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World's Best Cow Hospital

बाबा पुराने दौर की कुछ बात बताइए , ऐसा सुना है होती थी क़ीमत ज़बान की ।।

जो तुम्हें चाहे, उसकी कद्र करो, वरना फैसले और फासले में ज़्यादा फ़र्क नहीं होता।

हिम्मत से सच कहो तो बुरा मानते हैं लोगरो - रो के बात कहने की आदत नहीं रही ~ दुष्यन्त कुमार

हमे बदला हुआ मौसम पसंद है, बदले हुए लोग नहीं...

खुद को पढ़ा लिखा कहते हो ना तो बताओ…. अड़सठ, सड़सठ , और उनसठ में सबसे छोटा कौन है…

लग चुकी है मनजिल कि तलब खुद को आग में झोंक देंगे,,मुश्किलें कहता है मारा जाएगा, हौंसले कहते हैं देख लेंगे..!!

नफरत का बाज़ार ना बन, फूल खिला तलवार ना बन,रिश्ता रिश्ता लिख मंज़िल, रस्ता बन दीवार ना बन- राहत इंदौरी

तुम्हें याद करके सोने की आदत थीआज तुम्हें याद करके रोने की आदत हो गई

एक दौर के बाद सब कुछ बदल जाता हैं वक्त, हालात, लोग और शायद हम भी..!!

हिचकियाँ आती थी उसे , मेरे याद करने से , शायद अब हिचकियाँ भी , बेवफ़ा हो गई हैं ...!!

तुम ने तो सितारों को दूर ही से देखा है,तुम समझ न पाओगे आसमां की तनहाई…

ज़्यादा प्रशंसा करने वालों से खुश नहीं , सावधान रहने की ज़रूरत है ...

तमीज़ बताती है परवरिश आपकी, आप पढ़े लिखे हैं तो क्या हुआ

ये जो तुम लोग बिना बॉयफ्रेंड बाली लड़की ढूंढ रहे हो न ...? शास्त्रों में इसे पत्थर में से तेल निकालना कहा गया हैं

मैं नहीं जानता मेरी लाश को गिद्ध नोचेंगे या दाह संस्कार होगा, मगर ये जानता हूं मुझे पढ़ने के बाद मोहब्बत का तिरस्कार होगा

मजबूत बनो बेटा मां बाप रहम खा लेते है... ये दुनिया रहम नहीं खाती...!!!

धर्म मनुष्य जीवन को बेहतर बनाने के लिए बना था, और आज मनुष्य धर्म को बेहतर बनाने में लगा हैं...

दिल चाहता हैं कि फिर अजनबी बनकर देखेतुम तमन्ना बन जाओ हम उम्मीद बनकर देखे

लगता है मेरे अच्छे दिन रास्ता भटक गए हैं.. पता नहीं क्यों आ ही नहीं रहें...!!

इंतेहा हूँ मैं, तेरे इश्क़ के समुंदर में रहने वाला लवणीय जीव हूँ मैं


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