World's Best Cow Hospital

ये मेरा इश्क औरों जैसा नहीं…अकेले रहेगें पर तेरे ही रहेगें…!!

आँखों में नींद आए भी तो कैसे आएगी कुछ ख़्वाब कह रहे हैं अभी जागते रहो राघवेंद्र द्विवेदी

“मनुष्य दूसरों की दृष्टि में कभी पूर्ण नहीं हो सकता, पर उसे अपनी आँखों से तो नहीं ही गिरना चाहिए.! ” जयशंकर प्रसाद

वो जो ऊपर बैठा है ना.. जिसे हम सब परमेश्वर कहते है..वो कुछ भी कर सकता है..सिर्फ सब्र और विश्वास रखें

चार दिन की ज़िन्दगी में किससे क़तरा के चलूँ" "ख़ाक हूँ मैं ख़ाक पर क्या ख़ाक इतरा के चलूँ"

मैं केवल दो लोगों को ही सुंदर लगता हूं मम्मी को और कपड़ा बेचने वालों को

जेहन में उसके नाज़ी का नायक इतराता हैपर होंटों से वो गांधी-गौतम को गाता है!

साल भर पहले, पहला ‘मकान’ लिया तुम्हारे साथ ने उसे ‘घर’ किया

✯||मजबूत रिश्ते और कड़क चाय धीरे धीरे ही बनते हैं...||✯ᵈ ✯ᵈ᭄•समंदर...༈

किसी का माथा चूमना ही तो प्रेम है होंठ चुमना तो शारीरिक संबंध हो जाता है

ज़िंदगी शायद इसी का नाम है..दूरियाँ मजबूरियाँ तन्हाइयाँ….!!

कुछ मजबूरियों के हाथों बेबस हो गया हूं वरना मैं भी था लोगों के बहुत काम का

तमन्ना तुम्हें रंग लगाने की नहीं.. तुम्हारे रंग में रंग जाने की है..!! ❣️

बलात्कार को 'पाशविक' कहा जाता है, पर यह पशु की तौहीन है, पशु बलात्कार नहीं करते, सुअर तक नहीं करता, मगर आदमी करता है। हरिशंकर परसाई

वो ख़्वाब रात काचाय साँझ कीबारिश की बूंदें रूमानीवही समां पुरानाधड़कनों से बतियानाबदला नहीं है कुछ भीवही मिज़ाज़ आशिकानाचलो निभाते हैं हम तुमवही पुराना याराना लेकर चुस्कियाँ चाय कीकरेंगे गुफ्तगू शायराना

मूर्ख से बहस करना गाल पर बैठे मच्छर को मारने जैसा है, मच्छर मरे या ना मरे पर आपको थप्पड़ ज़रूर लगेगा।

हर इंसान अपनी जबान के पीछे छुपा है ,अगर उसे जानना है तो उसे बोलने का मौका दो …

लग्ज़री कार का शीशा उतारते कैसे, रईसजादे के बटुए में चिल्लर ही नहीं थे...!!

घमंड किसी का भी नहीं रहा... टूटने से पहले गुल्लक को भी लगता है , की सारे पैसे उसी के हैं...!! अनजान पंछी

सुना है तारीफ के पुल के नीचे…मतलब की नदी बहती है…..!!


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