मुजरिम हो गया इस कद्र खुद की नजरो में
स्वाभिमान छोड़ प्रेम ढूंढ रहा था पत्थरों में
तानों की भट्ठी में तपा आदमी,
राख नहीं सोना बनता है....
किसी से क्या शिकायत करते साहब ,
दिल लगाने की खता तो हमनें भी की..!!
रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था
जिंदगी पर भरोशा कीजिए जनाबभरोरों पर जिंदगी नहीं…!!
चुपके से भेजा था गुलाब उसे...खुशबु ने पूरे मोहल्ले मे शोर मचा दिया...
विनय विफल हो जहाँ, बाण लेना पड़ता है।
स्वेच्छा से जो न्याय नहीं देता है, उसको
एक रोज आखिर सब-कुछ देना पड़ता है।
इतिहास लिखने के लिए कलम नही हौसलो की जरूरत होती हैं..!!
संयम क्या है?एक युद्ध अपने ही विरुद्ध
बाते बंद होने के बाद तुम्हे जब भी देखा,
तो सिर्फ ऑनलाइन ही देखा…!!
मंजिलों की परवाह ना कीजिए,
जिंदगी सफर है आप चाय पीजिए...
दिन भर तड़पता रहा तेरी यादों के साथ…किसी ने पूछा तो कहें दिया,तबियत ठीक नहीं…!
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हमआँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
प्यार हो या परिंदा, दोनों को आज़ाद छोड़ दो... अगर लौट आया तो तुम्हारा और अगर न लौटा तो वह तुम्हारा था ही नहीं कभी...
एक वक्त था जब जिंदगी जीने का शौक था, एक वक्त ये है सोचते है.... कट जाये तो इतना ही बहुत है..!!
यदि तुम कोई स्वप्न हो..तो मैं एक उम्र की नींद चाहता हूॅं, ईश्वर से.
उसने हमें छोड़ा शायद कदर नहीं थी इश़्क़ की, हम अपनी वफाओं के बादशाह तो आज भी हैं..!!
झूठे इल्जामों की फिक्र ना करें वक्त का ग्रहण चाॅंद ने भी झेला था!!
होशियारी नोच लेगी सारे ख्वाब,लुत्फ जो भी है नादानी में है...
बिलकुल! चलिए जारी रखें। जहां निर्मलता की किरण हर कदम दिखाए।
दुनिया जो कठिनाईयों से भरी हो सकती है, हम निर्मलता को पकड़ेंगे, एकमात्र अद्भुत वस्त्र।
चमकती हुई आँखों के साथ हम...
उन्हें ढूंढना आसान हो जाता उस पराए देश में ,अगर मेरे पास उनकी कोई एक तस्वीर होती ...