कुर्सी है तुम्हारा ये जनाज़ा तो नहीं है
कुछ कर नहीं सकते तो उतर क्यों नहीं जाते
सोचा थाघरबना कर बैठूँगासुकून सेपर घर की ज़रूरतों नेमुसाफ़िर बना दिया
~ गुलज़ार
तुम्हारा "तुम" कह कर रोज़ झगड़ना,
तुम्हारा "आप" कह कर बिछड़ने से अच्छा था...!!
प्यार नहीं था वो
था वो बस एक दिखावा,
छला दिल को उसने ऐसे
दिया दर्द मुझे ज़िंदगी भर का !!
उसूलों पे जहाँ आँच आये वहां टकराना जरूरी है, जो जिन्दा हों तो फिर जिन्दा नजर आना जरूरी है !
अम्बर हिले धरा डोले , पर हम अपना पथ न छोडें सागर सीमा भूले , पर हम अपना ध्येय न छोडें ||
कुछ लोग लफ्जों से वजूद नापते हैं,साहिल पर खड़े होकर समुंद्र ताकते हैं.
"अगर सीखना है तो समंदर से सीखो...
वो बड़ा हो के भी अपने दायरे में रहता है"...!!
शौक़–ए–वफ़ा ना सही,खौफ–ए–खुदा तो रखो।
सब कुछ झूठा हो सकता है लेकिन अकेले में बहाया हुआ आंसू नहीं।
घर के बड़े बेटे पर जिम्मेदारी डाली नही जाती है,वो जिम्मेदारी को महसूस करता हैं,क्योंकि वो बाप के समान होता है।
बहुत तकलीफ देते है वो जख्म,
जो बिना कसूर के मिलते है।
सभी देशवासियों को
'महानवमी'
के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं !
अभी भरा नहीं था गम पति के जाने का,
उससे पहले रिश्तेदारों ने बेघर कर दिया,
भरे नहीं थे घाव एक मां कि चूड़ी टूटने के,
बच्चा बड़ा होने से पहले उन्हें लावारिस कर दिया..!!
वो जो उतरा है नज़र से इस बार,
हमने उसकी नज़रें भी उतारी थी कभी !
किसी भी मौसम में खरीद लीजिए जनाब
मोहब्बत के ज़ख्म तरो - ताज़ा ही मिलेंगे
सबसे बड़ी ख़ुशी उसी काम को करने में है ,जिसे लोग कहते हैं कि ये तुम्हारे बस का नहीं है …
बच्चो बाली हरकत करने बाली लड़कियां,
किस्मत बालों को मिलती है…||
अकसर बहुत चीखने के बाद इंसानख़ामोश हो जाता है…!!
मरना है इक रोज सभी को ही बस ख्वाहिश इतनी है उस पल हाथों में हाथ बस तेरा होरहे तू सामने मेरे और मेरी आंखों को दीदार सिर्फ तेरा हो.... जा सकूं मैं इस दुनिया से चैन से इस तरह...