कुछ चीज़ों को अधूरा ही छोड़ना पड़ता है
हर बार परिस्थिति अनुकूल नहीं होती!
इंसानियत दिल में होती है हैसियत में नहीं
ऊपर वाला कर्म देखता है वसीयत नहीं!
अच्छा इंसान तो अपने जुबान से ही जाना जाता है,वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती है..!!
जोर बाकी नहीं उड़ान में क्यावर्ना रखा है आसमान में क्या
पता नहीं नसीब खराब है या मैं खराब हूं
हर उसने दिल दुखाया हैं जिसपे मुझे नाज था !!
ओह अच्छा....
तो तुम कह रहे हो के बारिशों का भी मौसम होता है....
मतलब.....
तुमने देखा नहीं कभी किसी की आंखों को बरसते...!!
वैरागी
मैं खुद की तस्वीरें अब नहीं खींचताकारण बचपन की यादे रुलाती है...
मैं आज भी अपनी कमाई माँ के हाथ में देता हूँ उस सेख़र्चा लेने से घर में बरकत रहती है!🌹
कोई बुतखाने में जाता है
कोई मयखाने में जाता है
सबको खुदा की तलाश है
जहां उम्मीद हो वहीं जाता है
झूठी हैं इश्क़ की किताबें और शायर सभी ,
किसी ने रोते हुए लड़को के बारे मे नहीं लिखा ।।
जिसके लिए सीखा था चाय बनाना
अब वो हमसे बहाने बनाती है
ज़माना बड़े शौक़ से सुन रहा था ,
हमीं सो गए दास्ताँ कहते कहते ..!!
जब तक सब अपने थे ज़िन्दगी साथ गुज़ारी है,
धीरे धीरे सब बदल गयें,अब हमारी बारी है।
दुनिया तुली थी हमको बनाने पे देवता ,
पर हम किसी भी हाल में पत्थर नहीं हुए
पैसा बोलता है लेकिन अफ़सोस,
कोई इसका ग्रामर चेक नहीं करता.
हम भी सीने में धड़कता हुआ दिल रखते हैं ,हमको तफ़रीह का सामान न समझा जाए ,
शब्दों से तुम बन गए
पंक्तियों में मेरे ढल गए
स्याही में मेरे पिघल गए
रचना मेरी तुम बन गए।
हर छंद में तुम रम गए
मैं तुम पर अब क्या लिखूं?
मेरे गीत के नज़्म बन गए
जीने की वजह तुम बन गए।
स्वर लहरी तुम बन...
हर कोई माँ की मोहब्बत की बात करता है ,
लेकिन बाप की कुरबानियों का जिक्र कोई नहीं करता है ...
ज़िन्दगी इतनी मुश्किल इसलिए है..क्यूंकि लोग आसानी से मिली चीज़ की क़द्र नहीं करते..!!
अँगूठीयों में कोयला जड़ा जा रहा हैहीरों की परख है अब अंधों के हाथ में
-अम्बष्ठ