आ मत जाना अब हम संभल गये हैं ,
यूँ बिखरने का हौंसला बार-बार नहीं होता...
जाने कैसे बीतेंगी ये बरसाते
मांगे हुए दिन है मांगी हुई राते
बाद में खुलकर जी लूंगा,
ये खुद को समझता रहा
जिम्मेदारियां आती रहीं
और शौक जाता रहा...
समझदारी दिमाग में होनी चाहिए,और दिल में बचपना.
पतझड़ में सिर्फ़ पत्ते गिरते हैं,
नज़रों से गिरने का कोई मौसम नहीं होता.....
ज़िंदगी में कुछ कम रंग हों
यही बेहतर है
इतने सारे गिरगिट
झेले नहीं जाते
मुझे खेद है कि मैं प्यार में बुरा हूँ
लेकिन मैंने तुम्हें अपनी सारी खामियों के साथ प्यार किया।
तुझे पा लूं गर मैंपल भर को भी,
तो पल भर में मैंसदियां बिता दूं।
मेरा धर्म बड़ा इस दंभ मे गला अपनो का रेत रहे,पहले मकां थे जो इंसान वो अब केवल खेत रहे,
शमसीर सी वाणी दिल मे नफरत कि आग है,कैसे रौशन होगा गुल यहा हर इंसान नाग है,
और अपने स्वार्थ मे निर्दोषो...
मेरे जीवन की किताब का
सबसे सुंदर अध्याय हैं आप
छिप गई है हंसी चेहरे की,
माथे पर चिंता के निशान है,
ज़िम्मेदारियां जेब से बड़ी
और साथ सिर्फ़ स्वाभिमान है.
रास्ते ख़ूबसूरत हो तो मंज़िल की परवाह क्यूँ करनादिल में अगर सुकून हो तोबेचैनियों की फ़िक्र क्यूँ करना
हीरा परखरने वाले से ज्यादा,
पीड़ा परखने वाले ज्यादा महत्वपूर्ण होते है…!!
एक अरसे से हमारी बोलचाल बन्द हैफिर भी क्या यादों की आवाजाही बन्द है
कागा सब तन खाइयो।चुन चुन खाइयो माँस।।दो नैना मत खाइयो।मोहे अच्छे दिन की आस।।
रिश्ते नातों के बिना ये जिंदगी वैसी हैजैसे लकवे से ग्रसित शरीर सुन्न पड़ी है॥
सूखे कपड़ों से नमी निकाल रहा है,
वो मुझमें कुछ यूं कमी निकाल रहा है।
सारी उम्र एक ही गलती हमने बार बार दोहराई
अन्धों को आँसू दिखलाये बहरों को आवाज़ लगाई
चल ज़िन्दगी नई शुरुआत करते हैं, जो उम्मीद औरों से की थी वो अब खुद से करते हैं !!
काश ये सिर्फ शायरी ना होकर हकीकत हो जाती,
जी भरकर देख लेता तुझे अश्कों की बरसात हो जाती..!!
विरक्ति