जिस हिसाब से जिंदगी चल री है ना
उस हिसाब से मुझे hugs की नहीं drug की जरूरत है
बरसती बारिशों से बस इतना ही कहना हैकी इस तरह का मौसम मेरे अंदर भी रहता है!!
आती है जब याद तेरी तोतेरी यादों में हम खो जाते हैंआजकल तुझे सोचते-सोचते ही,हम सो जाते हैं।
भगवान को जो लिखना था लिख चुके क़िस्मत में,
अब बारी मेरी हैं अपनी किस्मत बनाने की,
कुछ तो लिखा ही होगा,
इन हाथो की लकीरों में बस उसी पे जिंदगी बितानी हैं...
!!कर्जदार रहेंगे हम उस हकीम के...
जिसने दवा में उसका दीदार कर दिया...!!
और इक वक़्त के बाद इंसान इतना ख़ामोश हो जाता है,
कि उसकी सांसें भी ख़ामोशी में ख़लल लगती हैं.
हम बने ही थे तबाह होने के लिए
तेरा मिलना तो बस एक बहाना था
तेरे आने की नही उम्मीद परदेखते हैं आज भी रस्ता तेरा
ख़ामोशी को चुना है मैंनेक्योंकि बहुत कुछ सुना है मैंने!
ज़लील होने से अच्छा,बद'तमीज़ बनकर जवाब देना..
तू अच्छे कर्मों से एक अलग पहचान बन,तू पहले इंसान फिर हिन्दू मुसलामान बन.
अल्फ़ाज़ नर्म पड़ गए और लहज़ा बदल गया,
लगता है कुछ ज़ालिमों का इरादा बदल गया…!!
सत्य की रक्षा हर धर्म का आधार है !
इश्क़ और तबियत का कोई भरोसा नहीं मुर्शिद , मिजाज़ से दोनों ही दगाबाज़ हैं ..!!
बदला नहीं लूँगा, बस बदल जाऊँगा.
किसिको गिराऊँगा नहीं, बस संभल जाऊँगा !
व्यवहार बदल जाता है …
जब काम निकल जाता है !!!
जब मोहब्बत जवान होती है
तो हर अदा एक ज़बान होती है
शिक्षा भले किताबों से मिले लेकिन ,
सबक हमेशा लोगों से ही मिलता है ..!!
आंधी ने तोड़ दी है दरख्तों की टहनियां
कैसे कटेगी रात परिंदे उदास हैं!
इश्क है अगर तो शिकायत न कीजिए... और शिकवे हैं तो मोहब्बत ना कीजिए..!!