World's Best Cow Hospital

वो वस्त्र पर वस्त्र बदलते रहे.. और इधर प्रजा निर्वस्त्र होती गई

कोई कितना ही बड़ा क्यों न हो, अंधों की तरह उसके पीछे न चलो। स्वामी विवेकानंद

सहनशील होना अच्छी बात है, परन्तु अन्याय का विरोध करना उससे भी उत्तम है !

हालातों ने खो दी इस चेहरे से मुस्कान..वरना जहाँ बैठते थे रौनक ला दिया करते थे…

मेरे जीवन की किताब का सबसे सुंदर अध्याय हैं आप

किसी के साथ धोखेबाजी करके खुश मत होना... तकदीर जब तमाचा मारती है तो वो मुंह पर नहीं... सीधा रुह पर असर दिखाती है...

परिवार और समाज दोनों ही बर्बाद होने लगते हैंजब समझदार मौन और नासमझ बोलने लगते हैं।

वे भगवान हैं जिनको हमनें माँ के रूप में पाया है उनकी गोद स्वर्ग है तो आँचल आख़िरी छाया है

यकीनन जीत जाते तुमसे वफाओं की बात में, हम तो बस तुम्हारी रंजिशों से हारे थे... बेवजह ही तुमपर ऐतबार किया था ख़ता थी हमारी , के हम तेरे सहारे थे...!!

मैं जो कहता था बदलूंगा नहीं कभी खुद कोइन दिनों मैं उस पुराने लड़के को ढूंढ रहा हूॅं !!

जब तू मुस्कुराने की वजह बन सकता हैं, तो रोने की क्यों नहीं .. ??

हम भी बहुत अजीब है,इतने अजीब है कि बस,खुद को तबाह कर लिया,और मलाल भी नहीं हमें..!!

मज़ा तो तब है के तुम हार के भी हँसते रहो,हमेशा जीत ही जाना कमाल थोड़ी है

भटकी है रूह मेरी आज तलक उसके प्यार में, जिसने किया था वादा रूह को रूह से जोड़ देंगे..!!

तुम छा गए हो कोहरे की तरह मेरे चारों तरफ ना कोई दूसरा दिखता है ना देखने की चाहत हैं..!!

कुछ साल सुखों को ताक रखना पड़ेगा खुद को खुद की औकात पर रखना पड़ेगा।नीदें तुम्हें हर रात सुला देना चाहेंगी मगरतुम्हें पहरा किताब पर रखना पड़ेगा ।।

काश ये सिर्फ शायरी ना होकर हकीकत हो जाती, जी भरकर देख लेता तुझे अश्कों की बरसात हो जाती..!! विरक्ति

जिंदगी का सबसे खूबसूरत एहसास है.."किसी की खुशी का कारण बनना"…..!!

ज्यादा अच्छे मत बनो अच्छे से इस्तेमाल कर लिए जाओगे !

मेरा धर्म बड़ा इस दंभ मे गला अपनो का रेत रहे,पहले मकां थे जो इंसान वो अब केवल खेत रहे, शमसीर सी वाणी दिल मे नफरत कि आग है,कैसे रौशन होगा गुल यहा हर इंसान नाग है, और अपने स्वार्थ मे निर्दोषो...


Concept, Created & Designed by sureshjain.com


© copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.

Translate »