लफ्ज़ टूट टूट कर निकल रहे है ज़हन से,
पक्का दिल मे कोई हादसा जबरदस्त हुआ है….!!
दर्द नहीं, "दवा" बनिये….!!आप बशर रहिए, ना खुदा बनिये..!!(बशर- इंसान)
फॉर्मल कपड़ा अच्छा लगता है,रिश्ते नहीं।
एक तरफ दुनियाँ चांद पर भी जा रहीं है,
दूसरी तरफ जाति से बाहर विवाह नही होता !
आप सारे फूलों को कुचल सकते हो
मगर बसंत का आना नहीं रोक सकते!
खयालों के रिश्तें क्या जानें
रूह से जुड़े रिश्ते क्या होते हैं..!!
क़दम क़दम पर चेहरे आलीशान मिले,
लेकिन बेहद कम अच्छे इंसान मिले...
एक बार अच्छी खासी लड़ाई के बाद तुमने कहा था कि" एक समय बीत जाने के बाद तुम्हें समझ आएगा कि मुझसे अधिक प्रेम तुम्हें कोई ना कर सका और तब तुम मुझे ढूंढोगी, मेरे उस प्रेम को याद करोगी,...
जब विश्वास टूट जाता है तो,
क्षमा का कोई मतलब नहीं हैं।
चढ़ते सूरज के पुजारी तो लाखों हैं 'फ़राज़'डूबते वक्त हमने सूरज को भी तन्हा देखा
~ अहमद फ़राज़
https://youtu.be/8b9Rh9XHihw
आग उगलते न्यूज चैनल्स, जहर बाँटते अख़बार,
बहुत हुआ अब बंद करो, नफरत का कारोबार!