विधान को चुनना ज़ुबान को नहीं संविधान को चुनना अज्ञान को नहीं किसान को चुनना निशान को नहीं जवान को चुनना सुल्तान को नहीं ईमान को चुनना बेईमान को नहीं मुस्कुान को चुनना गुमान को नहीं मकान को चुनना मसान...
एक औरत को उपहार में देने के लिए,
सबसे बड़ी चीज़ है उसका सम्मान करना....
जो गलत है उसका विरोध खुलकर कीजिए,चाहे राजनीति हो या समाजइतिहास आवाज उठाने वालोंपर लिखा जाता है तलवे चाटने वालों पर नहीं।
दर्द
अपमान
ठोकर
और धोखा इंसान को पूरी तरह बदल देते हैं !
कुछ चीज़ों को अधूरा ही छोड़ना पड़ता है
हर बार परिस्थिति अनुकूल नहीं होती!
तुम्हारे जुल्मों का हिसाब लिखूं
सोच रहा हूँ
इश्क़ पर एक किताब लिखूं...
जब घरवाले थप्पड़ की जगह ताने मारने लगे,
तो समझ जाना कि बड़े हो गए हो तुम.
कहता है, वो महफूज रहे वो घर के बंद दीवारों में, बता...द्रौपदी कहा लूटी थी, घर मे या बाजारों में...!!
कुसंस्कारी लोग, सबसे ज़्यादा संस्कार और संस्कृति की बातें करते हैं,और अधर्मी, सबसे ज़्यादा धर्म की
बहुत कम लोग जानते हैं कि वो बहुत कम जानते हैं !
हजारी प्रसाद द्विवेदी
फंस गयी है मेरे जीवन की गुत्थी, अब तू सुलझा दे मुझे, अगर मुमकिन हो तो अपनी जुल्फ़ों कि लटों में उलझा ले मुझे..!!
लगा के इश्क़ की बाजी सुना है दिल दे बैठे हो , मोहब्बत मार डालेगी अभी तुम फ़ूल जैसे हो ।।
सकारात्मक विचार कड़वे जरूर होते हैं मगर इनका परिणाम हमेशा सुखद होता है।
हौंसला और रुतबा बनाए रखिए,दिन अच्छे बुरे आते जाते रहेंगे।
अभी हम उठे ही कहाँ जो तूफ़ान देखेगा
इक दिन झुक के हमें आसमान देखेगा
अम्बष्ठ
बिकने वाले और भी हैं जाओ जाकर खरीद लो
हम कीमत से नहीं किस्मत से मिला करते हैं..!!
अगर विश्वास खुद पर हो तो, उजड़ी हुई जिंदगी भी खिल जाती है...
बाबा के दर पर सब कष्टों का अंत है,
तभी तो मेरे बाबा संसार में अनंत है. !!
बुरा वक़्त भी गुज़र ही जाता हैबस रब को हमारा सबर आजमाना होता है!