साया नहीं है बाप का, बच्चा भी है गोद,
मां ही जाने बच्चे का, कैसे भरना है ओझ,
धूप सहे बरसात सहे या रहे शरीर से सोझ,
ईंटों से ज्यादा भारी है ज़िम्मेदारी का बोझ..!!
शराब ने कई घर बर्बाद किए हैं
मगर चाय ने देश बर्बाद कर दिया...
हया नहीं है ज़माने की आँख में बाक़ीख़ुदा करे कि जवानी तेरी रहे बे-दाग़ ।
यदि पांडवो सी विवशता आएगी,
तो हिस्से में श्री कृष्ण भी आयेंगे !
शुरुआत हो चुकी हैं
अब बादशाह के साथ बेगम भी नाचेंगी..!
किसी की परवरिश पर उंगली उठाने से पहले स्वयं के संस्कारों का भी आंकलन कर लेना चाहिए...
रोचक रहस्य बनकर रहना सदा,
संसार समझ जाएगा तो
व्यक्तित्व इस्तेमाल किया जाएगा....!!!!
है कोई जिससे तेरी यारी ना हो,आदमी इतना भी बज़ारु ना हो,
मुझ से भी हो कर वो आगे बढ़ चुका,दोस्त बच के, अब तेरी बारी ना हो ।
अल्फाजों को बयां करना मुझसे कभी आया नही..... बस गलतफहमी ये थी मुझे की उसे मेरी आंखों को पढ़ने का हुनर आता है..!!
गलती हो या के न हो गर्दन झुका के देखो खामोश रह के अपना रिश्ता बचा के देखो अल्फाज़ खार भी हैं, तलवार भी, जखम भी अपनी ज़ुबान को पर मरहम बना के देखो
ऐ खुदा, मेहनत कि दो रोटियों पर ये तेरी कैसी खुदाई है,
जिम्मेदारियों को बीच में छोड़ एक गरीब ने जान गंवाई है..!!
एक तेरा दीदार मेरे सारे गमो को भुला देता है….
मेरी जिंदगी को जिंदगी बना देता है….!!
रंगों में रंगों को मिलने तो दो
फूलों से दिल को खिलाने तो दो
आई है फिर से रंग भरी होली
है ये रंग गौरी नहीं बन्दूक की गोली
तो आओ रे.....
खेलों तुम सब होली रे
भर लो ये तुम आज प्रेम रंग...
चाय कड़क होती है,उनके नरम हाथों की .!!
खतरा जब देश पर हो सिर पे कफ़न रखते हैं
हम भी अपने दिलों में हुब्ब-ए-वतन रखते हैं।
सौरभ
हिन्दू मुस्लिम चाहे जो माथे पर लिखा हो मगर ,
आपके सीने में हिन्दुस्तान होना चाहिए
सुनो कृष्ण!!मौसम हरे रखनाऔर मन गीला
दुनिया के साथ समस्या ये है कि बुद्धिमान लोग संदेह से भरे हैं जबकि मूर्ख आत्मविश्वास से!
इन्सान की ख्वाहिशों की कोई इंतिहा नहींदो ग़ज़ ज़मीं भी चाहिए दो ग़ज़ क़फ़न के बाद
सबसे बड़ी त्रासदी बुरे व्यक्तियों का अत्याचारऔर दमन नहींबल्कि इस पर अच्छे लोगो का मौन रहना है ...