वक्त तराजू है जनाब •••
वो जो बुरे वक्त में आपनो का वजन बता देता है ....!!
जमाने मे और भी दर्द है , सहने को साहब,
हर उतरे हुए चेहरे का मसला , इश्क नही होता..!!
अपनी बेटी को ज्ञान देकर अच्छे और बुरे का,
उसे इस गंदे समाज का आईना दिखाता है,
एक पिता ही है जो मजबूती से हांथ पकड़कर,
उसे कदम से कदम मिलाकर चलना सिखाता है..
कभी बदन दर्द, सिर दर्द तो कभी उनकी सांस फूल जाती है,
बेटा अगर प्यार से गले लगा ले, तो मां हर दुख भूल जाती है..
प्यार या नफ़रत सिर्फ़ बच्चे करते हैंबड़े होकर आदमी सिर्फ़ व्यापार करते हैं
हया नहीं है ज़माने की आँख में बाक़ीख़ुदा करे कि जवानी तेरी रहे बे-दाग़ ।
सर्वाधिक आनंद उन्हें प्राप्त होता हैजो मौन रहने की कला सीख जाते हैं
आजकल वो कुछ कहते नहीं है मशरूफियत है या नाराज़गी…?
दिलों के ताले की चाबी
लफ्ज़ में नहीं लहजे में होती है !
अच्छे कपड़ों में कुछ स्वाभिमान का अनुभव होता है।
मुंशी प्रेमचंद
कुछ रिश्ते आजकल उस रास्ते पर जा रहे हैं,न साथ छोड़ रहे हैं, और न ही साथ निभा पा रहे हैं…
ब्रह्मांड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं।
वो हम ही हैं जो अपनी आंखों पर हाथ रख लेते हैं
और फिर रोते हैं कि कितना अंधकार है।
स्वामी विवेकानंद
तुम लोगो की बुराई छुपाओकल क़यामत के दिन अल्लाह तुम्हारे गुनाह छुपाएगा,,,
किसी को टूटने की हद तक दबाना भी ठीक नहीं है।
अपने आप में शांति पाने के लिए, तुम्हें विचारों के बंधनों से मुक्त होना होगा !
उम्मीद कम रखिए,खुशियां बेहिसाब होंगी !
जैसा दिल बनाया है, काश वैसा ही नसीब भी बना देता मालिक।।
दिल को कागज समझ रखा है क्या ? आते हो, जलाते हो, चले जाते हो...!"
भरे बाजार से अक्सर मैं खाली हाथ आया हूँ ,
कभी ख्वाहिश नहीं होती कभी पैसे नहीं होते ।।
उन्हें याद करें! विक्रम साराभाई, नेहरू, अब्दुल कलाम