धीरे धीरे सब छोड़ जाते है,,
ये तो बस गुजरता एक साल है।।
ज़्यादा प्रशंसा करने वालों से खुश नहीं ,
सावधान रहने की ज़रूरत है ...
कैसे भेज दूं उस मोहब्बत को भाड़ में,जिसकी इबादत में दिन रात खुदा को याद करता हूं..!!
दुश्मन भी दुआ दें फितरत ऐसी है
अपने ही दगा दे किस्मत ऐसी है!
जिसमे निखरे वो भी इश्क़ था , जिसमे बिखरे वो भी इश्क़ है ...
फूंक डालुंगा मैं किसी रोज दिल की दुनिया,ये तेरा खत तो नहीं है जो जला ना सकूं !
हर बार मेरे सब्र को तुम कुछ इस तरह आंकती हो,
मचल के रह जाता है दिल जब तुम दहलीज़ से झांकती हो..!!
विरक्ति
कुछ लोगों की फितरत चप्पल जैसी होती है ,
साथ तो देते हैं लेकिन पीछे से किचड़ उछालते हैं ...
जब प्रतिष्ठा बढ़ेगी तो निंदा का टैक्स तो चुकाना ही पड़ेगा...
निंदा से ना घबराएँ ये तो प्रगति की निशानी है...
इत्र सी महक उठती हैं ये शामजब हिस्से में आता हैं तुम्हारा नाम..!!
वो हमारे परिवार का दुःख कैसे समझेगा जिसका अपना कोई परिवार ही नहीं है !
तह बह तह जमती चली जाती है सन्नाटों की गर्दहाल-ए-दिल सब देखते हैं पूछता कोई नहीं
जब सांस आखिरी हो, और दो शब्द की मोहलत होएक नाम तुम्हारा लूं एक शब्द मोहब्बत हो....!!
जो वक्त नहीं दे सकता..
वो साथ कैसे देगा..!!
बुद्धि और परिश्रम के शिवाय
दुनियाँ में कोई चमत्कार नही है तरक़्क़ी और सुख- शांति का ?
✯||ज़रा ठहरो तो नज़र भरके देखे तुम्हे
जमीं पे चांद कहा बार बार आता है...||✯
समंदर
जीवन में हमेशा इंतजार ही नही करना चाहिए,क्योंकि सही वक्त कभी नही आता,उसे लाना पड़ता है !
साधारण दिखने वाले लोग ही
दुनिया के सबसे अच्छे लोग होते हैं।
अब्राहम लिंकन
हालातों के साज़ परपीड़ा के तार सेवेदना के स्वर लिखूँगा
वक़्त की राह परज़िन्दगी की क़लम सेलम्हों की रफ़्तार लिखूँगा
वैश्या की पीड़ा सेजिस्म के खरीददारों परमैं हवस के बाज़ार लिखूँगा
तन्हाई के साये मेंअन्धेरे की क़लम सेमैं अपना संसार लिखूँगा..