अपने पैरों पे खड़े होकर मरना..
घुटने टेक के जीने से कही बेहतर है..!!
ख्वाब कुछ तुमने तोड़ दिए ,
बाकी मैंने देखने छोड़ दिए ..!!
रूपया व्यक्ति का,
रवैया बदल देता हैं।
औरतें आंसूओं की झीलों से हरी रहती हैं ,
दूध और खून तो औलाद में बट जाता है
अहंकार स्वाभाविक हैविनय सीखना पड़ता है
~ अज्ञेय
सकारात्मक विचार कड़वे जरूर होते हैं
मगर इनका परिणाम हमेशा सुखद होता है।
इंसान का कर्म ही उसे सुल्तान बनाती है
जरुरी नहीं है हर किसी के पास डिग्री हो..
पलकों से रास्ते के कांटे हटा देंगेफूल तो क्या हम अपना दिल बिछा देंगेटूटने न देंगे हम इस प्यार को कभीबदले में हम खुद को मिटा देंगे 🌶
दवा की बोतलाे में प्यार भर के बेचो यार,
लोग बीमारी से नहीं तन्हाई से मारे जा रहे हैं...
राजा महराजाओं कि रियासतें भी खाक में मिली हैं,
दौलत, रूतबा, प्रतिस्पर्धा सब इसी राख में मिली हैं..!!
तुम वही हो जो तुम सोचते हो !
पहाड़ पर चढ़ो तो पहाड़, पहाड़ नहीं रह जातानदी पार कर लो तो नदी, नदी नहीं रह जाती
लेकिन आदमी कोजितना समझते जाओउतना वह मुश्किल होता जाता है।
~ विष्णु नागर
शिकवे इतने हैं किताबे लिख दूं,
सब्र इतना है कि एक लफ्ज़ भी ना कहूं...
हम अकेले रहने वाले लोग
किसी को साथ देख कर क्यूं जलेंगे..
लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होतीबस एक माँ है जो मुझसे ख़फ़ा नहीं होती
सफलता यूँ ही क़दम नहीं चूमतीथके हों पाँव फिर भी चलना पड़ता है
"वक्त की पाबंदी सभ्यता की पहली निशानी है…।"
वक्त का तकाजा देखिए
महसूस कीजिए
हो रहा रदोबदल
कुछ अच्छे कुछ बुरे
महसूस तो कीजिए
दौर था सुनहरा
आपस की सहभागिता
एक दूजे का साथ
न जातीय विभेद
बदला बदला आबो हवा
बढ़ गई दूरियां
अलग थलग राग लिए
जातीय...