बहुत जानी हुई शक्ल भी ,
कभी कभी पहचानी नहीं जाती है ...
किसी ने वक्त गुजारने के लिए अपना बनायाऔर किसी ने अपना बना कर वक्त गुजार लिया...!
कोई व्यक्ति कितना ही ख़ास क्यों न हो,
उसे एक पल में त्यागने कि क्षमता तुम्हारे भीतर अवश्य होनी चाहिए।
पानी की बूंद जब
समुन्दर में होती है
तब उसका कोई
अस्तित्व नहीं होता,
लेकिन जब वो बूँद
पत्ते पर होती है तो
मोती की तरह चमकती है।
आपको भी जीवन में
ऐसा ही मुकाम हासिल करना है।
हमेशा मोती की तरह चमको...
वह पथ क्यापथिक कुशलता क्याजिस पथ पर बिखरे शूल न होंनाविक की धैर्य परीक्षा क्याजब धाराएँ प्रतिकूल न हों
जयशंकर प्रसाद
न कर यूं बेवक्त बारिश हे भगवान
किसान के चेहरे की खुशी खेतों में पड़ी है।
मेरे मुस्कुराने और खुश रहने में बड़ा अंतर है, जिस दिन तुम समझ जाओगे... यकीनन लौट आओगे.!!
मंजिलों की परवाह ना कीजिए,
जिंदगी सफर है आप चाय पीजिए...
समय जब विपरीत हो, तो शांत रहना ही सही होता है...
मैं आज भी अपने मुकद्दर से शर्त लगाती हूं...
भरी बरसात में कागज की पतंग उड़ाती हूं...!!
गरीब भूख से मर रहे हैं...अमीर शौक से मर रहे हैं !
अपने हिस्से की क़िस्मत अपने हाथों से ही गढ़ लेंगे ,धीरे-धीरे ही सही मगर थोड़ा बहुत हम भी पढ़ लेंगे ।।
तेरे होंठों के स्पर्श से मेरा हर ज़ख़्म भर जाता,
भींच कर बाहों में तेरी फूंक से भाप करवाता,
और हम भी कसीदे इश़्क़ के आंखों से पढ़ लेते,
मयस्सर जो तू होती तो तेरा दर्द भी हंसकर पी जाता..!!
विरक्ति
हमने इश्क में खुद को खोया है ,ये वफ़ा की मिसालें हमें न सुनाओ ..!!
तुम मुझे इतना भूल जाना की तुम जी सको ,मैं तुम्हें इतना याद रखूगा की मैं जी सकूं...
पहले परखते हैं किरदार फिर ऐतबार करते हैं,
हम उनमें से हैं जो सिर्फ सीरत से प्यार करते हैं..!!
शहर की धूप से परेशान जब मैं छांव ढूंढती हूं,,
सुकून के लिए तब मैं अपना गांव ढूंढती हूं,,
खतरा जब देश पर हो सिर पे कफ़न रखते हैं
हम भी अपने दिलों में हुब्ब-ए-वतन रखते हैं।
सौरभ
जब जब लोगपरेशान हो जाते हैं..काफ़ी हद तक वोइंसान हो जाते हैं...