हमारे भविष्य का आधार आज के यथार्थ,
लिए गए निर्णय पर निर्भर करता है..!!
सुलह कराने में लगा हूं
दिल और दिमाग के बीच
दिल मानता नहीं
दिमाग सोंचता नहीं
कुसुरवार दोनों हैं
दिल स्वीकारता नहीं
दिमाग जानता नहीं
मुद्दा जो था वो रहा नहीं
जाने से पहले दोनों से कुछ कहा नहीं
स्वार्थ की बदबू मारने वाले मतलबी लोग…..
मतलब होने पर चंदन सी सुग़न्धित बातें करते है !!!
बर्फ़ से रिश्तों का मौसम गुनगुना हो जाएगा
मिल के आपस में रहें तो ख़ुशनुमा हो जाएगा
बीच की दीवार पहले तुम गिराओ तो सही
देखना आँगन वही फिर दो-गुना हो जाएगा
राघवेंद्र द्विवेदी
लबों पे उसके कभी बद्दुआ नहीं होतीबस एक माँ है जो मुझसे ख़फ़ा नहीं होती
आपके पास दोस्त कितने सारे है उससे कोई फर्क नहीं पड़ता,
वक़्त पर काम कितने आए वो महत्वपूर्ण है ...
मजाक का सहारा लेकर लोग
दिल की बातें बोल जाते हैं...!!
बाहर से सुलझा हुआ दिखने के लिए,अंदर से बहुत उलझना पड़ता है….
यूं तो दिखावे के लिए लोग बहुत ही दिल से मिलते हैं पर जो दिल से मिलते हैं वो बड़ी मुश्किल से मिलते हैं !!!
अच्छी संगत पाय के संगी बदले रूप
जैसे मिल के आम से मीठी हो गई धूप
रिश्तों में बातें ज़रूरी होती हैं।
तुम बनारस हो और तुम्मारी यादे अस्सी
घाट और मैं उन घाटों का मुशाफिर.!!
❤️🩹
सइयाँ करें अग्निवीर के नौकरियाचार साल बाद करिहें मजुरिया..!
यह जो काया की माया हैइसी में संसार समाया है।
~प्रियदर्शन