उठाना खुद ही पड़ता है थका टूटा बदन,जब तक सांसे चलती है,कंधा कोई नही देता !
ये कभी मत कहना कि वक़्त मेरे मुट्ठी में कैद है, मैंने मुंह से वापस निकलते निवाले देखें है
गुज़रो जो बाग़ से तो दुआ माँगते चलो
जिसमें खिले हैं फूल वो डाली हरी रहे
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सफ़र में होती है पहचान कौन कैसा है
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ये आरज़ू थी मेरे साथ तू सफ़र करता!
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शुद्धता यदि मन में हो तो भक्ति भी तृष्णा है,ज़िन्दगी संवर जाती है यदि हृदय में कृष्णा है..!!
जिम्मेदारियों के मशवरे मुझे न दो
मैंने भरी जवानी में ख्वाहिशें जला डाली हैं!
अगर दोस्ती आपका सबसे कमज़ोर बिंदु है तो आप दुनिया के सबसे मज़बूत व्यक्ति हैं।
अब्राहम लिंकन
तूफ़ान तेज था
अचानक से आया
हवायें मज़बूत थी
तोड़ना मुश्किल था
मुझे अंदाज़ा था कि
आए बिना मानेगा नहीं
रास्ते बंद करती तो
तोड़फोड़ करता
फिर दो दरवाज़ों को खोल दिया
एक आने का
एक जाने का
और थोड़ा...
जो अधर्म के द्वारे जाएँगे, युगों तक धिक्कारे जाएँगे
हों कर्ण दुर्योधन या दुःशासन, हर युग में मारे जाएँगे
अम्बष्ठ
एक ही शख्स समझता था उसे,
और एक ही शख्स समझता था मुझे !!
फिर ये हुआ की वो भी समझदार हो गया,
और हम उसके सामने बच्चे ही रह गये !!
तेरे होंठों के स्पर्श से मेरा हर ज़ख़्म भर जाता,
भींच कर बाहों में तेरी फूंक से भाप करवाता,
और हम भी कसीदे इश़्क़ के आंखों से पढ़ लेते,
मयस्सर जो तू होती तो तेरा दर्द भी हंसकर पी जाता..!!
विरक्ति
चाहें गणित हो या मोहब्बत,बदनाम तो सिर्फ X होता हैं …!!!
सब्र जितना था कर लिया मैने,
अब तुम ना मिलों वही बेहतर है...
अच्छे शब्दों के प्रयोग से बुरे लोगों का भी दिल जीता जा सकता है।
~ गौतम बुद्ध
तुझसे दरकार थी मसीहाई की
वरना मश्वरे तो वकील भी देते हैं
मिलो कभी फुर्सत निकाल कर, एक दिन बहुत उलझना है मुझे तुम से !
इतरा रहे हो ज़िस्म पर नए हो इश्क़ में
रूह के तलबगार से पाला नहीं पड़ा
बचपन में आकाश को छूता सा लगता थाउस पीपल की शाखें अब कितनी नीची हैं
मैं मुद्दतों जिया हूँ किसी दोस्त के बग़ैरअब तुम भी साथ छोड़ने को कह रहे हो ख़ैर
फ़िराक़ गोरखपुरी
बातों बातों में माँ ने फिर पूछा है ,बेटा, क्या छुट्टी बढ़वाई जा सकती है?