माँ बनने की पीड़ा एक बाँझ औरत बख़ूबी जानती है, गर्भ में संतान न होने का दर्द प्रसव पीड़ा से भी ज़्यादा असहनीय होता है।
किसी को मनाने से पहले ये ज़रूर जान लेना,कि वो तुमसे नाराज़ है या परेशान ।
किरदार पे अगर बात आई तो याद रखनाबेरहम इंसान के साथ गालियों में PHD करके बैठा हूं
देखना तुम्हारी भी शाम न हो जाए एक दिन..!!💔
आंखें मुसलसल यूं ही बहती रहती है ठंड हो या बरसात ,
बारिश यह ठहरती ही नहीं जब से तुमने पाई निजात...
मालती
डरता है ज़माना मुझसे..... जब मैं उसके पीछे और वो मेरे आगे चलता है..!!
हालात कह रहे है अब वो याद नही करेंगेओर उम्मीद कह रही है थोड़ा और इंतजार करेंगे
सबका ख़ुशी से फासला एक कदम हैं ,हर घर में बस एक ही कमरा कम हैं ..
~ जावेद अख्तर
चांद नहीं, सूरज नहीं,एक छोटा सा ख्वाब मांगा था,इक उम्र नहीं, कुछ साल नही,दो पल का साथ मांगा था,कोई नाम नही, कोई लफ्ज़ नही,बस इक एहसास तो मांगा था।।
न हो सका तुमसे इतना भी,कुछ ज्यादा नहीं…बस बेकरारी में करार मांगा...
रेल की तरह गुजर तो कोई भी सकता है...
इंतजार में पटरी की तरह पड़े रहना ही असली इश्क है..!!
एकांत से मुझें मोहब्ब्त हो चली हैं,तुम बड़ी देर से आये हो...
काश मेरी किस्मत….कोरे कागज जैसी होती…..जिस पर मैं रोज खुद लिख पाती…!!
कोशिश आखरी सांस तक करनी चाहिए, या तो लक्ष्य हासिल होता है या अनुभव
गैरों पर कौन गौर करता है , बात जब भी चुभती है अपनों की चुभती है...
कैसे थे और
कैसे हो गये हैं हम ?
खुद को ढूँढते ढूँढते
खुद में ही खो गये हैं हम ..
ना जाने क्या लिखा हैं
किस्मत की लकीरों में ?
धड़कनों से जिंदा हैं
पर दिल से सो गये हैं हम ..
तमन्ना तुम्हें रंग लगाने की नहीं..
तुम्हारे रंग में रंग जाने की है..!!
❣️
चलो हकीक़त से थोड़ी मुलाक़ात करते हैं ,जितनी औकात बस उतनी ही बात करते हैं !!
जुबान खराब होना दिमाग
खराब होने की पहली निशानी है
तुम अपने अंदर बस इतनी इंसानियत रखो की दूसरे के दुःख को छोटा न मानो.!