World's Best Cow Hospital English मेरे बग़ैर तुम्हारा गुज़ारा कैसे होगामेरे जैसा कोई तुम्हारा दोबारा कैसे होगा ये दुनिया नफ़रतों के आख़री मुक़ाम पे हैं,इलाज इसका मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं हैं… मोहब्बत कोई नौकरी नहीं जो फ़र्ज़ की तरह निभाई जाए,इबादत हैं, मंदिर के बाहर भी निभती रहती हैं ! साल भर पहले, पहला ‘मकान’ लिया तुम्हारे साथ ने उसे ‘घर’ किया हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं दिल हमेशा उदास रहता है हवा गुजर गई पत्ते हिले भी नही वो मेरे शहर आए और हम मिले भी नही..!! ज़लील भी करो तो तरीके से, ये तहज़ीब का शहर है….लफ्ज़ याद रखेगा तुम्हारे…!! पहले मुग़ल दरबार में नाचते थे,अब मस्जिद के बाहर नाचते हैं,जगह और समय बदला है,मानसिकता व हरकत अभी भी वही है! न तातो न माता न बन्धुर्न दाता न पुत्रो न पुत्री न भृत्यो न भर्ता । न जाया न विद्या न वृत्तिर्ममैव गतिस्त्वं गतिस्त्वं त्वमेका भवानि ॥ ना जाने कौन सी दौलत है तुम्हारे लहज़े में,बात करते हो तो दिल खरीद लेते हो…. गम से खाली नहीं जिस्म का कोना कोई हम रहे न रहे हम पे मत रोना कोई..!! एक एक कर के कितनों ने छोड़ा नहीं पताइक साथ याद आते हैं सारे कभी कभी तकलीफ अकेलेपन से नहीं,अंदर के शोर से होती है.. शक अपने ही हुनर पर भी करते हैइस तरह से बहुत कुछ हम सिखते है ईश्वर किसी का नहीं, अपितु सर्वत्र ईश्वर का है ! चराग़ों को आँखों में महफ़ूज़ रखना बड़ी दूर तक रात ही रात होगी गहने, झुमके, कंगन के बिना भी मैं तुम्हें सजा सकता हूं मैं शायर हूं, अपने लफ़्ज़ों से ही तुम्हें दुल्हन बना सकता हूं इतना अजीब शख़्स हूँ कि मेरे साथ रहकरबिगड़े हुए सुधर गए सुधरे हुए बिगड़ गए औरत होना इतना आसान भी नहींआधे ख़्वाब दिल में ही दफ़न करने होते है…. ले आया गजरा तुम्हारे लिए कहो तो जुड़े में लगा दूं तुम्हारे... ✯ᵈ᭄•समंदर...༈ Prev1…181920…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.