उठे तो सैकड़ों हांथ थे उसके चरित्र पर,काश एक हांथ उसकी आबरू भी ढकता..!!
इस तरह मेरे गुनाहों को वो धो देती है, माँ बहुत गुस्से में होती है तो रो देती है।
अगर आप एक खुशहाल जिंदगी जीना चाहते हो तो,उसे अपने लक्ष्य से जोड़ो ना की किसी इंसान या चीजों से !
"अगर सीखना है तो समंदर से सीखो...
वो बड़ा हो के भी अपने दायरे में रहता है"...!!
जब किसान के बेटे को गोबर में बदबू आने लग जाए तो समझ लो कि देश मे अकाल पड़ने वाला है। ~ प्रेमचंद
इंसानों का सताया हुआ हूँ साहबसो इंसानों पर रहम नहीं करूंगा
जितनी शिद्दत से तुझे चाहा था
तूझे भूलने में उतनी ही ज़हमत उठानी पड़ रही है..
तुमने तोड़ा है इतने टुकड़ों में मुझे तुम क्या जानो खुद को समेटने में कितनी मशक्कत उठानी पड़ रही है..
ना रातों को चैन है ना दिन...
वादों की तरह इश्क भी आधा रहा,मुलाकाते कम रही इंतजार ज्यादा रहा….!!
मेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा।
तेरा तुझकौं सौंपता, क्या लागै है मेरा॥
जीवन निर्णय नहीं निरंतर भय है।
कंपटीशन इतना बढ़ गया है
कि अगर हम किसी को अपना दुःख बताते हैं
तो वो हमसे ज्यादा बताने लगता है।।
झूठे इल्जामों की फ़िक्र कभी मत करना ,
क्योंकि वक्त का ग्रहण तो चाँद भी झेलता है ...
राजा की जान
🦜 में है..
जिसे कोई नहीं सुधार पता,उसे वक्त सुधार देता है…
तेरी मुस्कुराहट जरूरी हैं माँ, कीमत चाहे जो भी हो।
गणित व्यापारी के लिए अच्छी है…किसी अपनों के लिए नहीं….!!
राम दवा हैं रोग नहीं हैं सुन लेना
राम त्याग हैं भोग नहीं हैं सुन लेना
हरिओम पंवार
कमजोर आदमी का सत्य भी गूंगा होता है !
शेर को पालने में उतना खर्चा नहीं है
जितना मेकअप और पब्लिसिटी
कर सियार को लगातार शेर के रूप में प्रस्तुत करने में है।
मैं कोई रिश्ता नहीं हूं जो तुम निभाओगे मुझे ,
मैं मोहब्बत हूं बस मोहब्बत से ही पाओगे मुझे ..!!