मज़लूम होते हुए फ़तेह हासिल करना, यह मैंने इमाम हुसैन से सीखा
महात्मा गांधी
ख़्वाहिश ये नहीं कि वो लौट आए मेरे पास,
तमन्ना ये है कि उसे जाने का मलाल हो...
टूटते हुए रिश्तों को बचाइए,
बिना बुलाए अपनों के घर जाइए,
फल-मिठाई ना सही,
कम से कम टमाटर ही ले जाइए।
मैंने ख़त लिख रखा है आँखों मेंआप नजर मिलाकर पढ़ो तो सही
आधुनिकता के नाम पर नंगे हो रहे हैं तन
इसका मतलब जानवर कहीं हमसे आगे है
तुझे पा लूं गर मैंपल भर को भी,
तो पल भर में मैंसदियां बिता दूं।
मांगने से प्रेम नहीं मिलता,
सिर्फ सहानुभूति मिलती है।
जिनके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ होता है
उनके पास रुठने और टूटने का वक्त नहीं होता..
इतना कामयाब हर इंसान को बनना चहिए,
की आपके होते हुए,
आपके मां बाप को किसी और के आगे हाथ न फैलाना पड़े!..
उनकी एक झलक पे ठहर जाती है नजर मेरी कोई
हमसे पूछे हमसफर दीवानगी क्या होती है..!!❤️
फासला इसलिए रखा मैंनेक्योंकि तुम करीब थे हर किसी के…..!!
असत्य है ईश्वर नहीं मारताउसकी निर्माण सत्ता का भवन नहीं बिखरता एक पिता की मृत्यु परथरथरा कर रेत साधड़ाम से गिर पड़ता हैईश्वरीय सत्ता का भवनऔरप्रत्येक मां की मृत्यु परसंतान दृष्टि मेंमर जाता है ईश्वरक्योंकि मां ही ईश्वर का प्रतिबिंब...
नीर बहते है नयनो से नारी के,जब पीर सहा न जाए दिल के,
एक नफरत ही है जिसे दुनिया चंद लम्हो मे जान लेती है
वरना चाहत का यकीन दिलाने मे तो जिंदगी बित जाती है
किरदार बह गया पानी में...
हम तैरते ही रह गए कहानी में..!!
पता नहीं क्यों सब बीवी से डरते हैँ
मैं तो किसी की बीवी से नहीं डरता
ये राते ठहर क्यों नही जाती, नींदों मे ही सही दो पल देख तो लूँ तुम्हे।।
वह लड़कर भी सो जाए तो उसका माथा चूमूं मैं उससे मुहब्बत एक तरफ है उससे झगड़ा एक तरफ।
मैंने ताले से सीखा है साथ निभाने का हुनरवो टूट गया पर चाभी नहीं बदली…!!
मजलूमों के हक़ के लिए लड़ने का जज़्बा और बुलंद हो,
यह साल आपके संघर्षों को और पैना करे !
मुल्क में अमन लाए,
बदलाव लाए !