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World's Best Cow Hospital

बहुत कम लोग जानते हैं कि वो बहुत कम जानते हैं ! हजारी प्रसाद द्विवेदी

नूर दिखेगा नही चहरे पर ना होगी चमक आंखों में एक दफ़ा आईने में देखो खुद को कितना फरेब छुपा है बातों में कितना,और कितना बोलोगे झूठ ख़ुदसे... हो ही नही सकता की खुशी मिलती हो खैरातो में स्वीकारो तो...

मैंने ख़त लिख रखा है आँखों मेंआप नजर मिलाकर पढ़ो तो सही

फ़िक्र उनकी करो.... जिनकी दुआओं में तुम्हारा ज़िक्र हो..!!

वक़्त बदल गया है अब बेटियाँ नहीं, बेरोजगार लड़के माँ-बाप के कंधों पर बोझ होते हैं। जैकी यादव

रात चाहे कितनी भी काली क्यूं न हो मन में रोशनी का दिया जलाया जा सकता है उम्मीद के दीपों से सजाकर घर अपना आमवस को पूर्णमासी बनाया जा सकता है..!

पवर पहचान बना सकती है सम्मान चाहिए तो कर्म करो।

✯||कहा जाऊं मेरी सादगी को लेकरयहां हर कोई सूरत का दीवाना है…||✯

ज़िंदगी उस रेल के सफ़र की तरह है बाबू मोशाय, जिसमें "लोअर बर्थ" माया और "उपर बर्थ" मोक्ष है..

ख़ामोशी को चुना है मैंनेक्योंकि बहुत कुछ सुना है मैंने!

तू कितनी कठिन है ज़िंदगी,, कि तुझे पढ़ने के लिए,, मुझे अपने स्कूल की पढ़ाई छोड़नी पड़ी,, कीर्ति चन्द्रा

चश्मदीद अंधा बना‚ बहरा सुने दलील; झूठों का है दबदबा‚ सच्चे हुए ज़लील।

कबीरा खड़ा बाजार में, सबकी मांगे खैर,न काहू से दोस्ती, न काहू से बैर।

.किसी की मुस्कुराहट की वजह बनना सीखोदर्द की वजह तो हर कोई बन जाता है..!!

अपनी आग को ज़िंदा रखना कितना मुश्किल है, पत्थर बीच आईना रखना कितना मुश्किल है...

कुछ गलत पतों ने हमें आजीवन यात्री बना दिया!

जिस घर में बेटा नहीं होता उस घर में बेटी, बेटा बन के मां बाप का ख्याल रखती है !!

छुड़ा के उंगली पापा ने सलाह दी, अकेले चला कर बेटे सहारे ठीक नहीं होते...

अगर जिंदगी में खुश रहना चाहते होतो दूसरों के सुख और अपने दुखदेखना छोड़ दोजिंदगी में बहुत खुश रहोगे….

बहुत आक्रामक, अभद्र और अपमानजनक लहजे में बोलने का मतलब है कि, अपनी बात पर भरोसा आपको कम है। पंकज चतुर्वेदी


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