सोने से पहले इक काम तुम कर देना. तक़लीफ देते हैं ख़्वाब आने से पहले जगा देना. ~ मालती
इन्तज़ार मत करो
जो कहना है कह डालो
क्योंकि हो सकता है
फिर कहने का कोई अर्थ न रह जाय...!!
बेहिसाब उधड़ी पड़ी हैं ख्वाहिशों की चादरें
कोई दर्जी सलीखे का शहर में बिठाया जाए!
सिगरेट के धुंए से भर गया था कमरारात को उसकी तलब जोर की लगी थी…
जब जब तुम ख़फा हुए हो मुझसे, तब तब ख़फ़ा हुई हूँ मैं खुद से
बचपन के घाव अच्छे थे,बस घुटनों पर ही लगते थे..
वह नास्तिक है, जो अपने आप में विश्वास नहीं रखता।
स्वामी विवेकानंद
भरोसा टूटा है वहम की सफाई मत दो
कहीं और जाकर मुंह मारो हमें सफाई मत दो
कोई तो जिद करे हमसे भी मिलने की ,
हमें भी महसूस हो हम भी आरजू है किसी की ..!!
कोई हुनर है तो एक दफा आज़मा लीजिये खुद को..
ये जिंदगी है , दुबारा सिर्फ कहानियों में मिलती है!!!
शीत लहर के स्पर्श से
जब मन झंकार उठा
मधु कूक कोयल से
जब हृदय में ज्वार उठा
तब शब्द हार पहन
विरही मन मुख से कविता गान उठा
जो युद्ध नहीं कर सके..
उन्होंने आत्महत्या कर ली ॥
पुरुष सफ़ल रहे जीवन में या असफल रहे... वो हर परिस्थिति में एक छली गई स्त्री या टूटी हुई स्त्री के जीवन को बदल सकता है उन्हें सकारात्मक कर सकता है और सहायता करने को तत्पर रहता है, परंतु स्त्री...
फिक्र से चेहरे कि चमक मिटा लेती है,गंदी नियत लबों से उसके मुस्कान हटा लेती है,
पीड़ा भी झलकती है उसकी आंखों में,लेकिन खुद को वो निःशब्द बना लेती है,
और अपनी औकात से ज्यादा सहती है वो,अपमानित हो चरित्र तो खुद...
मित्रता बड़ा अनमोल रतन
कब उसे तोल सकता है धन?
धरती की तो है क्या बिसात?
आ जाय अगर बैकुंठ हाथ
उसको भी न्योछावर कर दूँ,
कुरूपति के चरणों में धर दूँ।
सिर लिए स्कंध पर चलता हूँ,
उस दिन के लिए मचलता हूँ,
यदि चले वज्र दुर्योधन...
कल मैं चालाक था, इसलिए मैं दुनिया बदलना चाहता था, आज मैं बुद्धिमान हूँ, इसलिए मैं अपने आप को बदल रहा हूँ।
दुनिया में कोई गलत नहीं होता, उसके लिए वो सही है हमारे लिए हम सही है !!
खुद की कीमत गिर जाती है...
किसी और को कीमती बनाते बनाते..!!
झूठे लोग आगें बड़ गएहम बेवकूफ सच बोलते रह गए !!
आज की सुबह खास है बादल का वो टुकड़ा बारिश के साथतेरी यादों की फुहार भी लाया है मैं खुद को आज सींचूँगीमन में बसी विरह की तपिशको इन गिली बूंदो सेकुछ नयी कलियाँ कुछ नये सपनेकुछ नये से तुम...