World's Best Cow Hospital

दूर होने के फ़ैसले, काफ़ी क़रीब आ जाने के बाद लिए जाते हैं.

घना जंगल, अंधेरी रात, रास्ते भी सुनसान हैं,कैसे मिले मंज़िल जब खौफनाक हर इंसान हैं..!!

सबूत तो गुनाहो के होते है !बेगुनाह मोहब्बत का क्या सबूत

रात इकाई नींद दहाई ख़्वाब सैकड़ा दर्द हज़ार!

सोचती हूं, खुद से इश्क करूं मैं अबऔर खुद में ही मुकम्मल हो जाऊं इधर- उधर झांकने के बजाय,खुद के मायने समझ जाऊं मैं अब

बोलना सीखिएवरना ज़िंदगी भर सुनना पड़ेगा।

उनकी भी क्या इज्ज़त करना, जिनकी हरकते कुत्तों जैसी हो।....

ये जो तुम कहते हो कोई नहीं अपना,कभी ख़ुद से पूछो क्या तुम किसी के हो पाये.

कितना ख़ास बनाया था हमें ईश्वर ने हम कितने आम बन गए हैं मशीनों से ग़ुलामी कराते कराते मशीनों के ग़ुलाम बन गए हैं

जब भी तुमको देखती हूँ तुम्हें ख़ुद को देखते हुए पाती हूँ मेरी नज़रों में तुम नज़र आते हो तुम्हारी नज़रों में, मैं नज़र आती हूँ

जीवन को बहुत क़रीब से देखने के बाद अब मैं हमेशा तैयार रहता हूँ, जो छूटना है छूटे, जो टूटना है टूटे, मैं अपने दोनों हाथों को हमेशा खुला रखता हूँ, जिसका जब तक मन करे अपना हाथ इन हाथों पर धरे या...

महल मेरा रेत का बनवाते हो और पता बारिश को देते हो....!!

नफरत नहीं करूंगा तुमसे माफ करके शर्मिंदा करुंगा।

सुनो ये हकीक़त बहोत पुरानी है चाय आज भी दिल की राजधानी है...

थक चुका हूं इन पुराने अल्फ़ाज़ों से खेलते खेलते, तुम मेरे दिल से खेल कर एक नया शब्दकोश उपहार कर दो..!!

नींद से इतना भी प्यार न करो कि मंज़िल भी ख्वाब बन जाए !

कौन रखेगा मेरे होठों पे उंगली अपनी..कौन बोलेगा "नहीं, ऐसा नहीं कहते"..

प्यार नहीं था वो था वो बस एक दिखावा, छला दिल को उसने ऐसे दिया दर्द मुझे ज़िंदगी भर का !!

बिछड़ते वक्तगले लग कर इश्क़ वाले अपनी रूह इक दूसरे मेंछोड़ आते हैं।

उम्र कुछ नही कहती.. कारनामे हैसियत बता देते है..!!


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