अगर आज भी लगता हैं आपको की गलती मेरी थी,तोमैं माफ़ी मांगने के लिए तैयार हू,बस आपको साबित करना हैं।
अब Library में बैठा मेरा मन ,
प्रेम से ज्यादा सरकारी नौकरी चाहता है !
जिंदगी शिकायतो को लेकर पीछे पड़ा है
और मेरा हौसला मुस्कुराने की जिद लिए बैठा है..!!
थक कर बैठा हूं हार कर नहींबाजी हाथ से निकली है जिंदगी नहीं…
बरसती बारिशों से बस इतना ही कहना हैकी इस तरह का मौसम मेरे अंदर भी रहता है!!
समाज को इतना भी सभ्य नही होना चाहिए,कि प्रेम करता हुआ कबूतरों का जोड़ा लोगों को असभ्य लगे
भर जाएंगे जब ज़ख्म तो आऊंगा दोबारा
मैं हार गया जंग मगर दिल नहीं हारा
अपनी कहानी का लेखक मैं खुद हूं ,
जब मन करेगा किरदार बदल दूंगा ।।
हर पल हर लम्हा खुशी ढूंढो, जिंदगी बहुत छोटी है जीने की वजह ढूंढो।
हम दोनों एक उम्र साथ चलेऔर बिछड़े तो एक पल मैं
हम arrange marriage वाले लोग हैं साहब ,
पता नहीं हमारे हिस्से में किसका boyfriend आयेगा
रिश्ते नातों के बिना ये जिंदगी वैसी हैजैसे लकवे से ग्रसित शरीर सुन्न पड़ी है॥
निभाने वाले रास्ते ढूंढते हैं और छोड़ने वाले बहाने...!!!
आदमी जब थक जाता हैस्त्री को ढुँढ़ता हैआदमी जब उब जाता हैस्त्री को ढुँढ़ता हैआदमी जब टुट जाता हैस्त्री को ढुँढ़ता हैइसे दुसरे तरीके से कहें तोथके टुटे और उबे हुऐ आदमी कोसिर्फ स्त्रीयॉ बचाती हैं..!!
उसने कहा ‘‘फिर मिलेंगे” मैंने कहा “जल्द लौटना” उसने कहा “क्यों?” मैंने कहा “आज से पहले मैंने किसीका यूँ इन्तिज़ार नहीं किया.
मैं तुम्हरे साथ हूं कहने में और,रहने में बहुत फर्क होता है!
वो वक्त और था जब दिल से मुस्कुराया करते थे..
अब चेहरे की खुशी का दिल से कोई वास्ता नहीं..!!
अक्सर इत्तेफाक से मिलने वाले,मर्ज़ी से बिछड़ जाते हैं !
जीवन कटना था, कट गया
अच्छा कटा, बुरा कटा
यह तुम जानो
मैं तो यह समझता हूँ
कपड़ा पुराना एक फटना था, फट गया
जीवन कटना था कट गया।
गोपालदास “नीरज”
खयालों के रिश्तें क्या जानें
रूह से जुड़े रिश्ते क्या होते हैं..!!