मेरी ज़िन्दगी में खुशियाँ सिर्फ तेरे बहाने से है ,
आधी तुझे सताने से है आधी तुझे मनाने से है ।।
किताबें पढ़कर " विद्वान " बनना बहुत आसान है, लेकिन " नेक इंसान " बने रहना बेहद मुश्किल।
अल्फाजों को बयां करना मुझसे कभी आया नही..... बस गलतफहमी ये थी मुझे की उसे मेरी आंखों को पढ़ने का हुनर आता है..!!
वो पत्थर कहाँ मिलता है बताना जरा ऐ दोस्त,
जिसे लोग दिल पर रखकर एक दुसरे को भूल जाते है..
जुबानों के पीछे मत चलो, कोई तुम्हे ऐसी कहानी नहीं बताएगा, जिसमे वो खुद गद्दार हो।।
नजरें झुकी हैं पर इश्क़ भी बरकरार है
हया है चेहरे पर और इज़हार भी कमाल है …
कृष्ण जिसे नहीं मिले,
युगों युगों से आजतक उसी के हैं,
और जिसे मिले उसे मिले ही नहीं।
तभी कहते है, कृष्ण को
पाने का प्रयास मत कीजिये,
पाने का प्रयास करोगे
तो कभी नहीं मिलेंगे।
बस प्रेम कर के छोड़ दीजिए,
फिर जीवन भर साथ...
एक नौकरी के चक्कर में
पूरे शौक ही खत्म हो गए !
महंगाई जैसा इश्क़ है मेरा,
कमबख्त बढ़ता ही जा रहा है।
नौकरी नौजवानों के
जीवन का वह श्रृंगार है,
जिसके बिना समाज
का कोई भी अंग उन्हें सम्मान
की दृष्टि से नहीं देखता है।
ये जो मां की मोहब्बत होती है नायह तमाम मोहब्बतों की मां होती है..!!
इत्र सी महक उठती हैं ये शामजब हिस्से में आता हैं तुम्हारा नाम..!!
दर्द का कहर बस इतना सा है,कि आँखें बोलने लगी और आवाज रूठ गई ..
बेचैनियों के दौर में....सकूं की दवा हो तुम....!!
मुझे खुद को बचाने की कभी कोई इच्छा नहीं रही और मैंने कभी भी इसके बारे में गंभीरता से नहीं सोचा
~अमर शहीद भगत सिंह❣️ #जयहिंद 🇮🇳
किस्मत जब मेरी बदलने लगी,तब कुछ कुत्तो की जलने लगी !
अब कोई मरहम काम नहीं करता उन ज़ख्मों पर, जो मुझे मेरी वफ़ा के बदले उससे इनाम में मिले थे..!!
पुस्तकालय एक ऐसा वृक्ष है, जहाँ विचारों के फल हर मौसम में लगते हैं ।
इंतज़ार करने वालों को उतना ही मिलता है,
जितना कोशिश करने वाले छोड़ देते हैं!
कोई सवाल ज़िंदगी का हल नहीं हुआ,पढ़ने में सारी उम्र गवांने के बावजूद - अंकित मौर्य