सच है, विपत्ति जब आती है,कायर को ही दहलाती है,शूरमा नहीं विचलित होते,क्षण एक नहीं धीरज खोते,विघ्नों को गले लगाते हैं,काँटों में राह बनाते हैं।
अहमियत देने पर
लोग इतराते बहुत है...
तबियत अपनी घबराती है जब सुनसान रातों मेंतो ऐसे में तेरी यादों की चादर तान लेते हैं
~फ़िराक़ गोरखपुरी
हम खड़े वहां होते हैं जहां बैठने को जगह नही होती...
मोहब्बत ज़िंदगी के फैसलों से
लड़ नहीं सकती....
किसी को खोना पड़ता है....
किसी का होना पड़ता है....!!
आईने पर यक़ीन रखते हैं ,
वो जो चेहरा हसीन रखते हैं
आंख में अर्श की बुलन्दी है ,
दिल में लेकिन ज़मीन रखते हैं ।
आँख के अंधे को दुनिया नहीं दिखती,
काम के अंधे को विवेक नहीं दिखता,
मद के अंधे को अपने से श्रेष्ठ नहीं दिखता,
और स्वार्थी को कहीं भी दोष नहीं दिखता।
चाणक्य
लड़की सिर्फ अपने पसंदीदा लड़के को ही, छोटी छोटी बातो पे ताना मरती हैं ..
लड़कियों को Respect देनी चाहिए,
Line तो बिजली वाले भी देते हैं..!!
ख़ुशी बिकती नहीं बाज़ार में
देख तेरे ही भीतर तो छुपी है
ज़रा सा हंस ज़रा सा मुस्कुरा
देख ज़िंदगी कितनी हसीं है
किसी की परवरिश पर उंगली उठाने से पहले स्वयं के संस्कारों का भी आंकलन कर लेना चाहिए...
बहुत नज़दीक आती जा रही हो ,
बिछड़ने का इरादा कर लिया क्या ..!!
जौन एलिया
पिता वो दीपक है, जो खुद जल जाता है
और अपने बच्चे को प्रकाश देता है ।।
दर्द नहीं, "दवा" बनिये….!!आप बशर रहिए, ना खुदा बनिये..!!(बशर- इंसान)
नियत सच्ची होनी चाहिए, चेहरे तो अक्सर झूठ बोलते हैं...
कितना अजीब हैं .. दर्द उसका हैं, और उस दर्द की चीख मेरे कानो में गूँजती हैं ...
लड़की खूबसूरत हो, लेखिका हो, उम्र में बड़ी हो, हाईट में 'छोटी' हो, काजल लगाती हो और नोज रिंग पहनती हो, तो उससे इश़्क कैसे न हो…❤️
कुछ दर्द जो अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं, आंखों से पानी बन निर्झर नदियों से बहते हैं । समझ ही नहीं पाती,किसी को नही कह पाती, इस जीवन से अब कुछ और नही चाहती ।
मैं तुम्हरे साथ हूं कहने में और,रहने में बहुत फर्क होता है….
अच्छा इंसान तो अपने जुबान से ही जाना जाता है,वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती है..!!