पहाड़ तोड़ने का साहस तो हर इंसान में है,
पर वो डरता है "कामयाबी" के पहले पागल घोषित किए जाने से।
हर लम्हा सांसें बुड्ढी हो रही है
जिंदगी मौत के साये में हैं फिर भी जिद्दी हो रही है
बेवफा को बेख़बर रखना मेरी मौत की खबर से
जमाने के लिए आंसू हैं वो अंदर हस रही है!!
जहाँ मूर्ख नहीं पूजे जाते,
जहाँ अन्न की सुरक्षा की जाती है
और जहाँ परिवार में कलह नहीं होती,
वहाँ लक्ष्मी निवास करती है।
तेरे जानें से ज्यादा फ़र्क नहीं पड़ा
जहा दिल होता था अब वहा दर्द होता हैं.
मरहम लगता है उसके ज़ख्मों पर,
वो हर भवसागर से तर जाती है,
जब बेटे कि पहली तनख्वाह से,
मां के सपनों कि साड़ी आती है..!!
हल्के इश्क़ में वादे बहुत भारी होते हैं....!!
तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहींएक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
~क़तील शिफ़ाई
जितना आपके लहज़े में सब्र होगा
उतना ही आपकी दुआओं में असर होगा...!
बचपन में तो यही स्टाइल था
तुम परवाह करना छोड़ दो, लोग तकलीफ देना छोड़ देंगे।
अच्छा बुरा जैसा भी हूँ
पर Original हूँ....!!
अहंकार का बस इतना ही सच है
दिल से जुड़े रिश्ते भी खा जाता है।
मन में रखते हीन भावना, पेशे से शुद्ध चाटुकार हैं,
बनते कद्दावर नेता हैं, लेकिन फितरत से गद्दार हैं..!!
बीते मीठे लम्हों का है जो आसराहसरतें खामोश ठहरा ज़ज्बातो का दायरातेरी भीनी आंखों में खो जाए मन मेरातुझसे ही जाने क्यूँ मेरा है ऐसा राब़्ताचादर की सिलवटें में है जो थोड़े फ़ासलेतेरे पास ना होने का करे हर पल...
प्रेम पत्थर बनी देह को भी सुगन्धित कर दे...!!
किरदार कितना भी साफ क्यों ना हो,
लोग वही सोचेंगे जो उनके मन में होगा…
तुम छा गए हो कोहरे की तरह मेरे चारों तरफ
ना कोई दूसरा दिखता है ना देखने की चाहत हैं..!!
हम बने ही थे तबाह होने के लिए
तेरा मिलना तो बस एक बहाना था
पैसे से सब कुछ खरीदा जा सकता है ,मगर प्यार और संस्कार नहीं ...
उस समय कमज़ोर दिखो जब आप मज़बूत हो ,
और उस समय मज़बूत बनो जब आप कमज़ोर हो ...