हम तो पहले से बिगड़े हुए हैं,हमारा कोई क्या बिगाड़ लेगा !
|| शायरों से ताल्लुक रखो तबियत ठीक रहेगी
ये वो हकीम हैं जो अल्फ़ाजों से ईलाज करते हैं ||
कभी बच्चों सी झलकती हैं नादानियां मुझमें,
कभी इतना संभालता हूं की उम्र कांप जाती है..
कभी-कभी थोड़ा पलायन बहुत स्वस्थ होता है।
~ धर्मवीर भारती
मजबूत हूं लेकिन फिर भी टूट जाता हूं
मुझे अपनों का अजनबी लहजा बहुत तकलीफ देता है
धोखा एक ने दिया,नफ़रत सबसे हो गई...
ऐसी बाँणी बोलिये, मन का आपा खोइ।
अपना तन सीतल करै, औरन कौं सुख होइ॥
सोचा था हर मोड़ पर याद करेंगे तुम्हे
लेकिन पूरा रस्ता ही सिदा था..
आ मत जाना अब हम संभल गये हैं ,
यूँ बिखरने का हौंसला बार-बार नहीं होता...
मेरे ख्वाबो का कोई आशियाना नहीं हैं , अपने दर्दों को मुझे मिटाना नहीं हैं , मेरी मजबूरियों का फ़साना भी क्या अजीब हैं , मुझे रोना हैं पर किसी को बताना नहीं हैं ..
लौट आता है मन,अकेलेपन के घोंसले में चिड़िया की तरह...
बुद्धिमान लोग हर चीज पर सवाल उठाते हैं,
मूर्खों के पास हर बात का जवाब होता है।
जैसे जल द्वारा अग्नि को शांत किया जाता है वैसे ही ज्ञान के द्वारा मन को शांत रखना चाहिए।
~ वेदव्यास
मैं वो चिराग हूँ,जो आँधियों में भी रोशन था...खुद अपने घर की हवा ने,बुझा दिया है मुझे...
अब हम जब भी आयेंगे,,
बस याद ही आएंगे..!!
तेरी आँखें नीले आसमान को लज्जित कर देती हैं,
तेरा मुस्काना फूलों को भी फीका कर देता है।
तेरे बालों की लहरों में, समंदर भी खो जाएगा,
तेरी आवाज़ से बुलबुल की चहचहाहट फीकी पड़ जाएगी।
तू है अपनी खूबसूरती में बेमिसाल।
तुझमें सारी सुंदरता...
शिकार है मासूमियत गरीबी की,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान है,
रूपयों का मोह नहीं उसे,
बस दो निवाले में बसती उसकी जान है
बलात्कार को 'पाशविक' कहा जाता है,
पर यह पशु की तौहीन है,
पशु बलात्कार नहीं करते,
सुअर तक नहीं करता, मगर आदमी करता है।
हरिशंकर परसाई
अमूल्य होता है प्यार उसका,भविष्य सजाने में हांथ होता है,बच्चे कि जीत में अपनी जीत देखने वाला,केवल बाप होता है.
हमें गुमान था तुम्हारा होने का
आँखें खुली और सारा भ्रम टूट गया