मेरी हैसियत से ज्यादा मेरी थाली में तूने परोसा है
तू लाख मुश्किलें दे दे मालिक, मुझे तुझ पर भरोसा है !
हर पेड़ धरा का गहना है,
ऐसा ही सबका कहना है।।
पेड़ों से चलता है जीवन,
ये हैं असली धरती का धन।।
मत काट इन्हें रोना होगा,
जल की बूँदे खोना होगा।।
खुद से खुद का ही रण होगा,
रण भी इतना भीषण होगा।।
#आक्सीजन ही जीवन...
पहाड़ तोड़ने का साहस तो हर इंसान में है,
पर वो डरता है "कामयाबी" के पहले
पागल घोषित किए जाने से।
हम वहाँ हैं जहाँ से हम को भी
कुछ हमारी ख़बर नहीं आती ।
मुहब्बत की निशानी ख़ाक करके,
ज़ख्म छुवन के कहानी कह रहे।
गलियों में छिपकर बहा करती थी,
समंदर में मौज ए रवानी कह रहे।