World's Best Cow Hospital English दर्द नहीं, "दवा" बनिये….!!आप बशर रहिए, ना खुदा बनिये..!!(बशर- इंसान) सबको दिलासा देने वाला शख्स, अपने दुखो में हमेशा अकेला रह जाता है... कई बार हम जिस परिस्थिति से बचना चाहते हैं , उसी परिस्थिति में हमारे लिए क़ीमती सबक़ छिपा रहता है … हर प्रॉब्लम के दो सोल्युशन होते हैं:- भाग लो... (run away) भाग लो.. (participate) पसंद आपको ही करना है... तबियत की बात है जनाब , वर्ना जबाब ऐसे दूं कि सवाल ही पैदा ना हो ।। आसमां को गुरूर था कि वो सबका मुकाम हैबारिश को मगर जमीं ही रास आई! दुःख रूप बदलता हैलेकिन खत्म नहीं होता अगर आपकी आत्मा कहती है कि आप सही है ,, फिर दूसरों के गलत ठहराने से गलत नहीं होते..!! मैंने तमाम बुरे लम्हात अकेले गुजारे हैं मैं किसी का शुक्र गुज़ार नहीं हूं! तपस्या अगर पार्वती की थी तो प्रतीक्षा शिव की भी रही होगी उस रात मैं इसलिए भी बहका……..उनकी तरफ़ से भी कुछ इशारे थे…..!! तेरे जानें से ज्यादा फ़र्क नहीं पड़ा जहा दिल होता था अब वहा दर्द होता हैं. अपनी ताकत का परिचय तब दीजिए, जब सामने वाला आपको कमजोर समझने लगे। उस की तस्वीर हटाये तो ज़माना गुज़राफिर भी दीवार से तस्वीर का साया न गया... लिख देने से, कह देने से, बोझ कहां ख़त्म होते हैं ... अपनी पीड़ा के लिए संसार को दोष मत दो अपने मन को समझाओ तुम्हारे मन का परिवर्तन ही तुम्हारे दुखों का अंत है ! जलाकर हसरत की राह पर चिराग़ आरजू के , . . हम तन्हा रातों में तेरे मिलने का इंतज़ार करते हैं...!! मत पूछ मेरी बेबसी का सबब क्या है, पहले पिघलाया फिर पत्थर किया था..!! औरत ने जनम दिया मर्दों को.. मर्दों ने उसे बाज़ार दिया जब जी चाहा मसला कुचला जब जी चाहा घुत्कार दिया वक्त से हारा या जीता नही जाता,केवल सीखा जाता हैं.. 12…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.