World's Best Cow Hospital

फासले और बड़ा लो एतराज़ कब किया हमने , तुम भी ना भूल सकोगे वो अंदाज़ हूं मै ..!!

हम खाली किताब थेलोग आते गए सबक छपता गया

चलो अपने अपने गिरेबाँ में हम झाँक आते हैंकहीं हम ही तो नहीं हैं बे-ग़ैरत सबसे ज्यादा

जमीं पे एक ही औरत दिखाई देती है , मुझें तो माँ की मोहब्बत दिखाई देती है ।।

नहीं मांगती प्राण प्राण में , सजी कुसुम की क्यारी स्वप्न स्वप्न मे गूंज सत्य की , पुरुष पुरुष मे नारी रामधारी सिंह दिनकर

बहुत जानी हुई शक्ल भी , कभी कभी पहचानी नहीं जाती है ...

साँच बराबरि तप नहीं, झूठ बराबर पाप। जाके हिरदै साँच है ताकै हृदय आप॥ कबीर दास

क्या इक स्त्री और पुरुष के आपसी मजबूत संबंधो मापदंड मूल स्तम्भ सिर्फ सम्भोग है,,,?क्या देह से देह का घर्षण ही उनका आख़री पड़ाव है,,,?

लिखते क्यों नहीं मुझे फिर दोबारा फिर एक बार मुझे अधूरा होना है !

ज़िन्दगी के "पन्नों" में मेरा किरदार भी "जोकर" का रहा, मैं "हंसा" तो भी लोग हंसे मैं "रोया" तब भी लोग हंसें..!!

पिता का मौन यदि सुन सको तो, दुनिया के ताने सुनने की नौबत नहीं आएगी। प्रह्लाद पाठक

अपनी जिंदगी में Royal लोगों को नहीं, बल्कि Loyal लोगों को अहमियत दीजिए...!!

सोच आज दो घड़ी के लिए, वक्त रुकता नहीं किसी के लिए !!

मर्द कि मुस्कराहट उस वक्त गायब हो जाती हैं ,जब उसका बैंक अकाउंट और जेब दोनों खाली हो

आज की सुबह खास है बादल का वो टुकड़ा बारिश के साथतेरी यादों की फुहार भी लाया है मैं खुद को आज सींचूँगीमन में बसी विरह की तपिशको इन गिली बूंदो सेकुछ नयी कलियाँ कुछ नये सपनेकुछ नये से तुम...

सारे जग की उम्मीदों से निज स्वार्थ बड़े जब हो जायें पद हेतु, शत्रु के पाले में कुछ मित्र खड़े जब हो जायें तब दिल पर पत्थर रखकर उनसे हाथ छुड़ाना पड़ता है निज संबंधों को भूल पार्थ को शस्त्र उठाना पड़ता है फंस गया तुम्हारा...

मंज़िल तय करने से पहले ही घर के हालात हरा देते हैं, कभी मुफलिसी पांव रोक लेती है तो कभी रास्ते डरा देते हैं..!!

भक्ति यदि पवित्र हो तो बिगड़े काम बन जाते हैं, साधना यदि सच्ची हो तो "राम" भी मिल जाते हैं..!!

बस एक गलती को देर है,लोग भूल जायेंगे आप पहले कितने अच्छे थे...

सोचता हूँ कि उस की याद आख़िर अब किसे रात भर जगाती है...


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