प्यार की गिनती नही आती मुझे..तुझसे जो हुआ है अनंत हुआ है…!!
रहिमन धागा प्रेम का, मत तोड़ो चटकाय।
टूटे से फिर ना जुड़े, जुड़े गाँठ परि जाय॥
रहीमदास
लोग तोल देते हैं चंद बातों पर क़िरदार…बारी अपनी हो तो तराजू नहीं मिलता!!
सुलझी सी कविताएँ लिखते हैं, ख़ुद में ही उलझे से लोग..!
जम्हूरियत पर कस रहा फंदा
ख़ुद को ख़ुदा समझ रहा बंदा
बहलाया-फुसलाया, डराया भी
बॉन्ड से भी जुटा लिया चंदा
चुनाव की बिसात धर्म का दांव
नफ़रत का तूफ़ान कभी पड़े न मंदा
किसी को जेल इनके लिए खेल
इन पर भी चलेगा वक़्त का...
सबूतों की जरुरत पड़ रही है..
यकीनन... दूरियां अब बढ़ रही हैं।
किस तरह जमा कीजिए अब अपने आप को, काग़ज़ बिखर रहे हैं पुरानी किताब के
देख पगली दिल में प्यार होना चाहिएधक-धक तो Royal Enfield भी करता है !
मुकम्मल हो गर इश्क़ तो तेरे सारे नखरें झेलूं मैं,
तुझे लेकर अपनी आगोश में तेरी जुल्फों से खेलूं मैं..!!
विरक्ति
ये ढलती हुई शाम,
करती है दीवानों का काम तमाम।
बात गहरी है,
गहराई से सोचना,
कोई राह देखता है,
तो कोई सरेराह देखता है।
जिन्हें महसूस इंसानों के रंंजो-गम नहींहोते…वो इंसान भी पत्थरों से कम नहीं होते…!!!
झूठे इल्जामों की फिक्र ना करें वक्त का ग्रहण चाॅंद ने भी झेला था!!
हर तरफ से असफल व्यक्ति ही,
सबसे उत्तम शिक्षक होता है।
एक औरत को उपहार में देने के लिए,
सबसे बड़ी चीज़ है उसका सम्मान करना....
काश ये सिर्फ शायरी ना होकर हकीकत हो जाती,
जी भरकर देख लेता तुझे अश्कों की बरसात हो जाती..!!
विरक्ति
ज़िंदगी उस रेल के सफ़र की तरह है बाबू मोशाय,
जिसमें "लोअर बर्थ" माया और "उपर बर्थ" मोक्ष है..
जब लहजे बदल जाएं तो वज़ाहतें कैसी..नए मयस्सर हो जाएं तो पुरानी चाहतें कैसी..!!
खुद को खो दिया मेने,
एक तुझे पाने के लिये।
अगर आप सही हो तो कुछ भी
साबित करने की कोशिश मत करो
बस सही बने रहो, गवाही वक्त ख़ुद दे देगा।
ना आज मिले , न कल मिलें...
शिव शम्भू तो हर लम्हें हर पल पल में मिलें..!!