सूखे मौसम में बड़ा चटक था तेरा फरेबी रंग अब बारिश क्या हुई, बदरंग हो गए।

गांव मे गुलाम नही मालिक रहते है !

उड़ने का शौक अगर जुनून बन जाए,मजबूरी भी मजबूर होके घुटने टिका देती है

वो हमारे परिवार का दुःख कैसे समझेगा जिसका अपना कोई परिवार ही नहीं है !

व्यक्ति में इतनी ताक़त हमेशा होनी चाहिएकी अपने दुःख अपने संघर्षो से अकेला जूझ सके

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