बुरा वक्त भी कमाल का होता हैं,
जी जी कहने वाले भी तू तू कहने लगते हैं…
चिंतन से ही परिणाम को बदल सकते हैं…
चिंता से नहीं !!!
हिसाब भरी ज़िन्दगी को बेहिसाब जिया जाए ,
महीना सावन का आ गया है महादेव से इश्क किया जाए ..!!
मूर्ख दूसरों पर हसते हैं, और बुद्धिमान खुद पर...
दर्पण देख सँवर गए कितने
अपने पर ही मर गए कितने
ख़्वाबों की खेती को सच के
कीट-पतंगे चर गए कितने
प्यार वफ़ा ईमान की बातें
करके लोग मुकर गए कितने
फ़ाइलें सब्ज़ योजनाओं की
चूहे रोज़ कुतर गए कितने...
कितना अजीब हैं .. दर्द उसका हैं, और उस दर्द की चीख मेरे कानो में गूँजती हैं ...
जिसे कोई नहीं सुधार पता,उसे वक्त सुधार देता है…
पा तो लिया इंसाँ ने दोनों ही जहाँपर इंसाँ में इंसाँ ही बाकी न रहा
बात सच्ची जो करते हैं,
खुल के जीना उनका दुस्वार है भाई।
टूटे तो बिखर जगाओगे...अंत में तबाह ही हुऐ हैं बिखरने वाले !
तुम्हारा गुरूर तुम्हें फनाह करवाएगा
मैं क्या हूं ये तुम्हें वक्त बताएगा
इंतज़ार मत करो
जो कहना हो कह डालो
क्योंकि हो सकता है
फिर कहने का कोई
अर्थ न रह जाए।
छल के युग में सच बोलना एक क्रांतिकारी कार्य है.!
जॉर्ज आॉरवेल
अज़ीज़ इतना ही रक्खो कि जी सँभल जाएअब इस क़दर भी न चाहो कि दम निकल जाए
नशा दौलत का नहीं कामयाबी का रखो ,ज़िद मोहब्बत की नहीं मंजिल की रखो ।
जिस घर में बेटा नहीं होता उस घर में बेटी,
बेटा बन के मां बाप का ख्याल रखती है !!
यूँ तो कोई सबूत नहीं है कि वो मेरे हैं ,
ये दिल का रिश्ता तो बस यकीन से चलता है ..!!
"हुनर" सड़कों पर तमाशा करता है…और "किस्मत" महलों में राज करती है..!!
तुम बेवफाई के उसूलों से वाफिक नहीं शायद ,
बिछड़ने के बाद महबूब की खैरियत नहीं पूछी जाती...