रेल की तरह गुजर तो कोई भी सकता है...
इंतजार में पटरी की तरह पड़े रहना ही असली इश्क है..!!
मुझ जैसी आफत में तुम्हारी शराफत कम पड़ जायेगी,मुझसे ज्यादा बात करोगे तो मेरी आदत पड़ जायेगी
अकेले आए थे अकेले जाना हैं, तो अकेले रहने से परेशानी कैसी...
तस्वीर तो है ही तुम्हारी है तारीफ-ए-काबिलउससे भी ज्यादा कातिल है होंठों के नीचे ये काला तिल🧚🏻♀️
कौन कहता है मैं पसंद नहीं किसी कोमुसीबतों से पूछो वो कितना चाहती है!
मेरी चीखों कि खामोशियां बड़ी जालिम हैं,
धड़कन रोक कर उतारती हैं आंसू हलक में..!!
सुनो कभी तुम नाराज हूए तो हम झुक जाएंगे,कभी हम नाराज हो तो आप गले लगा देना..!
चढ़ते हैं चढ़ाइयाँ बनाकर सीढ़ियाँ जिन काँधों पर,
फतह होते ही मंज़िल लतियाकर गिरा देते हैं लोग.
गांव बदलकर शहर हो रहे हैं,
और इंसान बदलकर जहर हो रहे हैं…
ज़िन्दगी के तजुर्बों में एक अनुभव ये भी सबसे काम का रहा,गोपनीयता को प्राथमिकता देने वाला हर इंसान नमक हराम रहा
स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहार है,
संतोष सबसे बड़ा धन,
और विश्वास सबसे अच्छा संबंध।
त्याग दो सब ख्वाहिशें कुछ अलग करने के लिए‘राम’ ने खोया बहुत कुछ ‘श्री राम’ बनने के लिए...
कैसे थे और
कैसे हो गये हैं हम ?
खुद को ढूँढते ढूँढते
खुद में ही खो गये हैं हम ..
ना जाने क्या लिखा हैं
किस्मत की लकीरों में ?
धड़कनों से जिंदा हैं
पर दिल से सो गये हैं हम ..
एक वही शख़्श मेरी हर कहानी हर किस्से में आया…जो मेरा होकर भी , न मेरे हिस्से में आया..!!
तुम्हारे पाँव के नीचे कोई ज़मीन नहींकमाल ये है कि फिर भी तुम्हें यक़ीन नहीं
~ दुष्यंत कुमार
नेक बनने की कोशिश करो,
जैसे खूबसूरत बनने की करते हो...
उन्हें याद करें! विक्रम साराभाई, नेहरू, अब्दुल कलाम
हमने देखा है जो मर्दों की तरह रहते थे ,
वो मस्ख़रे बन गए दरबार में रहने के लिए
यादों के सिलसिलेकभी छूटे ही नहींभूल तो गए हम सबपर तुम्हें भूले ही नहीं…
किसी का मिलना, मिलकर बिछड़नाकभी हसना कभी मुस्कुरानाऔर फिर मुस्कुराकर रो देनायहीं तो हैं ज़िंदगी..!!