स्वर्ग के सम्राट को खबर कर दो,
रोज ही आकाश चढ़ते आ रहे हैं हम..
यह जानते हुएकि हवाओं संग धूल आती हैजीवन संग दुख भीचलते-चलतेऑंखें बंद कर लेनाजीते-जीतेथोड़ा कम जीने जैसा है।
खुद को पढ़ा लिखा कहते हो ना तो बताओ….
अड़सठ, सड़सठ , और उनसठ में सबसे छोटा कौन है…
ये कैसा भार हैं जब
मैं मुझमें ही रिक्त हूं..!!
मुझे भी सिखाओ तुम मुकरने का हुनर
थक गया हूं वादे निभाते निभाते!
सफलता " खैरात में नही मिलती है।
संघर्षो में , पूरी जवानी गुजरती है।।
सेजल
कभी बदन दर्द, सिर दर्द तो कभी उनकी सांस फूल जाती है,
बेटा अगर प्यार से गले लगा ले, तो मां हर दुख भूल जाती है..
चलो कल्पनवाओं का सैर करे
दुनियां के भीड़ से पार चले
उन्मुक्त भाव उड़ने के चाह भरे
मन के उम्मीदें पे पंख जड़े
होले होले दुनियां से पार चले
जन्नत के चौखट पे पग रखे
अलग ही जहां का दीदार करे
होगी अनुभूति जो ख्याल करे
चांद...
जिस पर आकर हो जाते हैं कत्ल मेरे लफ्ज़ ,,
उसकी खुशी मैं हम अपनी ग़म भूल बैठें..!!
जिसकी मति और गति सत्य की हो,उसका रथ आज भी श्री कृष्ण चलाते हैं
“मनुष्य का ह्रदय अभिलाषाओं का क्रीडा स्थल और कामनाओं का आवास है”
मुंशी प्रेमचंद
कुछ ख़याल कुछ हक़ीक़त मिलाते हैं हम,
ऐसे ही पंक्तियों में ख़ुद को उतारते हैं हम।
हमें ऐसी शिक्षा चाहिए जिससे चरित्र का निर्माण हो,
मन की शक्ति बढ़े,
बुद्धि का विकास हो
और मनुष्य अपने पैर पर खड़ा हो सके"
स्वामी विवेकानंद
इतरा रहे हो ज़िस्म पर नए हो इश्क़ में
रूह के तलबगार से पाला नहीं पड़ा
जज्बात में बहुत ताकत है ,
निर्माण की भी और विध्वंस की भी।
जिंदा इंसान को गिराने मे औरमरे हुए इंसान को उठाने मे,ग़ज़ब की एकता दिखाते हैं लोग…
यूँ वादे करके जो मुकर जाते हो ..
क्या तुम भी सियासत वालों के घर जाते हो … ?
घायल होना कहानी का अंत नहीं,
वारदात होगी क्योंकि हम शांत हैं संत नहीं..!!
वो इसलिएनहीं आती हैमेरे साथउसके मन में हैमेरे लिएविचित्र बात..!!हम जोलगाते हैंनए-नए ट्वीट पर पिक..!!उन्हें देखकर हीबदल गएउसके हालात..!!
हर लम्हा लंबा और भारी है,
तुम्हें भुलाने की जंग जारी है...
वो जो साँसों में बसे रहते हैं,
उन्हीं से मिलती चोट भारी है...
गुनाह और ज़ख़्म छिपते नहीं,
कोशिशें शिद्दत से जारी है...
हर एक तंज़ का जवाब है,
कुछ तो हमनें...