ज़िन्दगी तुम्हारे उसी गुण का इम्तिहान लेती हैजो तुम्हारे भीतर मौजूद है मेरे अन्दर इश्क़ था
~ अमृता प्रीतम
लाया हूं आपके लिए चांदी की बालियां ,
कानों में डाल के इन्हें सोना बनाइए ।।
तुम्हारे दिल में भी तूफ़ाँ उठा है
हमें भी प्यार तुमसे हो चला है
किसी अय्यार जैसे हो गए हो
तुम्हारा नाम मुझको रट गया है
तुम्हारी बात भी अब टालने में
मुझे अब ख़ुद से लड़ना पड़ रहा है
अजब सी कश्मकश है ज़िन्दगी में
कि...
पटाखा न,आइटम न,मिर्ची न सेटिंग, वो लड़की ग़ज़ल है, ग़ज़ल ही रहेगी.