World's Best Cow Hospital

तुमने मेरी आंख में शाय़द झांक कर नहीं देखातुम मेरे करीब से इतना बचकर निकल गये

थोडी आज़ादी थोडी पाबंदी थोडा वक़्त थोडी चाहत थोडे बादल थोडी बारिश थोडी नादानी थोडी समझदारी थोडा तुम थोडी मैं बस और क्या चाहिए ?? मिलकर पूरा हम हो जायेंगे ना थोडा बचेंगे ना पूरा दोनों मिलकर आकाश भर में समाएंगे फिर ख़्वाब सारे हकीक़त...

धड़कने आज़ाद है , पहरे लगाकर देख लो…प्यार छुपता ही नहीं , तुम छुपाकर देख लो..!!

तू ज़ाहिर है लफ़्ज़ों में मेरे मैं गुमनाम हूँ खामोशियों में तेरी…

बेटे की शादी के बाद उसे खोने का डर,, माँ को सास बना देता है,,

जब सोच में मोच आती है तब हर रिश्ते में खरोंच आती है. !!

अकेलापन,लाख बेहतर है..!!मतलबी लोगों से….🖤

मंजिल इतनी पास होकर भी उनकी राहें गुम क्यूँ है?हम क्या इतने गैर है ख़ुदा..अगर नहीं तो मेरी दुआ में तेरी मंजूरी इतनी तंग क्यूँ है?

जिंदा इंसान को गिराने मे औरमरे हुए इंसान को उठाने मे,ग़ज़ब की एकता दिखाते हैं लोग…

नसीब में कुछ रिश्ते अधूरे ही लिखे होते हैं.. लेकिन उनकी यादें बहुत खूबसूरत होती हैं..!!

जिंदगी की यही रीत है,पीठ पीछे सब कमीने,सामने सब Sweet हैं !

किसी गरीब से ये बड़े शहर के लोगपैसे देकर बहुत कुछ छीन लेते है….!!

में दौड़ दौड़ के खुद को पकड़ कर लाता हुतुम्हारे इश्क ने बच्चा बना दिया मुझे...

तेरी मर्जी से ढल जाऊं हर बार ये मुमकिन तो नहीं,,मेरा भी अपना वजूद है मैं कोई आइना तो नहीं...!!

आखिर थक हार के लौट आये हम बाजार से, यादो को बंद करने के ताले कही मिले नहीं !!

प्रतिभा तो ग़रीबी ही में चमकती है दीपक की भाँति, जो अँधेरे ही में अपना प्रकाश दिखाता है। मुंशी प्रेमचंद

जो गरीबों का था बेटा, वो कफ़न में आ गया, और जो खूनी था वो झट से सदन में आ गया। मयंक 'नारी'

महंगाई जैसा इश्क़ है मेरा, कमबख्त बढ़ता ही जा रहा है।

रहता नहीं कोई भी मंज़र सदा यहां हर ताल्लुक मुसाफिराना है !

जिम्मेदारियाँ जब सर पर हों, तो जिन्दगी के दलदल भी कदमो को बढ़ने से रोक नहीं पाते । ~ प्रह्लाद पाठक


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