World's Best Cow Hospital

तपस्या में भले ही कमी रह गयी हो, नीचता में कोई कमी नहीं है.

“मनुष्य दूसरों की दृष्टि में कभी पूर्ण नहीं हो सकता, पर उसे अपनी आँखों से तो नहीं ही गिरना चाहिए.! ” जयशंकर प्रसाद

सन्नाटा इस कदर पसरा है जज़्बातों की मौत का, अब तो तन्हाई भी मुझे सुनाई पड़ती है...!!

किस्तों में बिखरीं हँसी देखी है हमनें ज़िंदा रह कर ख़ुदकुशी देखी है....!!

लहरों का शोर नहीं सागर का 'शान्त' सुनो , जीवन में कुछ बड़ा करना है, तो एकान्त चुनो ..!!

तू बन जा गाली बनारस की मैं शाम तलक..

जिंदगी अपने रफ्तार से चल रही हैं, हम अपनी रफ्तार से चल रहे हैं, और समय........? वो तो बस मजे लिए जा रहा हैं।

हौंसला और रुतबा बनाए रखिए,दिन अच्छे बुरे आते जाते रहेंगे।

जली को आग कहते हैं,बुझी को राख कहते हैं।और जो अंधभक्तों के पास नहीं हैउसे दिमाग कहते हैं

अजीब सी मोहब्बत मेरे हिस्से आयी है ,,,, ना दुवा है ना सलाम है पता नही महबूबा मेरी किस से लड़ कर आई है,,,,, यूँ तो सबसे करती है हंस हंस कर गल्ला बस मुझसे ही अकड़ कर मुह को फुलाई है

अधूरे किस्सों कीलिखावट हमपूर्ति की प्यास मेंतलाशते रहें दर बदर मकामचंद लम्हों की लिखावट के बादहो गया अल्पविरामहोगा ना शायदकुछ किस्सों काकभी भी पूर्णविराम….

आसानी से मिलने वाली चीजें हमेशा खतरों से भरी होती है..

ना हक़ दो इतना कि तकलीफ़ हो तुम्हें, ना दो वक्त इतना कि गुरुर हो उन्हें.....

पढ़ाई चल रही है ज़िंदगी कीअभी उतरा नहीं है बस्ता हमारा !!

कुछ लोग दूर से बहुत अच्छे लगते है फोल्लोविंग मैं आने के बाद घटिया लगते है

अब शहर भर जाते हैं, और लाइफ खाली हो जाती है। अनघ शर्मा

अब नाराज नहीं होना है किसी से बस नजरअंदाज करके जीना है.....!

राय पहले से बना ली तू ने दिल में अब हम तेरे घर क्या करते

सोचो तो सिलवटों से भरी है तमाम रूह देखो तो इक शिकन भी नहीं है लिबास में

सकारात्मक कार्य करने के लिए हमें एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना चाहिए।


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