कि इस दिल पर किसी चोट का असर नहीं होता,
दर्द इतना सह लिया हैं कि अब दर्द नहीं होता ...
प्रेम से अनमोल भला
क्या तुम इस जग में पाओगे
ढूंढो तुम ईश्वर को
उसे बंधा प्रेम में पाओगे
कुछ रिश्ते आजकल उस रास्ते पर जा रहे हैं,न साथ छोड़ रहे हैं, और न ही साथ निभा पा रहे हैं…
भारत कृषि प्रधान देश था अब कुर्सी प्रधान देश है !!!
बेवफाओं का घर नही बसताउनकी सिर्फ महफिलें सजती हैं
हम खुद अकेले रह गये ,सबका साथ देते देते।
प्रेम से बढ़कर त्याग हैदौलत से बढ़कर मानवतापरन्तु सुंदर रिश्तों से बढ़करइस संसार मे कुछ भी नहीं !!
रौशनी लाख खफ़ा हो भले चरागों से,
अँधेरों की हिमायती तो नहीं हो सकती !!
किस्मत के सहारे मुझे ना छोड़ना मेरे "कान्हा,मुझे तेरी दया के सिवा किसी पर यकीन नही है.
सारा झगड़ा ही खवाहिशो का है ,ना गम चाहिए ना कम चाहिए ।।
जो लोग बिना मतलब के हमारा साथ देते हैंहम उनका अहसान क़भी नहीं भुला पाते हैंऐसे लोगों का जिक्र आने पर दिल मुस्कराता हैऔर दुवाएं देने लगता है, ये शायद वही लोग हैंजिनकी वजह से इंसानियत पर भरोसा क़ायम है
हर तरफ से असफल व्यक्ति ही,
सबसे उत्तम शिक्षक होता है।
रिश्ते भी इमारत की तरह होते हैं ,
हल्की-फुल्की दरारें नज़र आए तो इमारत तोड़िये नहीं
मरम्मत कीजिए !
बातो की मिठास अंदर का भेद नहीं खोलती, मोर को देखकर कौन कह सकता है ये सांप खाता होगा..!!
जिंदगी रोज़ कोई ताज़ा सफ़र मांगती है,
और बेचारी थकान शाम को घर मांगती है।
लाख समझाया था उसको की दुनिया विश्वास के लायक नही हैफिर भी उसने मुझे छोड़ थामा किसी गैर कोअब वो खाए लाख ठोकरें मुझे उसका हाथ थामना ही नहीं हैजेहन में रहेगा ताउम्र वो हां ज़िंदगी में अब मुझे उसको...
फिर वही दिल की गुज़ारिश फिर वही उनका गुरूर
फिर वही उनकी शरारत फिर वही मेरा कसूर!
झूठ ही जिसका आसरा झूठ ही जिसकी ताक़त सोचो वो कैसे जीता होगा झूठ की जिसको आदत एक दिन ये झूठ ही उसको सच बन कर खा जाएगा देखना वो दिन दूर नहीं वो दिन जल्दी आएगा सच का दामन...
ज़िन्दगी ने दिए हैं बहुत से धोखे,
बट कोई बात नहीं...इट्स ओके.
हमनें अपना रास्ता ख़ुद ही बनाया हैहम किसी भी दौड़ में शामिल नहीं हुए