गलतियाँ ज़रूर माफ कर देनी चाहिए,
पर चालाकियाँ नहीं……..
वही फिर मुझे याद आने लगे हैंजिन्हें भूलने में ज़माने लगे है
इंतज़ार करने वालों को उतना ही मिलता है,
जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं!
"मर्यादाओं" के सारे द्वार तब शर्मशार हो जाते हैं,
जब "दुशासन" जैसे महानीच अस्मत को ढाल बनाते हैं,
और वो महिमा थी द्वापर की, जो लाज बची थी "द्रौपदी" की,
अब कौरव निर्वस्त्र भी कर दें तब भी "कृष्ण" नहीं आते हैं..!!
विरक्ति
ठहरी हुई ख़्वाहिशों की बंद किताब हूँ मैं..ज्यादा तो नहीं मगर खुद में ही, बेहिसाब हूँ मैं..!!
अहमियत दी तो कोहिनूर खुद को मानने लगे,
कांच के टुकड़े भी क्या खूब वहम पालने लगे.
मशहूर तुम आज भी हो मेरे नाम सेपहचान तुम्हारा आज भी है मेरे नाम सेवेवफाइ का चादर ओढ़ तुम आए थे मेरे पासले कर चली गई सारी खुशियांखुदा ने जो रखा था मेरे नाम से…..
नाराज़गी कभी वहाँ मत रखिये !जहाँ आपको बताना पड़े कि आप नाराज़ हो !!
होशवालों को खबर क्या बेखुदी क्या चीज़ है ...
काँटों से गुज़र जाता हूँ दामन को बचा कर
फूलों की सियासत से मैं बेगाना नहीं हूँ
ज़माना ख़राब है! भरोसा थोड़ा सोचकर समझकर करिये…यहां क़ातिल भी सिर्फ खुदा के बन्दों के "भेष" में आते है…
हंसकर जीना ही दस्तूर है जिंदगी का,एक यही किस्सा मशहूर है जिंदगी का...
जब दिल किसी एक पर ठहर जाए तो..ज़ेहन किसी और को कुबूल नहीं करता..!
जिम्मेदारी वो पिंजरा है..
जहां इंसान आजाद होकर भी कैद है..!!
जिस्मो की चाहत नेमोहब्बत के भाव गिरा दिए..!!
जिंदगी में रिश्ते खराब होने की एक वजह ये भी है,कि लोग जरा सा झुकना पसंद नहीं करते !!
मतलब के बिना कौन पूछता है किसी कोबगैर रुह के तो घर वाले भी नहीं रखते
छल सबसे ज्यादा उनके साथ होता हैजिनके अंदर भावनाओं का अत्यधिक समावेश होता है । वो भावनाओं में निर्णय लेते हैं तभी हर बार धोखा खाते हैं ।
मुझसे नफ़रत करनी है तो होंश से करना , ज़रा भी चुके तो मोहब्बत हो जाएगी ..!!