नूर दिखेगा नही चहरे पर ना होगी चमक आंखों में एक दफ़ा आईने में देखो खुद को कितना फरेब छुपा है बातों में कितना,और कितना बोलोगे झूठ ख़ुदसे... हो ही नही सकता की खुशी मिलती हो खैरातो में स्वीकारो तो...

बगैर मंजिल का प्रेम लौटने का रास्ता भूल जाता है..

अपना ज़मीर जिंदा रखो, ये पार्टीया तो आती जाती रहेंगी…

इबादतों में मसरूफ़ हैं सभी आजकल दिलों को तोड़कर सजदों में रोया जा रहा हैं..

सुना आज एक झुठल पार्टी का तोतला प्रवक्ता कूट दिया गया

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