World's Best Cow Hospital

विरह कि आग में जल रही, अपनी ज़िन्दगी को खींच रहा हूं, बंद हो चुकी अपनी प्रेमग्रंथ के, जज्बातों को सींच रहा हूं..!! विरक्ति

पहाड़ तोड़ने का साहस तो हर इंसान में है, पर वो डरता है "कामयाबी" के पहले पागल घोषित किए जाने से।

सिपाहियों बैरिकेड लगवाओ मेरे किसान आये हैं मेरे किसान आये हैं नुकीले भाले बिछवाओ मेरे किसान आये हैं मेरे किसान आये हैं भक्तों गालियाँ बरसाओ मेरे किसान आये हैं मेरे किसान आये हैं

आज शाम है बहुत उदासकेवल मैं हूँ अपने पास। ~ भगवतीचरण वर्मा

जब मैं था तब हरि नहीं, अब हरि हैं मैं नाँहिं। सब अँधियारा मिटि गया, जब दीपक देख्या माँहि॥

ना वो मुझे मिली, ना मैं किसी और से मिल पाया...

नहीं है प्यार उससे अब नहीं है मगर वो शख़्स प्यारा आज भी है

बीवी मेरी शरारती होनी चाहिए क्योंकि शरीफ़ तो मैं खुद हूं

आंखें मुसलसल यूं ही बहती रहती है ठंड हो या बरसात , बारिश यह ठहरती ही नहीं जब से तुमने पाई निजात... मालती

उन हसीन चेहरों पे लानत, जिनके दिल स्याह और सोच गलीच हो।

थक जाता है इंसान "ख्वाहिशें" पूरी होने से पहले,कभी परिस्थितियां मार जाती हैं तो कभी ज़िम्मेदारियां..!!

विनय विफल हो जहाँ, बाण लेना पड़ता है। स्वेच्छा से जो न्याय नहीं देता है, उसको एक रोज आखिर सब-कुछ देना पड़ता है।

अकेले आए थे अकेले जाना हैं, तो अकेले रहने से परेशानी कैसी...

मुस्कुराना इतना भी मुश्किल नहीं हैंबस तुम्हारे बारे में सोचना ही तो है !!

दौलत हुनर में बदल देती है ऐबों को, दो लात ऐसी दौलत पे जो सितम करती हो मजलूमों पे।

लफ्ज़ करेंगे इशारा जाने का……!!!🦋तुम आँखें पढ़ना और रुक जाना….

तुम्हारी ख़ातिर तो बदला मैंने खुद को। फिर तुम....किसकी ख़ातिर बदल गए

अल्फ़ाज़ नहीं रहे शेष अब, विचारधारा भी है शून्य, मस्तिष्क में है उथल-पुथल, आवेश भी लगता पुन्य..!! विरक्ति

तजुर्बा मेरी आँखों में देखिए हरकतों से, मैं आज भी बच्चा हूँ...!!

वक्त भी कैसी पहेली दे गया उलझने सौ और जान अकेली दे गया


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