यदि आप उड़ना चाहते हैं, तो वह सब कुछ छोड़ दें जो आपको नीचे खींचता है।
बुद्ध
माथे पर बिंदी.आंखों पर हया.हायक्या खूबसूरत बला है तेरी हर इक अदा…
किस्मत के सहारे मुझे ना छोड़ना मेरे "कान्हा,मुझे तेरी दया के सिवा किसी पर यकीन नही है.
अपना हुस्न संभाल कर रखो
मैं इस हुस्न पर दुपट्टा डालूंगा
अब क्या ही काहू अपने मां के बारे में..मां के ताने और खाने का कोई जोड़ नहीं..!!
प्यार वह नहीं है जो आप कहते हैं।
प्यार वह है जो आप करते हैं।
मत पूछ तेरे लिये हम कितना तड़पते थे,
आंसू छिपाकर अपने अंदर से बिलखते थे..!!
रिश्तो में अपेक्षा ही कमजोर बनाती है,
अपेक्षा तो स्वयं मस्तिष्क में जन्म लेती है..!!
कुछ किताबे ताउम्र धूल फाँकती रह जाएगी,
एक रुपया ही सही किसी का तुम पर उधर रह जाएगा,
कुछ कपड़े बिन पहने ही अलमारी मे दबे रह जाएँगे,
किसी अपने से मुलाकात अधूरी रह जाएगी,
किसी खास से दिल की बात कभी कह नहीं...
काटकर गैरों की टाँगें ख़ुद लगा लेते हैं लोग
इस शहर में इस कदर भी कद बढ़ा लेते हैं लोग....!!
बातों की उम्र घट सी गई है,,
कभी तुम नहीं मिलते,,
कभी मैं खो जाती हूं,,
ए-दोस्त तेरा चंद पल झूठा प्यार मुझे जिंदगी भर के लिए तबाह कर गया..
मोहब्बत की उम्र में जिंदगी, संघर्षो मे उलझी है।
किताबों के बीच गुलाब नही, आज भी 'कलम' रखी है।।
खुश रहने का बस एक ही मंत्र है
उम्मीद बस खुद से रखो किसी और इंसान से नहीं।
अब्दुल कलाम
यदि आप उड़ना चाहते हैं, तो वह सब कुछ छोड़ दें जो आपको नीचे खींचता है।"
बुद्ध
वफ़ा चाहिए तो एक कुत्ता पाल लो,
इंसानों के फितरत में वफ़ा नही रहा , ये मान लो ।।
आपका आत्मसम्मान अगर किसी कोघमंड लगता है,तो उसे बिल्कुल लगने देना चाहिए..!!
तेरे लौटने के इंतेजार में,तेरी यादों से मोहब्ब्त हो गई….
दर्द हल्का है साँस भारी हैजिए जाने का कैसा रस्म जारी है
जो जिंदगी बची है उसे मत गँवाइए
बेहतर यह है कि आप मुझे भूल जाइए