कितना कठिन प्रश्न है यह "कैसी लगी लड़की…..?"कितना बड़ा कलेजा होगा लड़की के पिता का...
मज़दूर स्त्रियों के साथ अपने खेत में धान की रोपनी की..!
नेहा सिंह राठौर
कंपटीशन इतना बढ़ गया है
कि अगर हम किसी को अपना दुःख बताते हैं
तो वो हमसे ज्यादा बताने लगता है।।
सत्य के बाद मनुष्य निर्भय हो जाता है, और झूठ के बाद कायर।
जया अंजनी
मजबूत बनो बेटा मां बाप रहम खा लेते है...
ये दुनिया रहम नहीं खाती...!!!
जिस घर में बेटा नहीं होता उस घर में बेटी,
बेटा बन के मां बाप का ख्याल रखती है !!
स्त्री और पुरुष एक दूसरे के पूरक हैं।
आपसी सहयोग के बिना दोनों का अस्तित्व असंभव है
अक्सर दुनियाँ के लोग समय में चक्कर खाया करते हैं
लेकिन कुछ ऐसे होते हैं, इतिहास बनाया करते हैं।
रोटी कमाना बड़ी बात नहीं,
परिवार के साथ रोटी खाना बड़ी बात है...
फूंक डालुंगा मैं किसी रोज दिल की दुनिया,ये तेरा खत तो नहीं है जो जला ना सकूं !
तेरी फ़ोटो को देख के क्रेजी बन गए, तेरे fan थे पहले अब AC बन गए
तू सच बोलने का इरादा तो कर, बिरह काटने का हौसला है मुझ में.
खुश रहने के लिये जिंदगी में खुद के स्थिति क्षमता देख कर ही फैसले लेने चाहियेलोगों को खुश करने या दिखाने के लिये गये फैसले हमेशा दुख के कारण बनते हैं
समय सब कुछ बदल देता है..
जरूरत सिर्फ़ सब्र की है..!!
हिचकी यादों की नागरिकता है।
समय बहुत कीमती है इसीलिए ,अपना नहीं दूसरों का बर्बाद कीजिए !!
अनुभव उम्र से नहीं,परिस्थितियों का सामना करने से आता हैं…
सकारात्मक विचार कड़वे जरूर होते हैं मगर इनका परिणाम हमेशा सुखद होता है।
न्यूज़ देख रहा था
ना मुझे इजराइल से बैर है
ना फलीस्तीन से मोहब्बत
दोनो तरफ से मरने वालों की
संख्या बताई जा रही थी
जिसमे औरते मर्द मासूम थे
टूटते घर थे
कुछ लाशें थी
कहीं आग लगी थी
कहीं रुदन था...
इरादा है बदलने का तो कोशिश कर बदलने की
अगर सूरज नहीं है तो चराग़ों से उजाला कर
मिलेगी हार या फिर जीत का परचम उठाएगा
नतीजा जो रहे लेकिन नया सिक्का उछाला कर
राघवेंद्र द्विवेदी