किसी की परवरिश पर उंगली उठाने से पहले स्वयं के संस्कारों का भी आंकलन कर लेना चाहिए...
दर्द मिलता रहेगादिल मजबूत रखना….!!
यदि आप उड़ना चाहते हैं, तो वह सब कुछ छोड़ दें जो आपको नीचे खींचता है।"
बुद्ध
तुझे पा लूं गर मैंपल भर को भी,
तो पल भर में मैंसदियां बिता दूं।
मुकम्मल नहीं हुआ "इश़्क़",
इसलिए आज "शायर" बना बैठा हूं,
अपने कल के "हालातों" से हार कर,
मैं आज "कायर" बना बैठा हूं,
और हर "कसौटी" पर खरी उतरी वो,
तो "मोहब्बत" को क्या दोष देते,
मैं खुद "मुकद्दर" से चोट खा कर,
आज यहां "अधमरा" बैठा...
इतनी शिकायत, इतनी शर्तें, इतनी पाबन्दी
तुम मोहब्बत कर रहे हो या एहसान?
यक़ीनन सूरज चढ़ेगाइस रात का रंग उतरेगा
इश्क हारा है तो दिल थाम के बैठें क्यों हो ,
तुम तो हर बात पे कहते थे कोई बात नहीं ।।
उसूलों पे जहाँ आँच आये वहां टकराना जरूरी है, जो जिन्दा हों तो फिर जिन्दा नजर आना जरूरी है !
कीलें लगवा दो उस दहलीज़ पर
जहां की नींव नफ़रत से भरी हो।
उन्होंने कहा चाय में चीनी कितना डालू,मैंने बोला बस आपने छु लिया चाय मिठी हो गयी।
मेरे लिए इतिहास केवल
हमारे मिलन की बेला रही ,
और गणित तुम्हारा
मुझ से रूठने मनाने का फलसफा ,
भूगोल की कक्षा मे
मैंने केवल तुम्हारी मुझ से दूरी
को ही नापा ,
मैंने तुम्हारे प्रेम मे अपने
वाक्यों का पूर्णविराम कभी
नही खोजा 🙂
मेरे हर सवाल...
समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये,
किसी व्यक्ति विशेष का नहीं….!!
अगर भाई से कुछ बांटना चाहते हो तो,विपत्तियां बांटो, संपत्ति तो सब बांटते हैं..!!
भूल कर भी अपने दिल की बात किसी से मत कहना,
यहाँ कागज भी जरा सी देर में अखबार बन जाता है।
जितना कम सामान रहेगा उतना सफ़र आसान रहेगा!
~गोपालदास नीरज
आधुनिकता के नाम पर नंगे हो रहे हैं तन
इसका मतलब जानवर कहीं हमसे आगे है
परेशान सब है ,कुछ सच में , कुछ सच से...
चरण कमल राधा रानी के, जहाँ जहाँ पड़ जाएं,
मिट्टी के कण भी झूम झूम, बस राधे राधे गाएं !!
मेरे मयार को गिराने का सोच भी मततेरे किरदार में इतना दम नहीं मेरे मयार को हिला भी सके.