गौरव गान फिर से ऊंचा होगा ।
चाँद पर भी एक तिरंगा होगा ।
ज़िंदगी जोड़ घटाव से नहीं, प्रेम और लगाव से है।
तू जीतकर भी रो पड़ेगा,
हम तुझसे कुछ इस तरह से हारेंगे।
भारत हमको जान से प्यारा है
सबसे न्यारा गुलिस्ताँ हमारा है
मैं नहीं जानता मेरी लाश को गिद्ध नोचेंगे या दाह संस्कार होगा,
मगर ये जानता हूं मुझे पढ़ने के बाद मोहब्बत का तिरस्कार होगा
मोहब्बत सिर्फ धोखा है ये तब समझ आया था,
जब एकांतवास ने मुझे अपना कैदी बनाया था..!!
फस गया हूँ जिंदगी के कुरुक्षेत्र में अभिमन्यु की तरफ ,
बचाने कोई आने वाला नही और मैदान मैं छोड़ूंगा नही..
जब किस्मत बदलती है तो,गैरों से ज्यादा अपनों की जलती हैं।
शहर की मोहब्बत ही ठीक है
गांव मैं पकड़े गए तो बहोत मारते है..
परिवार, हालात और रिश्ते जो संभालना चाहता है,वही झुक जाता है,वर्ना स्वाभिमान तो सुदामा का भी कहाँ कम था।
मंजिल पर सिर्फ तस्वीरें ली जाती हैं, यादें तो सफर में बनती है.....!!
माँ होना आसान नहीं…पिता बनना और कठिन है..!!
जब से मिला हूं तुमसे मैं खुद को भूल बैठा हूं,
इज़हार-ए-मोहब्बत कि खातिर खुशी से फूल बैठा हूं..!!
विरक्ति
तेरे अपने ना कर पायें तुझपर उपहास... तू कर कुछ ऐसा कि बन जायें इतिहास...!!
मुझे खुद को बचाने की कभी कोई इच्छा नहीं रही और मैंने कभी भी इसके बारे में गंभीरता से नहीं सोचा
~अमर शहीद भगत सिंह❣️ #जयहिंद 🇮🇳
सुंदरता का मोह त्याग चूके है हम ,
जिसे पसंद आना था आ चूके है हम...
ये गर्मी भी बिल्कुल तुम्हारे ही जैसी है……आजकल सुबह भी तुम्हारे जैसी है,थोड़ी तपिश तो थोड़ी चमक सी है,और सुबह के बाद शाम का इंतजारबिल्कुल तुम्हारे इंतजार के जैसा बेसब्री सा
अंधेरे हो लाख़ घने पर अंधेरे अनंत नहीं,
गिर जाना मेरा अंत नहीं..!!
सब भूल जाएंगे ,
ये बात तुम याद रखना..!!
ये इश्क़ नहीं आसां इतना ही समझ लीजे
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है
जिगर मुरादाबादी