चाय को तीसरी बार गर्म करके पिओगे
तो जहर बन सकती है
जो आप को बड़े क़रीब से,
जान लेते हैं एक दिन वही आप की जान लेते हैं !!
चाय के दुकान पर इतने छोटे कप हों गए हैं किलगता हैं चाय नहीं पोलियों ड्राप पिला रहे हैं...!
दुःख हमारे नसीब में है, खुशी हमारे नसीब में कहाॅंऔर कोई हमसे प्यार करे इतना, हम खुशनसीब कहाॅं
खैर अच्छा तो कुछ नहीं,
पर जो है सही है..
जिन्दगी कुछ ऐसी मोड़ पे आकर रुक सी चुकी है,की मजबूरी जीने की हो गई है और चाहत मारने की !
तुम अपने अंदर बस इतनी इंसानियत रखो की दूसरे के दुःख को छोटा न मानो.!
अफ़वाहें बहुत थी मेरे बारे में
समय किसको था जो सच टटोले...
रोज़ रोज़ ये मुलाक़ात इत्तफाक तो नहीं
मेरी तरह हुजूर धड़कने बेईमान तो नहीं
कभी कभार मचलता था , अब जियादा है
ये दिल कमीना बड़ा ही हरामजादा है
बहुत से पति पत्नी सिर्फ इसलिए
साथ रहते हैं क्योंकि वो पति पत्नी हैं...
एक सामाजिक बंधन है
सात फेरे लिए है
उन तमाम संस्कारों को पूरा किया है
जो शादी के लिए जरूरी हैं...
अब यहां प्रेम है या नहीं....
इसकी कोई गारंटी नहीं....
वो जो हर दर्द अपने दिल में छुपाए बैठा है
रो पड़ेगा कभी लगना आहिस्ता गले उसके
क्यों अपना दर्द महफ़िल में सुनाया जाए
चलो मुस्कुरा कर सबका दिन बनाया जाए
आभा
वो जो ऊपर बैठा है ना.. जिसे हम सब परमेश्वर कहते है..वो कुछ भी कर सकता है..सिर्फ सब्र और विश्वास रखें
अब मुझे अकेले रहना आ गया है,आप अपने वक़्त का अचार डाल लीजिए...
बस सफ़र के मज़े लो,
मंजिल सबकी मौत है.....
मैं हूं कि जनवरी से आस लगाए बैठा हूं
तुम हों की जून में भी नहीं पिघल रही हों
कभी सुकून की चुस्की
तो कभी उलझन का किस्सा है..!
चाय सिर्फ चाय नहीं
हमारी जिंदगी का हिस्सा है..!!
सुबह का मतलब केवल सूर्योदय नहीं होता,
यह सृष्टि की खूबसूरत घटना है,
जहाँ अंधकार को मिटाकर
सूरज नई उम्मीदों का उजाला फैलाता है।
बहुत आसान नहीं थानज़दीकियों का फ़ासलामीलों तय किया हैअपनों को अपना समझते समझते!