क्योंकि नहीं मिलते विचार तुम्हारे हमारे, अलग अलग रास्ते से क्यों ना पहुंचे हम मंज़िल तक
रास आ जायेगा एक रोज़ तेरा जाना भी ,
हम किसी दुःख में लगातार नहीं रोते हैं ।।
चाहे जितनी हो हिमालय की ऊँचाई
बाप के कंधे से ऊँचा कुछ नहीं है !!
बात सह गए तो रिश्ते रह गए
बात कह गए तो रिश्ते ढह गए
बेवक़्त आया तूफ़ान बे-हिसाब तबाही मचा जाता है,
फ़िर चाहे वो हमारे शहर में आया हो या हमारे जीवन में !
अरे नासमझ है, नादान है, वो मन कि कच्ची हैं अभी,
पढ़ ना सकी कसीदे मेरे इश़्क़ के, शायद वो बच्ची हैं अभी..!!
विरक्ति
पलकों से रास्ते के कांटे हटा देंगेफूल तो क्या हम अपना दिल बिछा देंगेटूटने न देंगे हम इस प्यार को कभीबदले में हम खुद को मिटा देंगे 🌶
चराग-ए-इश्क कभी दिल से जलाया न करो , जलाओ तो जलाकर नफरत से बुझाया न करो, ............ गम ये नहीं के भूल गए तुम हमको... बात ये है के , इस कदर याद तुम आया न करो...!!
दर्द हल्का है साँस भारी हैजिए जाने का कैसा रस्म जारी है
धर्म केवल रास्ता दिखाता है,
लेकिन मंजिल तक तो कर्म ही पहुँचाता है।
गांव के लोग पढ़े लिखे नहीं होते दोस्त ,
उनकी खूबी है कि बस प्यार बहुत करते हैं ।।
ये ढलती हुई शाम,
करती है दीवानों का काम तमाम।
बात गहरी है,
गहराई से सोचना,
कोई राह देखता है,
तो कोई सरेराह देखता है।
सबका ख़ुशी से फासला एक कदम हैं ,हर घर में बस एक ही कमरा कम हैं ..
~ जावेद अख्तर
कितना तुम कमाल करते हो ,,होठों से ही चूमते हो होठों से ही कौसते हो ।।
बारिश है ,चाय है ,संग तेरी यादें भी
बस तुम्हारी जगह किताबें आ बैठी हैं..!
मनीषा शर्मा
ज़िंदगी उस रेल के सफ़र की तरह है बाबू मोशाय,
जिसमें "लोअर बर्थ" माया और "उपर बर्थ" मोक्ष है..
एक हल्की सी मुसकुराहट से शुरू हुई मोहब्बत, हज़ार आसूं बहाने से भी खत्म नहीं होती...
जिंदगी में आप जितनी बार प्रयास करेंगे..
उतनी ही बार आप कुछ नया प्राप्त करेगे..!!
मैंने अपनी पीड़ा किसी को नहीं बताई, क्योंकि मेरा मानना है कि व्यक्ति में इतनी ताकत हमेशा होनी चाहिए कि अपने दुख, अपने संघर्षों से अकेले जूझ सके
हमेशा दूसरों को हँसाओ दुसरो को मनाओ, कभी कभार खुद को भी पूछ लेना चाहिए कि तुम्हारा हाल कैसा है...