World's Best Cow Hospital

चरित्र कि कसौटी पर स्त्री के जज़्बात निचोड़े जाते हैं,पवित्रता कि परीक्षा में हर बार उसके कपड़े उतारे जाते हैं,हर पीड़ा सहकर भी खामोश रहती है वो,उसके ज़ख़्म तो भर जाते हैं मगर निशां छोड़े जाते हैं..!!

कभी उसे भी तो खले ना मिलना हमारा ,सिर्फ मैं ही क्यों रोयु ,याद करू और गिड़गिड़ाऊं ।।

आँखों में पानी रखो होठों पे चिंगारी रखोजिंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो।

प्रेम से विरह उत्पन होता है।विरह से दर्द होता है।दर्द से तड़प, तड़प से प्राथना होती है।प्राथना से भक्ति,भक्ति से ध्यान लगता है।ध्यान से परमात्मा,परमात्मा से संतुष्टि मिलती है।संतुष्टि से चैन और चैन से प्रेम मिलता है।

जिसके लिए थे हम बहुत खासउसी ने बना दिया ज़िंदा लाश…!!

जिसके पास जीने का मकसद है वो कुछ भी सहन कर सकता है।

फ़िज़ा भी है जवां जवां हवा, भी है रावण रावण

उम्र कुछ नही कहती.. कारनामे हैसियत बता देते है..!!

हल्के इश्क़ में वादे बहुत भारी होते हैं....!!

किसी को रंग लगाने के लिए छूना पर किसी को छूने के लिए रंग मत लगाना !!!

वहाँ कोई महानता नहीं है जहाँ सादगी, अच्छाई और सच्चाई नहीं है।

हमनें दुआ में मांगा जिन्हें, उन्हीं की बद दुआ से बर्बाद हुए हैं !

ज़िंदगी में कुछ कम रंग हों यही बेहतर है इतने सारे गिरगिट झेले नहीं जाते

मुहब्बत की निशानी ख़ाक करके, ज़ख्म छुवन के कहानी कह रहे। गलियों में छिपकर बहा करती थी, समंदर में मौज ए रवानी कह रहे।

ख्वाहिशों के समंदर के सब मोती तेरे नसीब हो, कुछ यूं उतरे तेरे लिए रहमतों का मौसम, कि तेरी हर दुआ, हर ख्वाहिश क़ुबूल हो।

सुकून दिल को चाहिए,आफ़त दिमाग़ ने मचा रखी है...

नैनों में था रास्ता हृदय में था गाँव हुई न पूरी यात्रा छलनी हो गए पाँव

ये किरदार जो नकली दुनिया कि तरकीबें सीख रहा था, वो अंदर ही अंदर पहले मैं कौन था कहकर चीख रहा था..!!

बेकार लगनें लगते हैं मोती कभी कभार… पत्थर से भी इश्क़ हो सकता है इंसान को…!!

तुम मिल सको तो मिल लेना, कुछ कह सको तो कह लेना... मैं जी नहीं पाया जुदा होकर तुमसे, तुम जी सको तो जी लेना...


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