स्त्री की गोद और पुरुष की जेब,
अगर खाली रह जाए तो दुनियां जीने नही देती..!!
हर सुबह आपका ख्वाब आता है..आंख खुलने से पहले लबों पर..आपका ही नाम आता है….!!
आह जो दिल से निकाली जाएगीक्या समझते हो कि खाली जाएगी
~अकबर इलाहाबादी
खामोशी को चुना है मैंने
क्योंकि बहुत कुछ सुना है मैंने...!!!
इंसान को इंसान की नज़र से तोलिय,
दो शब्द ही सही मगर प्यार से बोलिय।
हालात इंसान को वो बना देते हैं,
जो वो कभी था ही नहीं....
खुशी का असली मौका तब आएगा,जब आप उसे किसी अपने के साथ बांटोगे..!!
सुना आज एक झुठल पार्टी का
तोतला प्रवक्ता कूट दिया गया
देख तेरे "इंतज़ार" में आंखों ने "लहू" छोड़ा है,
"दुनिया" समझती है रगड़ने से "लाल" हुई हैं..!!
विरक्ति
किताबें हमें रोटी नहीं देतीं लेकिन यह बताती ज़रूर हैंकि हमारे हिस्से की…….रोटी कौन खा रहा है !!
अपनी आग को ज़िंदा रखना कितना मुश्किल है, पत्थर बीच आईना रखना कितना मुश्किल है...
"जिंदगी में इतना काबिल बनो" कि भगवान किसी गरीब की मदद करने के लिए तुम्हारी जेब का इस्तेमाल करें !
जो हकीकत में हुआ वो ख्वाबों में कहां था,
जो ज़िंदगी सिखाती रही वो किताबों में कहां था...
सुकून अगर पैसों से खरीदा जाता न साहब
तो प्रेम का कोई अस्तित्व ही ना होता…❤️
चलो अच्छा हुआ कि एक न हो पाये हम, एक हो कर भी कभी तुम कहाँ मेरे होते ~अर्चना अनिरुद्ध
चले जाना चाहता हूँ
बहुत दूर...
जहाँ कोई भी न हो!
चले जाना चाहता हूँ
उन बर्फीली पहाड़ियों के अनज़ान सफ़र पर
जिसका कोई अंत न हो!
मैं ख़ुद को भी भूल जाना चाहता हूँ!
परिन्दों की तरह सब कुछ छोड़
आसमां में उड़ना चाहता हूँ!
इतना दानी नहीं समय जोहर गमले में फूल खिला दे,इतनी भावुक नहीं ज़िन्दगीहर ख़त का उत्तर भिजवा दे,
~ गोपालदास नीरज
राख बेशक हूँ मगर सुलगने की तमन्ना अभी भी है ,
जिसको जलना है वो हवा अभी भी दे सकता है ..!!
भटका हू जीवन कि राहो मे मंजिल कि कोई ठौर नहीएकाकी जीवन जीता हू मेरे पास खुशियां और नहीतुमको साथ ले चलू तो वह बात आन कि आती हैदुखदर्द, कष्ट तुम भी सहो तब बात सम्मान कि आती है
और न...