World's Best Cow Hospital English स्वार्थ को इतनी छूट देना सही नहीं कि वह विवेक को ही खा जाए। कितने झूठे थे ना हम दोनों मोहब्बत में, बिछड़ कर खुश तुम , और जिंदा मैं भी हूं || बेकार लगनें लगते हैं मोती कभी कभार… पत्थर से भी इश्क़ हो सकता है इंसान को…!! खाने और सोने का नाम जीवन नहीं है। जीवन नाम है सदैव आगे बढ़ते रहने की लगन का। मुंशी प्रेमचंद "एक पल में मान लेते है कि क़िस्मत में लिखे फ़ैसले बदला नहीं करते, लेकिन आप फ़ैसले तो लीजिए क्या पता क़िस्मत ही बदल जाए!" ~आर्यभट्ट दिल पर लगी बातें अक्सरआवाज़ छीन लेती हैं ! जीवन का परिचय बहुत सीधा सा है….आसूं वास्तविक है और मुस्कान में अभिनय है..!! है सब कुछ भी ,मगर है कुछ भी नहीं….तू ही तू है मेरे अंदर ,मुझमें मैं कुछ भी नहीं…!! मैं भाल-भाल पर कुंकुम बन लग जाऊंगा lमैं तलवारों से मेघ-मल्हार गवाऊंगा ll गम नहीं तुझे पा नहीं सके….खुशी है इश्क हुआ…..तुझसे हुआ , और लाज़वाब हुआ..!! सच है कि तू जिंदगी है मेरीमुझे जिंदगी की फिक्र नहीं। कान भरने वाले से दूर रहा करो, वरना ये लोग अपनों से दूर कर देंगे… स्वार्थ की बदबू मारने वाले मतलबी लोग….. मतलब होने पर चंदन सी सुग़न्धित बातें करते है !!! खुदकुशी करने की हो ठानी तो काफी है आंखो का पानी प्रेम की भाषा प्रत्येक जीव समझता है.. आत्मा किसी भी रूप में हो,,..!! तुम बदले तो गम भी कहाँ पुराने से रहे,तुम आने से रहे तो हम भी बुलाने से रहे ।। भावों से ज्यादा शब्दों को अहमियत दी जा रही है संसार में, जाहिर सी बात हैशब्द हृदय पर चोट करेंगे…!! ये सांपों की बस्ती है जरा देख कर चल,यहां का हर शख्स बड़े प्यार से डंसता है. गलत बात पर भी जो लोग वाह-वाह करते हैं... असल में वही आपकी जिंदगी तबाह करते हैं..!! ज़ायका अलग है मेरे लफ़्ज़ों का... कोई समझ नहीं पाता कोई भुला नहीं पाता...!! Prev1…172173174…236Next Concept, Created & Designed by sureshjain.com © copyright 2025. sureshjain.com All Rights Reserved.