तारीफ करने वालों से ज़्यादा ,
तुम्हारी चिंता करने वालों की परवाह करो ...
कबीर और प्रीति वाला प्यार नही हमें तो ,तुमसे राधा कृष्ण वाला प्यार हुआ है…!!
गलतफहमियां तो होंगी रिश्ते में,
तुम संभाल लोगे ना..
यूं तो वक्त मिलेगा नहीं कभी,
पर तुम निकाल लोगे ना..!!
प्रशंसा अगर हो रही हो तो प्रसन्न नहीं,
सावधान रहने की ज़रूरत है ।
मन तो सबके पास होता है, लेकिन मनोबल" कुछ लोगों के पास ही होता है..!!
इश्क़ के तो साथ मसअला है ये
जान वफ़ादारों की ही लेता है
ना हक़ दो इतना कि तकलीफ़ हो तुम्हें,
ना दो वक्त इतना कि गुरुर हो उन्हें.....
मैं टूट कर रोने वालों में से नहीं हूंँ,,
जो मुझसे खफा हो वो शौक से दफा हो..!!
जिंदगी में विनम्र रहिए मगर,
अपनी कीमत से बेखबर नहीं।।
पद बड़ा होने से विचार बड़े नहीं होते‚ लेकिन
विचार बड़े होने से पद जरूर बड़ा हो जाता है।
अमीर चतुर्वेदी
हम नफरत भी हैसियत देखकर करते है,प्यार तो दूर की बात है !!!
भूल गया था अपना असली किरदार मोहब्बत में,
आज परछाईं में खुद को मुस्कुराते हुए देखा है..!!
विरक्ति
अगर मोहब्बत की हद नहीं कोई,तो दर्द का हिसाब क्यूँ रखूं।
अब कोई मरहम काम नहीं करता उन ज़ख्मों पर, जो मुझे मेरी वफ़ा के बदले उससे इनाम में मिले थे..!!
रिश्तों को निभाने में
भावनाएं होनी चाहिए, विवशता नहीं..
अपनी रुह का लिबास भी दे दूँगा तुझे…तू मुझमें रहने का पहले फैसला तो कर..!!
जिंदगी की जंग में वही जीतता है.... जो हर परिस्थिति में चलना जानता है...!!
लोग पराए की तलाश में,
अपने खो देते हैं...
क्यों है
तेरा इन्तेजार ?
किस बात कि
है दरकरार ,, ?
जानता हूँ
कितनी ही सदायें दूँ
तू ना आएगा पलटकर
फिर भी क्यों है
जिया बेकरार
व्यर्थ है आशु
अब पिया मिलन
की आस,,,,,
आशु
आते नहीं हैं लोग असल किरदार में कभी, यहाँ एक से बढ़कर एक अदाकार हैं सभी