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World's Best Cow Hospital

मैं ढूंढती हूं खुद में...खुद को ही,शायद मैं वो नहीं जो हुआ करती थी..!!

ना कश्ती मेरी है, ना माँझी मेरा हैडूबने का डर नहीं ये दरिया मेरा है। ~सौरभ

ऐसी सर्दी है कि सूरज भी दुहाई मांगेजो हो परदेस में वो किससे रजाई मांगे !

दोस्ती करनी हो तो गणित के जीरो जैसी करो,जिसके साथ मिल जाओ उसकी कीमत बढ़ जाए…

कुछ दरमियाँ नहीं हैं तो बेचैनियाँ है क्यों , कुछ रिश्ते बेरुखी से भी नहीं टूटा करते ..

काली साड़ी, लाल लिपिस्टिक, खुले बाल एक पुरुष की तपस्या भंग करने के लिए पर्याप्त हैं...

घटी कमाई, बढ़ गए खर्चे गली-गली बदलाव के चर्चे

लिखें वही जिसके नीचे अपने हस्ताक्षर कर सकें ….. सोचे वही जो बेहिचक बोल सकें ….. और बोलें वही जिसका जवाब सुन सकें !!!

कोई भी मां तब ज्यादा बेचैन होती है जब बात उसके बच्चों पर होती है ।।

मुझे भी सिखाओ तुम मुकरने का हुनर थक गया हूं वादे निभाते निभाते!

जिंदगी बसर करनी है तुम्हें सांपों की बस्ती में,फन कुचलने का हुनर सीख लेना वरना ड़से जाओगे.

मसअला ये नहीं कि! तुम दूर हो गये हो, मुद्दा बस इतना है कि वो तरीका ग़लत था

वो जो न आने वाला है ना उससे हमको मतलब था, आने वालों से क्या मतलब आते है आते होंगे..!

हर सुबह आपका ख्वाब आता है..आंख खुलने से पहले लबों पर..आपका ही नाम आता है….!!

राजा महराजाओं कि रियासतें भी खाक में मिली हैं, दौलत, रूतबा, प्रतिस्पर्धा सब इसी राख में मिली हैं..!!

मरम्मतें करके रोज थक जाता हूँ मैं,रोज मेरे अंदर नया नुक्स निकल आता है।

अपनी ज़िंदगी में खुद रोशनियां पैदा करो,यकीनजानो तुम्हारे अलावा तुम्हारा कोई भी वफादार नही है ...

भस्म तेरा श्रृंगार प्रभु, तू मेरा पहला–आखिरी प्यार प्रभु,सबके लिए महादेव है तू…पर मेरे लिए संसार प्रभु.

यूँ तो हर शाम उमीदों में गुज़र जाती हैआज कुछ बात है जो शाम पे रोना आया ~ शकील बदायुनी

शुक्र भी है और शर्मिंदा भी हैतेरे बाद मर भी गए और जिंदा भी है


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