महल मेरा रेत का बनवाते हो
और पता बारिश को देते हो....!!
ज़ुल्म यह है कि जिंदगी लावारिस सी हो गई है ,,
गुरुर यह है की ख्वाहिश से अब भी जिंदा है..!
घड़ी नहीं मेरा समय खो गया हैखुद से मिले एक अरसा हो गया है!
अंध कक्ष में बैठ रचोगे ऊँचे मीठे गान
या तलवार पकड़ जीतोगे बाहर का मैदान।
रामधारी सिंह दिनकर
ज़लील भी करो तो तरीके से,
ये तहज़ीब का शहर है….लफ्ज़ याद रखेगा तुम्हारे…!!
जब घरवाले थप्पड़ की जगह ताने मारने लगे,
तो समझ जाना कि बड़े हो गए हो तुम.
सत्य केवल उन लोगों के लिए कड़वा होता है,
जो लोग झूठ में रहने के आदि हो चुके है..!!
हम वहाँ हैं जहाँ से हम को भी
कुछ हमारी ख़बर नहीं आती ।
मेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा।
तेरा तुझकौं सौंपता, क्या लागै है मेरा॥
कोई कुछ भी कहे मगर , देखो चीखे मज़लूमो की दबाना है !
काली करतूतों को आसानी से ढक देता है।
सच पूछो तो 'कामयाबी ' भी एक परदा है।।
सफलता चाहिए तो
खुद को बस में रखो ,दूसरों को नहीं !
हे मेरी माँ..आपकी छत्रछाया है ,न कोई मोह माया है ,बारिश से ज्यादा तो मुझको ,आपकी यादों ने भिगाया है…!!!!
भारत हमको जान से प्यारा है
सबसे न्यारा गुलिस्ताँ हमारा है
अपने मन और आत्मा से कर्म करें,
और प्रेम करें तो जीवन आनंदित हो जाएगा !
हे अर्जुन! हजारों मनुष्यों में कोई एक मुझे पाने के लिये प्रयास करता है,और उन प्रयास करने वाले योगियों भी कोई एक ही मेरे परायणहोकर मेरे तत्त्व को जानता है।
जिंदगी की परीक्षा भी कितनी वफादार है,
उसका पेपर भी कभी लीक नहीं होता।
हम भूल सके हैं, न तुझे भूल सकेंगे,तू याद रहेगा हमें, हाँ याद रहेगा.
दुख है, दर्द है,
इसलिए मंदिर है, भगवान है..!!
कुछ ख़याल कुछ हक़ीक़त मिलाते हैं हम,
ऐसे ही पंक्तियों में ख़ुद को उतारते हैं हम।