प्रेम और आदर का सानी देना पड़ता है
रिश्तों को भी थोड़ा पानी देना पड़ता है।
मन अक्सर उदास रहता है
इसलिए अब मन को मनाना छोड़ दिया है
हर पल अजीब सी बेचैनी रहती है
इसलिए अब महसूस करना छोड़ दिया है
खुलकर जीने में हिचक सी रहती है
इसलिए अब कोशिश करना छोड़ दिया है
जैसे भी है, अच्छे बुरे,बस...
पुरूष होने की पहली शर्त है,
स्त्री का सम्मान करना....
अल्फ़ाज़ नहीं रहे शेष अब, विचारधारा भी है शून्य,
मस्तिष्क में है उथल-पुथल, आवेश भी लगता पुन्य..!!
विरक्ति
कुछ पाना है तो स्वयं पर भरोसा कीजिये..
सहारे कितने भी सच्चे और अच्छे हो
साथ छोड़ ही जाते हैं..!!
सब कुछ चुराया जा सकता है।
पर दुनिया में कोई किसीका इरादा नहीं चुरा सकता।
मजाक का सहारा लेकर लोग
दिल की बातें बोल जाते हैं...!!
पानी और चरित्र कितना भी साफ क्यों ना हो,
लोग इन्हें मैला करने में कोई कमी नहीं छोड़ते....!!
यूँ तो हर शाम उमीदों में गुज़र जाती हैआज कुछ बात है जो शाम पे रोना आया
~ शकील बदायुनी
कदर कर लिया करो कुछ लोग बार-बार नहीं मिलते मेरे जैसे तो बिल्कुल भी नहीं मिलते...
हम बने ही थे तबाह होने के लिए
तेरा मिलना तो बस एक बहाना था
मैं रास्ते भूलता हूँ
और इसीलिए
नए रास्ते मिलते हैं
ख़ुशियों के झोंके सा है वो
जिसे भी छूकर गुजर जाता हैज़हन में उसके मुस्कुराहटें भर जाता है
तेरी आवाज़ मेरी रोजी-रोटी हुआ करती थी ,तू मुझे भूख से मारेगा मैंने सोचा भी ना था !!
अपनी इच्छाओं को सत्यापित करने के लिए अपने शब्दों को सत्य बनाओ
मरहम लगता है उसके ज़ख्मों पर,
वो हर भवसागर से तर जाती है,
जब बेटे कि पहली तनख्वाह से,
मां के सपनों कि साड़ी आती है..!!
दुनिया में लोग बुद्धि अपने पास,
और धन दूसरों के पास ज्यादा समझते हैं।
देश चलता नहीं,मचलता है,मुद्दा हल नहीं होता सिर्फ उछलता है,जंग मैदान पर नहीं,मीडिया पर जारी है,आज तेरी तो कल मेरी बारी है।
तपिश भूख की जानवरों कि भी इंसानों जितनी है,
देखना ये है पेट भरने लायक तुममें इंसानियत कितनी है..!!
विरक्ति
आज के जीवन का सीधा सा परिचय है…
आंसू वास्तविक और मुस्कान अभिनय है…!!