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World's Best Cow Hospital

पसंद आईं कुछ भी चीज़ें,ज़्यादा देर तक ठहरती नहीं हैं…

खुद को श्रेष्ठ खुद नही, औरों को करने दो खुद कहोगे तो मान नही अभिमान झलकेगा।

जिसके भाग्य में कुछ नहीं होता, उसके हाथ में सब कुछ होता है। नीलोत्पल मृणाल

बारिश में भीग मन बावलाधीरे-धीरे पट हृदय के खोल रहाआंखों से चूम तन बावलामृग कस्तुरी बन स्वच्छंद दौड़ रहा

वो मंदिर भी जाती है ,वो मस्जिद भी जाती है बेटा बीमार हो तो मां मजहब भूल जाती है

लगता है मेरे अच्छे दिन रास्ता भटक गए हैं.. पता नहीं क्यों आ ही नहीं रहें...!!

अपने पैरों पे खड़े होकर मरना.. घुटने टेक के जीने से कही बेहतर है..!!

सारे जग की उम्मीदों से निज स्वार्थ बड़े जब हो जायें पद हेतु, शत्रु के पाले में कुछ मित्र खड़े जब हो जायें तब दिल पर पत्थर रखकर उनसे हाथ छुड़ाना पड़ता है निज संबंधों को भूल पार्थ को शस्त्र उठाना पड़ता है फंस गया तुम्हारा...

उदासियों के लिए तो एकांत ही चाहिएँ ख़ाली छतों पे चांद तारों का सिलसिला रखना..!!

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला,कौसल्या हितकारी ।हरषित महतारी, मुनि मन हारी,अद्भुत रूप बिचारी ॥लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा,निज आयुध भुजचारी ।भूषन बनमाला, नयन बिसाला,सोभासिंधु खरारी ॥कह दुइ कर जोरी, अस्तुति तोरी,केहि बिधि करूं अनंता ।माया गुन ग्यानातीत अमाना,वेद पुरान भनंता ॥

ऊपर वाले कर्म देखते हैं,और नीचे वाले दौलत…

तेरे राहों में काँटे बहुत है। तेरी निगाहों के प्यासे बहुत है।

जरा भी असर नहीं होता मुझ पर इन सांपों के ज़हर का, मैंने अपनी जवानी में एक मशहूर नागिन को मुंह लगाया था !

बेवजह ही नही होती लोगों से मुलाकात, किसी से सबक मिलता है, तो किसी से मिलता ज्ञान....

रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था

पुरानी आदतों को है बदलना अब मुश्किलमेरी मुहब्बत को तुम वही आदत समझो

जो बर्बाद हो गए तेरे इश्क़ में, वो दिन मेरे पढ़ने लिखने के थे ,

रिश्तो में अपेक्षा ही कमजोर बनाती है, अपेक्षा तो स्वयं मस्तिष्क में जन्म लेती है..!!

कफ़न मेरा हटा कर मुझे बार-बार देखोगी,तुम्हें मेरी मौत पे यकीन ही नहीं आयेगा...

महीनों बाद आज फिर देखा उसे,एक बार तो दिल धड़का मगर फिर संभल गया !!


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