उसे पता ही नहीं इंतजार का मतलब
क्योंकि मैं उसके पास कभी देर से गयी ही नहीं
करीबियां किसी और से हैं
और इल्जाम है हम पर दूरियां बनाने का...
वेलेंटाइन डे आ रहा है पर गर्लफ्रैंड नहीं है??
तो उदास क्यों होता है पगले
गांधी जयंती पर कौन सा गांधी जी हमारे साथ होते हैं।
इसलिए घबराना नहीं बस वेलेंटाइन डे मनाना है।
तुम्हारी नूर के दीदार को ,कहाँ रोक पायेगा हिजाब।दिल मेरा कहता है,क्यों ना दे दूँ तुम्हें,जन्नत की हूर का ख़िताब।।
सफर में मुश्किलें आये तो जरूरत और बढ़ती है..
कोई जब रास्ता रोके तो हिम्मत और बढ़ती है..!!
मैं तुम्हरे साथ हूं कहने में और,रहने में बहुत फर्क होता है….
मृत्यु और मिथ्या से मिश्रित जग में ,
प्रेम सदैव शाश्वत है...
एक नौकरी के चक्कर में
पूरे शौक ही खत्म हो गए !
हवाएँ ज़ोर कितना ही लगाएँ आँधियाँ बन कर
मगर जो घिर के आता है वो बादल छा ही जाता है
आग अपने ही लगा सकते हैं
ग़ैर तो सिर्फ़ हवा देते हैं!
— मोहम्मद अल्वी
सुनो साहिब,
तुम्हारे प्रेम के रंगों से
रंगीन हुआ मेरा बेरंग
उदास सूना जीवन।
जी नहीं सकती अब
कभी भी तुमसे दूर रह
मर जाऊंगी तुम्हारे बिन।
ख्वाहिश नहीं मुझे
ज्यादा चीजों की
सिर्फ़ चूड़ियां कभी
अपनी पसंद की
पहना देना,
पायल तो नहीं
पहनूंगी तुमसे
कदमों में अपने कभी
तुम्हें नहीं झुकाना।
अजीब सी मोहब्बत
मेरे हिस्से आयी है ,,,,
ना दुवा है
ना सलाम है
पता नही
महबूबा मेरी
किस से लड़
कर आई है,,,,,
यूँ तो सबसे करती है
हंस हंस कर गल्ला
बस मुझसे ही
अकड़ कर
मुह को फुलाई है
अपने हीं हाथो से अपनी कश्ती डूबाई है..
क्या करोगे जानकर मेरे बारे में जीवन बस शब्दों की तुरपाई है..!
जिंदगी उस दौर से गुज़र
रही जहां दिल दुखता है
और चेहरा हंसता है
जो मनुष्य अपनी निंदा सह लेता है,
उसने मानो सारे जगत पर विजय प्राप्त कर ली।
पुरुष कोई भी दुःख सहन कर सकता है,परंतु उसके घर का क्लेश….
उसकी आत्मा को निचोड़ कर रख देता है…!!
प्रेम पत्थर बनी देह को भी सुगन्धित कर दे...!!
जान लेनी थी तो साफ़ कह देते,
क्या ज़रूरत थी मुस्कुराने की
ये जो मां की मोहब्बत होती है नायह तमाम मोहब्बतों की मां होती है..!!