प्रेमिकाओं ने प्रेम में हमेशा ,
अपना भविष्य चुना है , प्रेमी नहीं।
जब बात जरूरत की हो,
तब लहज़े सबके मीठे हो जाते हैं....
किस्तों में बिखरीं हँसी देखी है
हमनें ज़िंदा रह कर ख़ुदकुशी देखी है....!!
किसके लिए
जन्नत बनाई है तूने
ऐ खुदा,
कौन है इस जहाँ में
जो गुनहगार नहीं?
रूपया व्यक्ति का,
रवैया बदल देता हैं।
लड़कियां बचपन में उतने नखरे नहीं करती, जितना गर्लफ्रेंड का पद मिलने के बाद करती हैं
क्यूँ हर दफ़ा ख़ुशियों की क़ीमत आंसुओं से चुकानी पड़ती है..?
सच में अक्सर ऐसा होता
जब भी मेरे मन
और संघर्ष के बीच युद्ध होता है
सोचते अब लड़ के खड़ा हुए की
फिर लड़खड़ा के गिर ही जाते हैं
शायद यही असल ज़िंदगी का
यथार्थ मतलब है।
नेहा यादव
मैंने अपनी पीड़ा किसी को नहीं बताई, क्योंकि मेरा मानना है कि व्यक्ति में इतनी ताकत हमेशा होनी चाहिए कि अपने दुख, अपने संघर्षों से अकेले जूझ सके
ऐ जाने वाले जल्दी जामुझे हंसने का मौक़ा दे
आज कल हर इंसान के पास ई मेल है,
मगर इंसान का इंसान से कोई मेल नहीं है...
काश ये सिर्फ शायरी ना होकर हकीकत हो जाती,
जी भरकर देख लेता तुझे अश्कों की बरसात हो जाती..!!
विरक्ति
अजीब अदा है लोगों की ...
नजरें भी हम पर और नाराजगी भी हमीं से...!
परिवर्तन संसार का नियम है।
यहां कुछ भी स्थिर नही है ना प्रेम,ना घृणा,ना समय,ना संबंध।
शुभचिंतक = शुभ होते ही चिंता करने लगा🤣
तुमने निकलते देखे होंगे ज़नाजे अरमानों के, हमने खुले आम दफनाई हैं ख्वाहिशें अपनी..!!
घर वाले जब भी कहते हैं कि भाड़ में जाओ तो मैं चुपचाप आकर फेसबुक पर बैठ जाता हूँ.
शब्द नहीं हूँ.. जो तू पढ़ सकेएहसास हूँ.. बस महसूस कर..
बेटे खुश ना भी हों तो कौनसा, घर वालों को पता चलने देते हैं....
मरना तो है ही,
अपने मनुष्यत्व और अधिकार के लिए मरो !