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World's Best Cow Hospital

पसंद आईं कुछ भी चीज़ें,ज़्यादा देर तक ठहरती नहीं हैं…

एक ही शख्स समझता था उसे, और एक ही शख्स समझता था मुझे !! फिर ये हुआ की वो भी समझदार हो गया, और हम उसके सामने बच्चे ही रह गये !!

हिचकी यादों की नागरिकता है।

बेफिकर है हम जो आईना सा किरदार रखते हैंफिकर वो करें जो हजार चेहरे रखते हैं.!!

कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता गोपाल दास नीरज

तकलीफ़ों से लदे तजुर्बे…अक्सर बेज़ुंबा रहते हैं.!

वो जो है ही नहीं हक़ीक़त में उससे कैसे कहें के घर आए आसमां पे उसे निहारेंगे जिसको मिट्टी में दफन कर आए

अहंकार करने पर इंसान की प्रतिष्ठा, वंश वैभव तीनों ही समाप्त हो जाते हैं।

ज़िंदगी ने सवाल बदल डाले,वक्त ने हालात बदल डाले,हम तो आज भी वही हैं जो कल थे,बस लोगों ने अपने जज़्बात बदल डाले!

ये दबदबा, ये हुकूमत, ये नशा, ये दौलतें, सब किरायेदार हैं, घर बदलते रहते हैं...!!

चश्मदीद अंधा बना‚ बहरा सुने दलील; झूठों का है दबदबा‚ सच्चे हुए ज़लील।

उम्मीद हाथ पकड़ने की है,और लोग हैं कि कमज़ोर नस पकड़ते हैं।

अगर मैं सबके जैसा होता, तो यकीन करो इतना परेशान ना होता...

" ऐब " भी बहुत है मुझमे , और " खूबियां " भी , ढूँढने वाले तू सोंच , तुझे क्या चाहिये मुझमे ..!!

ढल चुका है सूरज चांदनी भी खो रही है, मेरे साथ तेरी याद में, ये रात भी रो रही है..!! विरक्ति

हर चेहरे पर नक़ाब है, ये दौड़ बहुत खराब है...!!

अभी माचिस है तेरे हाथ में , तू जितने चाहे घर जला ! पर हवा के मिज़ाज से खौफ़ खा , कहीं तेरा घर भी न दे जला !!

इतिहास और वर्तमान साक्षी हैं युद्ध का प्रमुख कारण सदैव भूमि और धर्म ही रहा है

तेरे होंठों के स्पर्श से मेरा हर ज़ख़्म भर जाता, भींच कर बाहों में तेरी फूंक से भाप करवाता, और हम भी कसीदे इश़्क़ के आंखों से पढ़ लेते, मयस्सर जो तू होती तो तेरा दर्द भी हंसकर पी जाता..!! विरक्ति


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