पिता तारीफ व्यक्त करते हैं सिर्फ ' मुस्कुराहट ' से, शब्दों से उनका कहाँ नाता है ?? ~ सेजल
भाई को डांटती हुई बहन से खूबसूरत दृश्य भला और क्या हो सकता है
बहन बाक़ी तो सब ठीक है पर जब हम चन्द्रमा पर रहने लगेंगे...
तब करवा चौथ का व्रत किस को देख कर खोलेंगे...??
एक बार अच्छी खासी लड़ाई के बाद तुमने कहा था कि" एक समय बीत जाने के बाद तुम्हें समझ आएगा कि मुझसे अधिक प्रेम तुम्हें कोई ना कर सका और तब तुम मुझे ढूंढोगी, मेरे उस प्रेम को याद करोगी,...
जीविका अगर सर्वोपरि नही होती, तो ईश्वर की प्रतिमाएं कभी दुकानों में नही बिकती।
इक रोज़ इक नदी के किनारे मिलेंगे हम,
इक दूसरे से अपना पता पूछते हुए.
अगरबत्ती की तरह तुम्हें खुशबू ही देंगे,
तुम शौक से चाहे जितना भी जला लो हमे।
ज़िंदगी से बढ़कर था भूख का मसअला ,
परिन्दा जाल पे यूँ ही नहीं उतर आया ..!!
कितना अजीब हैं .. दर्द उसका हैं, और उस दर्द की चीख मेरे कानो में गूँजती हैं ...
पद बड़ा होने से विचार बड़े नहीं होते‚ लेकिन
विचार बड़े होने से पद जरूर बड़ा हो जाता है।
अमीर चतुर्वेदी
जब बात जरूरत की हो,
तब लहज़े सबके मीठे हो जाते हैं....
चार दिन बाज के ना उड़ने से
आसमान कबूतरों का नहीं होता.!!
सत्य की रक्षा हर धर्म का आधार है !
काश ये सिर्फ शायरी ना होकर हकीकत हो जाती,
जी भरकर देख लेता तुझे अश्कों की बरसात हो जाती..!!
विरक्ति
नत हूं मैं सबके समक्ष, बार-बार मैं विनीत स्वरऋण - स्वीकारी हूं - विनत हूंमैं मरूंगा सुखीमैंने जीवन की धज्जियां उड़ाई हैं।
~ अज्ञेय
दर्द का कहर बस इतना सा है,कि आँखें बोलने लगी और आवाज रूठ गई ..
कुछ चीजें शब्दों से नहीं..
साथ होने से खूबसूरत होती हैं..!!
इतना अजीब शख़्स हूँ कि मेरे साथ रहकरबिगड़े हुए सुधर गए सुधरे हुए बिगड़ गए
अंधेरे को कोसने से बेहतर है
कि एक दीया जलाया जाए।
पुरुष कोई भी दुःख सहन कर सकता है,परंतु उसके घर का क्लेश….
उसकी आत्मा को निचोड़ कर रख देता है…!!