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World's Best Cow Hospital

रूद्र हुँ,महाकाल हुँ,मृत्यु रूप विकराल हुँ,नित्य हुँ, निरंतर हुँ, शांति रूप मे शंकर हुँ, शांति का श्रृंगार हुँ,मै क्रोध का अंगार हुँ, घनघोर अंधेरा ओढ़ के मै जन जीवन से दूर हुँ,शमशान मे नाचता मै मृत्यु का गरूर हुँ, शाम दाम तुम रखोंमै...

इश्क की सुई से जहर रगो में उतारा गया हैमें भी हसमुख था मुझे जहरीला बनया गया है

चल ग़ालिब कहीं और चलते हैंयहां हर नागिन के पीछे दो नाग बैठे हैं

बुद्धिमत्ता की पुस्तक में.. ईमानदारी पहला अध्याय होता है..!!

धन दौलत को चाहने वाला बिखर जाता है, और महादेव को चाहने वाला निखर जाता है !

गरीब की थाली में पुलाव आ गया हैलगता है शहर में चुनाव आ गया...

दूसरों के लिए न सही, खुद के लिए तो अच्छे बनो।

रूख से हटाकर ये पर्दा हमसे मिला करोहोंने से पहले रूखसत गले से लग जाया करो और मैं किस जुबां में करूँइज़हार तुमसे ये इश्क़ अपना कभी तो यार मेरी इन बेचैनियों सेहाल मेरा समझ जाया करो

ये झुमके , ये काजल , ये लाली ,और लोग कहते हैं , कि चाॅंद ख़ूबसूरत हैं..!! ⊰𖤍⊱┈─

बढ़ रहा है ज़िंदगी का कैनवस हर दिन मगर रंग गहरा अब नहीं दिखता किसी तस्वीर में राघवेंद्र द्विवेदी

हजारों की भीड़ में भी पहचान लेते हैं,पापा कुछ कहे बिना ही सब जान लेते हैं..!!

बेवफ़ाओं के तो बन जाते हैं हज़ारों महबूब, निभाने वालों का कब कौन यहाँ होता है


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