टूटे ख़्वाब टूटी उम्मीदें
अक्सर दर्द बड़ा देतीं हैं
ज़ख्म नज़र नहीं आता मगर
दिल चीर के रख देतीं हैं
किसी काकिरदार सजानेखुद को गलत लिखना पड़तावरनाखुद की कहानी मेंअपने आप कोखराब कोन लिखता…
दोस्ती करनी हो तो गणित के जीरो जैसी करो,जिसके साथ मिल जाओ उसकी कीमत बढ़ जाए…
पसंद आईं कुछ भी चीज़ें,ज़्यादा देर तक ठहरती नहीं हैं…
पिता की बनियान में बने झरोखे ,..संतान के उड़ान की मयस्सर खिड़कियां है !!
अपनी ताकत का परिचय तब दीजिए,
जब सामने वाला आपको कमजोर समझने लगे।
जब हक़ीक़त से रूबरू हुआ
तब मालूम हुआ कि
बातों से ही अपने थे “अपने” !!
ज्ञानी वह है, जो वर्तमान को ठीक प्रकार समझे,
और परिस्थिति के अनुसार आचरण करे।
हृदय से जो दिया जा सकता है वो हाथ से नहीं और मौन से जो कहा जा सकता है वो शब्द से नहीं.!!
पिता एक उम्मीद है, एक आस है,बच्चों की हिम्मत और विश्वास है!
मुझे मालूम था मेरी मंज़िल "मौत" है,
फिर भी चाह "जीने" की करता रहा,
मुझे नहीं थी परख सही या ग़लत की,
मैं गुस्ताखी पर गुस्ताखी करता रहा,
और जब "जुदा" हुआ उनसे तब मैंने जाना,
सफ़र में तो वो थे "ठोकरें" मैं खाता रहा..!!
जुबान में कड़वाहट जरूर है...
मगर किरदार में मिलावट नहीं...!!
वक़्त बदल गया है अब बेटियाँ नहीं, बेरोजगार लड़के माँ-बाप के कंधों पर बोझ होते हैं।
जैकी यादव
पहले परखते हैं किरदार फिर ऐतबार करते हैं,
हम उनमें से हैं जो सिर्फ सीरत से प्यार करते हैं..!!
छोटी नदी को उमड़ते देर नहीं लगती
मुंशी प्रेमचंद
मेरे जीवन की किताब का
सबसे सुंदर अध्याय हैं आप
ना होने का एहसास सबको है..
मौजूदगी की कदर किसी को नहीं..!!
बेटियों को तितली नहीं,मधुमक्खी बनाओ पंख दो पर डंक भी दो...
शब्द सरिता बहती रहे, कलम अनवरत चलती रहे, बस यही आशीर्वाद मिलता रहे ! !
मर्द कि मुस्कराहट उस वक्त गायब हो जाती हैं ,जब उसका बैंक अकाउंट और जेब दोनों खाली हो