वो रूठी ही रहेगी, उसे खबर भी नहीं होगीमुझे कब? कहाॅं? किस लम्हें दफ़नाया गया
ज्ञान में पूंजी लगाने से सर्वाधिक ब्याज मिलता है।
~बेंजामिन फ्रैंकलिन
राजा की जान
🦜 में है..
लम्बा धागा और लम्बी जुबान केवल समस्याए ही देते है,,इसलिए धागे को लपेटकर और जुबान को समेटकर रखना ही उचित है..."!!
कोई ग़म तेरी मोहब्बत में पराया ही नहींवो भी आए हैं जिन्हें मैंने बुलाया नहीं !!
जो बर्बाद हो गए तेरे इश्क़ में, वो दिन मेरे पढ़ने लिखने के थे ,
बड़ा अजीब खेल खेलता है खेलने वाला
दिन भर बारिश में भीगता रहा छाता ठीक करने वाला
मैंने उसको दिल दे दिया था,हालांकि जरूरत उसको दिमाग की थी.
खूबसूरत तो औरतें होती हैंहम मर्द तोसिर्फ अमीर या गरीब होते हैं
जलने वाले जलते रहो जलना तुम्हारा काम है,हम भी तुम्हे बुझने नहीं देंगे,क्योंकि यह हमारा काम है !
जिन्हें तकदीर रुलाना चाहे ,उन्हें बेक़दरों से इश्क़ हो जाता है.
मुझमें बसने वाले शख्स ने,❣️✨❣️मुझमें रहना छोड़ दिया..!!!
मोहब्बत मेरी आख़री शरारत थीफिर यूं हुआ के मैं बचपन से निकल आया….!
भगवान को जो लिखना था लिख चुके क़िस्मत में,
अब बारी मेरी हैं अपनी किस्मत बनाने की,
कुछ तो लिखा ही होगा,
इन हाथो की लकीरों में बस उसी पे जिंदगी बितानी हैं...
किससे पैमाने वफ़ा बाँध रही है बुलबुल,कल न पहचान सकेगी गुल-ए-तर की सूरत।
मुझे अपने रिश्तेदारों से
उतना ही डर लगता है,
जितना किसी शादीशुदा को
अपने बीबी से