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World's Best Cow Hospital

ज़िंदगी ने सवाल बदल डाले,वक्त ने हालात बदल डाले,हम तो आज भी वही हैं जो कल थे,बस लोगों ने अपने जज़्बात बदल डाले!

तुम बेवफाई के उसूलों से वाफिक नहीं शायद , बिछड़ने के बाद महबूब की खैरियत नहीं पूछी जाती...

क़त्ल हुआ हमारा इस तरह किश्तों में..!!कभी ख़ंजर बदल गए कभी क़ातिल बदल गए.!!

जिसे देखो वो दुःखी है .. आखिर ये खुशी जा कहां रही है ...

मैं दोस्ती का हर एक बढता हाथ चुमता हूं बस एक शर्त है , बंदा नमक हराम ना हो

चाहे कितने भी Option हो Life में... Choice बस तुम हो...!!

पुरुष कोई भी दुःख सहन कर सकता है,परंतु उसके घर का क्लेश…. उसकी आत्मा को निचोड़ कर रख देता है…!!

कितना हसीन इत्तेफाक़ था तेरी गली में आने का, किसी काम से आये थे… किसी काम के ना रहे।

अगर इस ज़िंदगी को दोबारा पाने का मौक़ा मिलेगा तो उस मौक़े को गवाँ देंगे हम .. ये भी क्या जिंदगी हैं ? हर छोटी छोटी ख्वाहिश को तरसे है हम ..

◈•✦───•✿✺『💠』✺✿•───✦•◈ सफ़र में होती है पहचान कौन कैसा है ❖◈•┼•◈❖ ये आरज़ू थी मेरे साथ तू सफ़र करता! ◈•✦───•✿✺『💠』✺✿•───✦•◈

कभी कभी बहुत बुरा लगता है, नहीं....अपने लिए नहीं.... तुम्हारे लिए...!

चले भी आओ कि गुलशन का कारोबार चले।

चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही !रवैये अजनबी हो जाये तो बडा दर्द होता है

किससे पैमाने वफ़ा बाँध रही है बुलबुल,कल न पहचान सकेगी गुल-ए-तर की सूरत।

साथ हजारों ख्याल आयेजैसे कोई सूखी लकड़ीसुर्ख आग की आहें भरे,दोनों लकड़ियां अभी बुझाई हैं

ताकत लोगों को जोड़ने से बनती है, उनको खिलाफ़ करने से नहीं....

नहीं मांगती प्राण प्राण में , सजी कुसुम की क्यारी स्वप्न स्वप्न मे गूंज सत्य की , पुरुष पुरुष मे नारी रामधारी सिंह दिनकर

किस चीज़ का बनवाती हो लिबास तुम अपना , कपड़ा तो इस आग को छूकर जल जाता होगा..!

सत्य के लिए किसी से भी नहीं डरना गुरु से भी नहीं मंत्र से भी नहीं लोक से भी नहीं वेद से भी नहीं

फूल चुन कर एकत्र करने के लिए मत ठहरो। आगे बढ़े चलो, तुम्हारे पथ में फूल निरंतर खिलते रहेंगे


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