धर्महित के कार्य में गिलहरी ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई थी,सराहना जब मिली श्रीराम से तब पीठ पर तीन धारियां पायी थी..!!
हर कोई माँ की मोहब्बत की बात करता है ,
लेकिन बाप की कुरबानियों का जिक्र कोई नहीं करता है ...
इतनी शिद्दत से पाला कि वफादार हो गया
आहिस्ता आहिस्ता जख्म भी यार हो गया।
रोने वालों से कहो उनका भी रोना रोएं ,
जिनको मजबूर हालात ने रोने ना दिया ।।
मैसेज उसको करो जो खुश होके रिप्लाई देदेबेवजह चरित्र प्रमाण-पत्र बनवाना अच्छी बात नहीं..
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कहने का ढंग जरूरी है....ढंग से कहने के लिए....
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इस से पहले कि बे-वफ़ा हो जाएँ
क्यूँ न ऐ दोस्त हम जुदा हो जाएँ
अहमद फ़राज़
कुछ इस तरह लगना तुम गले मुझ से,
कि छीन लेना मन की उदासियां सारी .!
यहाँ खुशबू है वादियों में,यहाँ खुशबू है लोगों के किरदारों में !
"जिस दिन आपने ये सीख लिया की सीखते कैसे है, फिर आप कुछ भी जीत सकते है II"
मां सीता जिंदा मिली यह राम जी की ताकत थी लेकिन
मां सीता पवित्र मिली वह रावण की मर्यादा थी
चिंता से चतुराई घटे, दु:ख से घटे शरीर।
पाप से लक्ष्मी घटे, कह गये दास कबीर।।
"अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ कोमैं ने औरों से सुना है कि परेशान हूँ मैं …!!"
~ आसी उल्दनी
मर्द पढ़ा तो ब्याह लाया अनपढ़ को भी ,औरत पढ़ी तो सैकड़ों पुरुषों को नापसंद किया।
~ अज्ञात
मैं कियूं करूं तुम्हारी बातों पर गुस्सा, जब मुझे पता हैं की तुम्हारे पास दिमाग नही हैं...||
तलवारों की छाए पर इतिहास हमारा बनता है ,,
जिस ओर ज़वानी चलती है उस और ज़माना चलता है..!!
ऐ खुदा लोग बनाने थे पत्थर के अगर,तो मेरे एहसास को शीशे सा न बनाया होता।
सच में अक्सर ऐसा होता
जब भी मेरे मन
और संघर्ष के बीच युद्ध होता है
सोचते अब लड़ के खड़ा हुए की
फिर लड़खड़ा के गिर ही जाते हैं
शायद यही असल ज़िंदगी का
यथार्थ मतलब है।
नेहा यादव
सोच का अंधेरा रात के अंधेरे से,
ज़्यादा खतरनाक होता है.....
तेरे !!! सजदे मे सर रख के मौला मेैंअपने सारे गमों को भूल जाता हूं…