कुछ चीज़ों को अधूरा ही छोड़ना पड़ता है
हर बार परिस्थिति अनुकूल नहीं होती!
जिंदगी में सिर्फ पहली बार,
इतना ही कहा है मैंने
बहुत मजबूत रिश्ते थे,
बहुत कमजोर लोगों से...!
जब दिल किसी एक पर ठहर जाए तो..ज़ेहन किसी और को कुबूल नहीं करता..!
गोबर पर चांदी का वर्क लगाने से हलवा नहीं बनता!!
तुमसे प्रेम करने के बाद महसूस हुआ है कि तुमसे बात करने से अक्सर मैं अपनी सारी परेशानियां,मुश्किलें भूल जाया करती हूं,जैसे एक सुकून का अनुभव होता है,जब तुम पास होते हो तो ऐसा लगता है जैसे ईश्वर से की...
मिलो कभी फुर्सत निकाल कर, एक दिन बहुत उलझना है मुझे तुम से !
आँसुओं से शिकायत यूँ कर के भी क्या
दर्द चेहरे से भी तो छलक जाता है
अम्बष्ठ
कभी इसका दिल रखा
और कभी उसका दिल रखा
इसी कशमकश में भूल गए
खुद का दिल कहाँ रखा
यदि मंज़िल न मिले तो रास्ते रोक लो…
क्योंकि 💓 अपनी सट्रेजी बदलते हैं कूडी नहीं...
इबादत में बैठे हुए लोगों को मारने पीटने का काम
शैतानों का होता है इंसानों का नहीं...
ख्वाब टूटें हैं मगर हौसले जिंदा हैं... हम वो हैं जहां मुश्किलें शर्मिंदा हैं....!!
जब किसान के बेटे को गोबर में बदबू आने लग जाए तो समझ लो कि देश मे अकाल पड़ने वाला है। ~ प्रेमचंद
मेरे ज़ख्मों को उसने तब और ताजा कर दिया,जब उसने मेरे दोस्त से निकाह का वादा कर दिया..!!
अल्फ़ाज़ नर्म पड़ गए और लहज़ा बदल गया,
लगता है कुछ ज़ालिमों का इरादा बदल गया…!!
ज़िंदगी इक़ बुरी बला है तो इन बलाओं से जूझते है
मौत इक़ हल नही चलो ख़ुद की ख़ता'ओ से जूझते है
ज़रूरत के हिसाब से अल्फ़ाज़ तलाश लाते हैं,हम तो शायर हैं,सबके दिल की जान जाते हैं।
जिंदगी रेल सी गुजर रही है,और उम्मीदें स्टेशन सी छूट रही है।
जीवित लोगों से अधिक फूल प्राप्त होते है मृत लोगों को,क्योंकि…आभार से अधिक ताकतवर है अफ़सोस।
उसने हमें छोड़ा शायद कदर नहीं थी इश़्क़ की,हम अपनी वफाओं के बादशाह तो आज भी हैं..!!
जो डरा ही नहीं मुझे खोने से
वो क्या अफसोस करेगा??
मेरे ना होने से...