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World's Best Cow Hospital

समय हमें कुछ भीअपने साथ ले जाने कीअनुमति नहीं देता। – कुँवर नारायण

किसी एक को खुश करने के लियेलोग अपने लोगों से दूरी बना लेते हैंऔर एक दिन ऐसा भी आता है, किजिसके लिये पूरी दुनिया से अलग हुयेवो खुद अकेला छोड़कर अलग हो जाता है

हज़ारो ठोकरें खाकर भी नाबाद बैठी हूँ मैं जहाँ कल थी, वही पर आज बैठी हूँ अँधेरों से नहीं शिकवा, नहीं क़िस्मत से नाराजगी कोई किस्मत को भी सँभाल लूँगी मैं, अब ये ठान बैठी हूँ छोड़ा हैं कई गैरो ने,...

तुम्हारी आवाज वो संगीत है, जिसे ताउम्र सुना जा सकता हैं…!!

चाय को तीसरी बार गर्म करके पिओगे तो जहर बन सकती है

प्रेरणा के लिए पिता का संघर्ष, देखना ही पर्याप्त होता है.....

वो आईने में कैसे बर्दाश्त करता होगा खुद को उसे तो धोकेबाज़ लोगो से सख्त नफरत थी..।।

एक तेरा कदम एक मेरा कदम, मिल जाए तो जुड़ जायें अपना यह वतन…

दिल चाहता हैं कि फिर अजनबी बनकर देखेतुम तमन्ना बन जाओ हम उम्मीद बनकर देखे

अदब कीजिए हमारी खामोशी का.. आपकी औकात छिपाए फिरते हैं..

भटकने की आरजू किसको है ,मिल जाओ तुम तो ठहर जाऊं मैं..❤️

महरुमीयों की अपनी कोई इंतेहा नहीं ,कभी चेहरा नही, तो कभी आईना नही ।तुम जिस से कर रहे हो मेरे हक में बद्दुआ ,मेरा भी है खुदा, वो फकत तुम्हारा नही ।

जख्म खरीद लाया हूंइश्क के बाजार सेदिल जिद कर रहा था कीमुझे मोहब्बत चाहिये

चाहा यही की एक ही शक्स समझे मुझे,भीड़ से रहा हमेशा परहेज मुझे

शेरों के साथ संगत बनाइए.. कुत्तों के साथ बैठने से आप सिर्फ पीठ पीछे भोकना ही सीखेंगे..!!

ऐसी शिक्षा जो डॉक्टर और इंजीनियर को तो जन्म देती है, लेकिन मनुष्य को जन्म नहीं देती व्यर्थ है।

जिंदगी का सबसे खूबसूरत एहसास है.."किसी की खुशी का कारण बनना"…..!!

मोहोब्बत, इबादत से आगे की शय हैकि हमने ख़ुदा को सनम कर लिया है ~ भास्कर शुक्ला

इलज़ाम आखिर हमारे सर ही आया , हम चुप रहकर भी बदनाम हो गए ..!!

अपने बच्चों को कुछ दें या चाहें न दें , उच्च शिक्षा अच्छे संस्कार अवश्य दें..!!


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