आइने से डर जाएंगे लोग यहां...
कभी किरदार नज़र आया जो चेहरे की जगह..!
हमें कई पराजयों का सामना करना पड़ सकता है,
पर हमें पराजित नहीं होना चाहिए।
माया एंजेलो
सफ़र छोटा ही सही यादगार होना चाहिए ,
रंग सांवला ही सही वफादार होना चाहिए।।
वो अफ़्साना जिसे अंजाम तक लाना न हो मुमकिन
उसे इक ख़ूब-सूरत मोड़ दे कर छोड़ना अच्छा...
शब्द ही नहीं, खामोशी भी चुभती है।
"कुछ अजीब सा चल रहा है ये वक्त का सफर ,एक गहरी सी खामोशी है खुद के ही अंदर !!
किसी का साथ देना सीखो,धोखा तो आजकल पुरा जमाना दे रहा हैं…
जिन्हें तकदीर रुलाना चाहे ,उन्हें बेक़दरों से इश्क़ हो जाता है.
तेरे अपने ना कर पायें तुझपर उपहास... तू कर कुछ ऐसा कि बन जायें इतिहास...!!
इत्र,परफ्यूम से सिर्फ़, लिबास मेहकता है, क़िरदार नहीं।
कुछ रिश्ते आजकल उस रास्ते पर जा रहे हैं,न साथ छोड़ रहे हैं, और न ही साथ निभा पा रहे हैं…
अभी बहुत रंग हैं जो तुम ने नहीं छुए हैं.... कभी यहाँ आ के गाँव की ज़िंदगी तो देखो....!
ज़िन्दगी की तलाश में हम मौत के कितने पास आ गए
तुझे अल्फाजों में लिखते-लिखते
यूँ ही ज़िंदगी की शाम हो जाये,
बस रहे तू ही आबाद मेरे लफ्ज़ो में,
चाहे ये जिंदगी नीलाम हो जाये...!!
आधुनिकता के नाम पर नंगे हो रहे हैं तन
इसका मतलब जानवर कहीं हमसे आगे है
काली करतूतों को आसानी से ढक देता है।
सच पूछो तो 'कामयाबी ' भी एक परदा है।।
चार दिन की ज़िन्दगी में किससे क़तरा के चलूँ"
"ख़ाक हूँ मैं ख़ाक पर क्या ख़ाक इतरा के चलूँ"
बर्फ़ से रिश्तों का मौसम गुनगुना हो जाएगा
मिल के आपस में रहें तो ख़ुशनुमा हो जाएगा
बीच की दीवार पहले तुम गिराओ तो सही
देखना आँगन वही फिर दो-गुना हो जाएगा
राघवेंद्र द्विवेदी
मंगल को बजरंग-बली से तेरा शुक्र मनाऊँऔर शुक्र को तू अल्लाह से मेरा मंगल माँगे
भूत पहले ही बीत चुका है, भविष्य अभी तक आया नहीं है। तुम्हारे लिए जीने के लिए बस एक ही क्षण है।~ गौतम बुद्ध