उनकी गलतियों पर पर्दा डाल दिया
मैंने उसको दिल से निकाल दिया
रील बनाने से पहलेवोट देकर भविष्य बना लो
जान लेनी थी तो साफ़ कह देते,
क्या ज़रूरत थी मुस्कुराने की
आशा चाहे जितनी भी कम हो,लेकिन निराशा से बेहतर होती है।
जिंदगी ने यूँ उधेड़ा बुन न पाये,चाह थी क्या, क्या मिला हम चुन न पाये.
धीरे-धीरे जाने से नहीं डरें। स्थिर रहने से डरें।
किसको सुनाऊं मैं अपनी दर्द भरी दस्ताकोई मुह बना लेती है,तो कोई भाई
अच्छे हमसफर का साथ इंसान कोमुश्किल रास्ते में भी थकने नही देता ..!!
अच्छे कपड़ों में कुछ स्वाभिमान का अनुभव होता है।
मुंशी प्रेमचंद
आज जिंदा है…कल गुजर जाएंगे,कौन जानता है कब बिछड़ जाएंगे,नाराज़ न होना मेरी शरारतों से ए मेरे दोस्तये वो पल है,… जो कल बहुत याद आएंगे।
इश्क बेहद किया है हमने..इसलिए बस हदें ना लांघ सके..🍁
कामयाब होना है तो Looks पे नहीं,
Books पे ध्यान देना शुरू कर दो...!!
मरीज़ हमको दवाएँ बताने लगते हैं
बुरा हो वक़्त तो सब आज़माने लगते हैं
नए अमीरों के घर भूलकर भी मत जाना
हर एक चीज़ की कीमत बताने लगते हैं
मलिकज़ादा जावेद
शतरंज हो या ज़िंदगी,
जीतने के लिए धैर्य रखना पड़ता हैं...
ये वही कमरा हैजहाँ तुम्हारी बातो का शोर थासाथ गुजारे लम्हें खिलखिलाते थेजाने कितने वादों का इकलौता गवाहजाने कितने रूठने मनाने वाले पल का हमसफरहंसी ठहाको के शोर से सराबोर ये कमराआज बिखरी कुछ यादो को समेटतावीराने के गीत सुनाताकभी...
बेवजह ही नही होती लोगों से मुलाकात,
किसी से सबक मिलता है,
तो किसी से मिलता ज्ञान....
तू रूह में शामिल है मेरी आती जाती साँसों की तरहजिस पल भूलूँगी तुझेवो लम्हा मेरा आखिरी होगा
जिंदगी का खेल भी कुछ कबड्डी के खेल जैसा ही है ,सफलता की लाइन टच करते ही लोग आपके पैर खींचने लग जाते हैं ...
दूसरों के कर्मों का श्रेय स्वयं लेकर
आप जयेष्ठ बन सकते हैं, श्रेष्ठ कदापि नहीं !
प्रेमपाप यदि हैइस धरा पर पवित्र फिर क्या होगाजल नहीं थल नहींवायु नहीं गगन नहीं अग्न नहीं
फिर बोलों तुमक्या शिव हृदय पत्थर होगानहीं नहींहोगा करुणा भरा ईश्वरतभी तोशुद्ध हृदय प्रतिबिम्ब उसका प्रेम होगा।
राजेश गौरी