सबसे बेज़ार हो गया हूं मैं ज़ेहनी बीमार हो गया हूं मैं…!!!
कोई अच्छी ख़बर नहीं मुझमें यानी अख़बार हो गया हूं मैं…!!!
असली गर्मी खून में नहीं, जून में होता है, भीगा कपड़ा सूख जाता है पहन लो तो भीग जाता है
वो करता है जब भी तारीफ़ मेरी... हाय,चेहरा मैं उसके सीने में छुपाती हूं..!!
शादीशुदा मर्द की इज्जत,
औरत की वफादारी पर टिकी होती है।
जिन्हें तकदीर रुलाना चाहे ,उन्हें बेक़दरों से इश्क़ हो जाता है.
मैं मगन डमरू की धुन पर नाचूँ ।
तुम दशाश्वमेध' का राग हो जाओ।
मैं तुमको छूऊं जलकर राख हो जाऊं ।
तुम मणिकर्णिका की आग हो जाओ...
गुज़रता हुआ वक्त क्या क्या सिखा देता है.….. कभी हँसना तो कभी रोना सिखा देता है वक्त है कभी जहर पीना तो,कभी जख्म सीना सिखा देता है...!
दिल एक हो तो कई बार क्यूँ लगाया जाए,बस एक इश्क़ ही काफ़ी है अगर निभाया जाए..!!❣️
तुम्हें छूकर मैंने जाना
किसी रेलगाड़ी के गुजरने पर
धरती कांपती क्यों है।
तुम्हें चूमकर मैंने जाना
छूइमूई के पौधे का रहस्य।
तुम्हारे आलिंगन से मैंने जाना
चन्द्रमा पर प्रथम मनुष्य होने का एहसास।
तुमसे प्रेम करके मैंने जाना
मछुआरे और मछली के बीच...
वक्त तराजू है जनाब •••
वो जो बुरे वक्त में आपनो का वजन बता देता है ....!!
कहते-सुनते बात तुम्हारी सो जाता हूँ
ऐसे ही मैं रोज़ तुम्हारा हो जाता हूँ
अश्विनी यादव
व्यस्त हूं , मस्त नहीं....
कौन है दोस्तों ऐसा यहां ,
जिसे कोई कष्ट नहीं..!
काली करतूतों को आसानी से ढक देता है।
सच पूछो तो 'कामयाबी ' भी एक परदा है।।
सुकून जिसे कहते हैं,
यारों वो सिर्फ़ ❣️मां❣️ होती है।
तेरे लौटने के इंतेजार में,तेरी यादों से मोहब्ब्त हो गई….
मैंने कब कहाकोई मेरे साथ चलेचाहा ज़रूर!
सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
जब खोने को कुछ ना हो,
तब पाने को बहुत कुछ होता है....
मन को मना लेना ही ठीक हैक्योंकि हर ज़िद खुशी नही देती ..
बीवी भी हक़ जताती है,माँ भी हक़ जताती है, शादी के बाद आदमी कश्मीर हो जाता है॥
संभालना था
सम्पूर्ण सृष्टि को
एक धागे में,
ईश्वर ने गढ़ी स्त्री और
यात्रा पर निकल गया!