इश्क़ और सुबह की चाय
दोनों एक समान होती हैं,
हर बार वही नयापन,
हर बार वही ताज़गी...
जो कुछ भी हूॅं पर यार गुनहगार नहीं हूॅं, दहलीज़ हूॅं दरवाजा हूॅं पर दीवार नहीं हूॅं !!
ज़िंदगी किसी के तो काम आये, हमारी उमर ही आपको लग जाये !!
ये सोचना ग़लत है कि तुम पर नज़र नहीं,
मसरूफ़ हम बहुत हैं मगर बे-ख़बर नहीं.
आलोक श्रीवास्तव
मोहब्बत कभी स्पेशल लोगों से नहीं होती
जिनसे होती है वही स्पेशल बन जाते है
नैनों में था रास्ता हृदय में था गाँव
हुई न पूरी यात्रा छलनी हो गए पाँव
सोचती हूँ मेहनत की कलम से.... ज़िंदगी की कहानी फिर से लिखूं...!!
क्योंकि नहीं मिलते विचार तुम्हारे हमारे, अलग अलग रास्ते से क्यों ना पहुंचे हम मंज़िल तक
मुद्दतों बाद उठाए थे पुराने काग़ज़.. साथ तेरे मिरी तस्वीर निकल आई है..!!
भारत हमको जान से प्यारा है
सबसे न्यारा गुलिस्ताँ हमारा है
सबके अपने सत्य हैं,सबके अपने झूठ।कोई कहता लाभ इसे,तो किसी को लगती लूट।
जिसमें ‘मैं’ का फ़ायदा,‘मैं’ का है नुक़सान।‘मैं’ का बढ़ता मान देखकर,‘मैं’ की जलती जान॥ 💐
अपना जीवन आलस्य में बिताना,
आत्महत्या करना है।
खुशियां बहुत सस्ती हैं इस दुनियां में
हम ही दूंढते है उसे महंगे लोगों और महंगी दुकानों में..!!
तुम तो सूरज से आंख मिलाते नहीं थकते
थोड़ा और ऊपर उठो आसमान बहुत हैं
कितना हसीन इत्तेफाक़ था तेरी गली में आने का, किसी काम से आये थे… किसी काम के ना रहे।
हम भी सीखेंग अदा अब तो रूठ जाने की,उनको आदत है बहुत हमको भूल जाने की,लो हो गयी न तसल्ली जो दिल ये टूटा है,क्या ज़ुरुरत थी मुहब्बत को आज़माने की
वैसे तो बहुत से लोग मुझे जानते नहीं
फिर भी बता दूँ मैं वही बर्बाद शख़्स हूँ
अश्विनी यादव
बदल दिया है किरदार अपना इस फरेबी दुनिया में, वास्ता वजूद से हो जाए तो साथ छोड़ना पड़ता है..!!
किसी में कमी दिखाई दे, उसको समझाइये..!
सभी में कमी दिखाई दे, खुद को समझाइये..!