शायरी को आज रहने दो ,
मुस्कुराहट की बात करते हैं ।।
आज का प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति,
प्रेम का भूखा है..!!
माँ बाप तो हर औलाद को बहुत अच्छे मिलते है
मगर हर माँ-बाप को अच्छी औलाद नही मिलती
हसरत थी किसी के दिल में ज़िंदा रहने की
अफ़सोस हम ख़ुद के अंदर ही मर गए…
अक्सर इत्तेफाक से मिलने वाले,मर्ज़ी से बिछड़ जाते हैं !
“प्रतिभा तो ग़रीबी ही में चमकती है दीपक की भाँति, जो अँधेरे ही में अपना प्रकाश दिखाता है।”
~ मुंशी प्रेमचंद
माँ ' समझदारी' और पिता ' जिम्मेदारी' के सबसे श्रेष्ठ ज्ञाता है।
वो महफ़िल में तुझे अजनबी कहे देगीवही जिसका तू मजनू हैं!!
कर्म ध्यान से कीजिए क्योंकि
ना किसी की दुआ खाली जाती है और ना बदुआ !
मंज़िल तय करने से पहले ही घर के हालात हरा देते हैं, कभी मुफलिसी पांव रोक लेती है तो कभी रास्ते डरा देते हैं..!!
सुनो दोस्तों पैसा इतना कमाओ की,
चार लोग तुम्हे अपना दामाद बनाना चाहे...
कपड़े और चेहरे अक्सर झूठ बोलते हैं,
इंसान की असलियत वक्त बताता है..
कल तक जो अपनी बहन की पढ़ाई के खिलाफ़ था, आज वह अपनी पत्नी की डिलीवरी के लिए लेडी डॉक्टर ढूंढता है।
छीन लेते हैं रंगत चेहरे की,
बेटियों को जो बोझ समझते हैं,पहले छीन लेते हैं खुशियां उनकी,
फिर हंसने को कहते हैं..!!
गिरता न कभी चेतक तन परराणाप्रताप का कोड़ा थावह दौड़ रहा अरिमस्तक परवह आसमान का घोड़ा था
था यहीं रहा अब यहाँ नहींवह वहीं रहा था यहाँ नहींथी जगह न कोई जहाँ नहींकिस अरिमस्तक पर कहाँ नहीं
पीड़ा कितनी भी हो अब हालातों से समझौता कर लेता हूं,
सुन ना सके कोई चीखें मेरी इसलिए होंठ सिल लेता हूं..!!
विरक्ति
जितने सच्चे रहोगे,
उतने ही अकेले रहोगे...
मेरे मुस्कुराने और खुश रहने में बड़ा अंतर है, जिस दिन तुम समझ जाओगे... यकीनन लौट आओगे.!!
तेरे जुल्फों का वो हेयर क्लिप बन जाऊँ,जुल्फों से हटू तो तेरे लबों में दब जाऊँ!!
अगर व्यक्ति शिक्षा से पहले संस्कार,
व्यापार से पहले व्यवहार और
भगवान से पहले माता पिता को पहचान ले तो,
जिंदगी में कभी कोई कठिनाई नही आएगी।