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World's Best Cow Hospital

एक तेरा दीदार मेरे सारे गमो को भुला देता है…. मेरी जिंदगी को जिंदगी बना देता है….!!

अँगूठीयों में कोयला जड़ा जा रहा हैहीरों की परख है अब अंधों के हाथ में -अम्बष्ठ

तमाम इश्क के शहर मालिक अब आग में जलते हैंमज़हब के पैरों से लोग आशिकों के सर कुचलते है

तुमने ही बदल दिए सिलसिले वफाओं के…वरना हमें तो आज भी तुम से अज़ीज़ कोई नही..!!

दोस्ती करनी हो तो गणित के जीरो जैसी करो,जिसके साथ मिल जाओ उसकी कीमत बढ़ जाए…

मुकम्मल हो गर इश्क़ तो तेरे सारे नखरें झेलूं मैं, तुझे लेकर अपनी आगोश में तेरी जुल्फों से खेलूं मैं..!! विरक्ति

बर्बाद-ए-तमन्ना पे इताब और ज़ियादा हाँ मेरी मोहब्बत का जवाब और ज़ियादा

साथ देने वाले कभी हालत नहीं देखते और हालत देखने वाले कभी साथ नहीं देते !!!

मैंने कब कहाकोई मेरे साथ चलेचाहा ज़रूर! सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

कितना दर्द है आज दिल में दिखाया नहीं जाता,किसी को अपनी बर्बादी का किस्सा सुनाया नहीं जाता... एक बार जी भर के देख ले इस चहरे को ओ बेवफा सनम,क्यूंकि बार बार कफन उठाया नहीं जाता...!!

रिश्तों को वक्त दिया जाता है.. बहाने नहीं..!!

जिन्हें आप पसन्द करते हैं, उनका बूँद भर भी आपको सागर नज़र आता है ; जो आपको पसन्द करते हैं, उनका सागर भी आपको बूँद बराबर लगता है।

जब बच्चे ने काग़ज़ खाया तो माँ ने डाँटा, बच्चे ने रो कर कहा माँ काग़ज़ पर रोटी बनी थी।

जली को आग कहते हैं,बुझी को राख कहते हैं।और जो अंधभक्तों के पास नहीं हैउसे दिमाग कहते हैं

लिखें वही जिसके नीचे अपने हस्ताक्षर कर सकें ….. सोचे वही जो बेहिचक बोल सकें ….. और बोलें वही जिसका जवाब सुन सकें !!!

थमती नहीं है जिंदगी यहां किसी के बिना, पर गुजरती भी नहीं है अपनों के बिना।।

मैं तुम्हारे साथ हूॅं कहने में और रहने में बहुत फर्क होता है !!

जिसकी मति और गति सत्य की हो,उसका रथ आज भी श्री कृष्ण चलाते हैं

कुछ सामान हुआ इधर उधर फिर से सम्भाल कर रख दिया पर नुक़सान ना हुआ हालाँकि तूफ़ान तेज था और मैं जानती थी कि वो ज़िद्दी है ……

ज़माना ख़राब है! भरोसा थोड़ा सोचकर समझकर करिये…यहां क़ातिल भी सिर्फ खुदा के बन्दों के "भेष" में आते है…


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