World's Best Cow Hospital

बईमानी भी तेरे इश्क ने सिखाई है,तू पहली चीज है जो मेने मां से छुपाई है

मैं उसे देख भी लेता हूं….. छू भी लेता हूं…. भला हो रात का…. नींद का….. ख्वाब का….!

जीवन में कभी मौका मिले तो सारथी बनना, स्वार्थी नहीं !

थोड़ा रंग बचा के रखना, देर से ही सही मगर हम आएंगे जरूर..

किसी से क्या शिकायत करते साहब , दिल लगाने की खता तो हमनें भी की..!!

बदनाम तो बस हमारे वहां के लोग हैंवरना माल फूंक के तो सारे काम करते हैं

उम्मीद पर ज़ीना , जीने की आखिरी उम्मीद है..!!

इतना भी बुरा मत समझो हमें हमें दर्द सहने की आदत है दर्द देने की नहीं ..

तोहार पाँच किलो राशन मुँह पे फेंक देवे के..!साहेब आवे द इलेक्शन तोहके देख लेवे के..!

रोज़ इतने लोग मरते हैं,पता नहीं,मैं क्यों बच जाता हूं..!!

समाज की नज़र में दारू पीने वालेअमीर आदमी हैं तो ड्रिंक करता हैमिडिल क्लास हैं तो शराब पीता हैगरीब आदमी है तो वो बेवड़ा है

अभी बहुत रंग हैं जो तुम ने नहीं छुए हैं.... कभी यहाँ आ के गाँव की ज़िंदगी तो देखो....!

इस रात के पैरों में किसने ज़हर ए खंजर बांधें है रोज आशिकों की रूह पर नया निशान बनाती है

खास कोई मिले मुझ से इस तरह की मुझ से जुदा ना हो .....!! वो समझे मेरे मिज़ाज़ को और मुझ से खफ़ा ना हो....!!

कुछ लोग हमारी जिन्दगी में सिर्फ, भरोसा तोड़ने के लिए आते हैं....

स्वार्थ मनुष्य के व्यवहार में शामिल होता है , बारिश रुक जाने के बाद छाता भी उसे बोझ लगने लगता है …

रोने के लिए हम एकांत ढूँढ़ते हैं, हँसने के लिए अनेकांत। प्रेमचंद

बुद्धि और परिश्रम के शिवाय दुनियाँ में कोई चमत्कार नही है तरक़्क़ी और सुख- शांति का ?

बुद्धि तो सबके पास होती है लेकिन चालाकी, करनी है या ईमानदारी ये तो संस्कार पर निर्भर करता है ..!!

कहानी लिखने वाला बड़ा नहीं होता, बड़ा वह है जिसने कहानी अपने जिस्म पर झेली है। ~ अमृता प्रीतम


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