कोई भी इंसान इतना खूबसूरत नहीं होताजितना उसे उसका चाहने वाला बना देता है
मैं क्यों मान लूं तुम नहीं हो मेरे हाथ की लकीरों में, किस्मते तो उनकी भी होती है ना जिनके हाथ नहीं होते
बेवफ़ाओं के तो बन जाते हैं हज़ारों महबूब,
निभाने वालों का कब कौन यहाँ होता है
सजा मे तुम मिलोगे तो बोलो , गुनाह क़बूल कर लूँ ..!!
"जिंदगी में इतना काबिल बनो" कि भगवान किसी गरीब की मदद करने के लिए तुम्हारी जेब का इस्तेमाल करें !
सबूतों की जरुरत पड़ रही है..
यकीनन... दूरियां अब बढ़ रही हैं।
ये सांपों की बस्ती है जरा देख कर चल,यहां का हर शख्स बड़े प्यार से डंसता है.
तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहींएक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
~क़तील शिफ़ाई
भगवान आपकी जिंदगी रंगो से भरें..
न की रंग बदलने वालों से...!!!
आज फिर से ओढ़ ली उसनेख़ामोशी की चादरज़बान उसकी मगर चीखना चाहती थी
टूटने पर कोई आए तो फिर ऐसा टूटे
कि जिसे देख के हर देखने वाला टूटे
वो किसी ताख, पर रखी हुई महंगी गुड़िया..,
मैं उसे दूर से तकता हुआ मुफ़लिस कोई..!!!
तपिश भूख की जानवरों कि भी इंसानों जितनी है,
देखना ये है पेट भरने लायक तुममें इंसानियत कितनी है..!!
विरक्ति
कहते हैं जीते हैं उम्मीद पे लोग,हमको तो जीने की भी उम्मीद नहीं !
न दिन होता है अब न रात होती हैसभी कुछ रुक गया हैवो क्या मौसम का झौंका थाजो इस दिवार पर लटकी हुई तस्वीरतिरछी कर गया है….
आज वो मेरे कफ़न का पूरा इंतज़ाम कर के आयी हैं, सुना है मेहंदी पर किसी और का नाम लिखा कर आयी हैं..!!
उसने पूछा मुझसे "आखिर चाहती क्या हो ?"हमने भी कह दिया "चाहने से चीज़ें मिलती है .. सुकून नही .."
एक गुमनाम सा किरदार,
हमारा भी हैं कहीं,
जज्बात तो बहुत हैं,
मगर हक एक भी नहीं,
करना तो बहुत कुछ हैं किसी एक की खातिर,
मगर मन इसी कश्मकश में हैं कि उनके जीवन में,
हमारा कोई अस्तित्व भी तो नहीं कही ..
आदमी दुख में काम आना चाहिए,
ख़ुशी में तों हिजड़े भी नाचने आ जाते हैं...
इतना अजीब शख़्स हूँ कि मेरे साथ रहकरबिगड़े हुए सुधर गए सुधरे हुए बिगड़ गए