सरफिरे लोग हमें दुश्मन-ए-जां कहते हैं,
हम जो अपने मुल्क की मिट्टी को भी #माँ कहते हैं...
फर्क करना ज़रा मुश्किल लगा था,जब चेहरे अपनों के गैरों से ही मिलने लगे थे…!
जो चराग़ों को बुझाने की हिमाक़त करते हैं
ज़िंदगी-भर उन के हिस्से रौशनी आती नहीं
राघवेंद्र द्विवेदी
नर हो न निराश करो मन को कुछ काम करो कुछ काम करो।
मैथिलीशरण गुप्त
जिस काम से आपका घर चलता हो,उस काम को करने से कभी शर्म मत करो।
कितना दर्द है आज दिल में दिखाया नहीं जाता,किसी को अपनी बर्बादी का किस्सा सुनाया नहीं जाता... एक बार जी भर के देख ले इस चहरे को ओ बेवफा सनम,क्यूंकि बार बार कफन उठाया नहीं जाता...!!
हो सके तो समझाना मुझे,
वर्ना गलत समझ कर भूल जाना..
मशहूर तुम आज भी हो मेरे नाम सेपहचान तुम्हारा आज भी है मेरे नाम सेवेवफाइ का चादर ओढ़ तुम आए थे मेरे पासले कर चली गई सारी खुशियांखुदा ने जो रखा था मेरे नाम से…..
शहर में रहकर...वो सोशल मीडिया पे फादर्स डे का जश्न मना रहा था, उधर गांव मे एक बूढ़ा बाप आज भी टकटकी लगाए बैठा है !!
इतेफाक से तो नही हम दोनो टकराए कुछ तो साजिश खुदा की भी होगी
आदमी मुर्दे को पूजता है,अस्थियां पूजी जाती हैं।राख पूजी जाती है।लाशें पूजी जाती है।तिरस्कार होता है।और जीवंत का आदमी अद्भुत है।
मजबूत हूं लेकिन फिर भी टूट जाता हूं
मुझे अपनों का अजनबी लहजा बहुत तकलीफ देता है
इंसान का कर्म ही उसे सुल्तान बनाती है
जरुरी नहीं है हर किसी के पास डिग्री हो..
तर्क किये बिना किसी भी बात को आँख मूंदकर मान लेना भी एक प्रकार की गुलामी है
भगत सिंह
खुद में ढूंढता हूं दुनिया भर की खुशी ,
दुनिया में ढूंढना महंगा सौदा होगा यही..!!
जीवन में दुःख और आनंद दोनों आते रहते हैं, इन्हें स्वीकार करो और आगे बढ़ो
नूर दिखेगा नही चहरे पर
ना होगी चमक आंखों में
एक दफ़ा आईने में देखो खुद को
कितना फरेब छुपा है बातों में
कितना,और कितना बोलोगे झूठ ख़ुदसे...
हो ही नही सकता की खुशी मिलती हो खैरातो में
स्वीकारो तो...
चल के आई है मेरे पास, तो कुछ ऊँचा मांग
चाँद तारे तो मेरे चेले भी ला सकते हैं ..!!
तुम्हारी नामर्दानगी बुजदिली,
एक दिन इस देश की तबाही का कारण बनेगी।
जिंदगी में एक ही उसूल रखों ,जहाँ कदर नहीं वहां कदम मत रखों …