ये एक बात समझने में रात हो गई है
मैं उस से जीत गया हूँ कि मात हो गई है
तहज़ीब हाफ़ी
जो आपके सामने दूसरों की निंदा करते है,
वो दूसरों के सामने आपकी निंदा जरूर करेंगे।
कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन, फिर इस के बाद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर - निदा फ़ाज़ली
मायूस भी नहीं है वो और खुश भी नहीं है, क्या बात है जो दिल को मजधार में ले आई.. रफ़्ता रफ़्ता खत्म हुए हम जो तेरे इश्क़ में अफसोस है कि मौत क्यों इक बार में न आई.. तुझे...
मैं तुम को भूल तो जाऊँ .. मगर छोटी सी उलझन है,
सुना है दिल से धड़कन की जुदाई .. मौत होती है
राजा की जान तोते में है
और तोते को हमने घेर लिया है
ख़्वाब ख़्वाब ही रह गया ,
जिंदगी ने कुछ यूं हिसाब किया..!!
मां हमारी पहली गुरू जो दुनिया का सारा तजुर्बा दिया है
इसलिए मां का स्थान ईश्वर से भी ऊंचा माना जाता है...
मेहनत तो हर फिल्ड में करनी पड़ती है
बेकार पड़े रहने से लोहे में भी जंग लग जाती है
सफलता सार्वजनिक उत्सव है
जबकि असफलता व्यक्तिगत शोक ….. !!!
मत कीजिए मुझ पर यकीन,
मैं तो खुद को भी धोके में रखता हूं...!!!
बड़ा ही मुश्किल है
उस वक्त में मुस्कुराना
जब जिंदगी रुला रही हो
कितना आसान है
सब्र का टूट कर बिखर जाना
जब जिंदगी इम्तहान ले रही हो
चारो तरफ ही नज़रे फैलाते है
की कोई तो उम्मीद बची हो
और उस मझधार से
निकालने के लिए...
तबाह होकर भी तबाह नही दिखती...ये इश्क़ है इसकी कोई दवा नही बिकती...
दुनिया में आए हो तो जीने का हुनर रखनादुश्मनों का डर नहीं बस अपनो पे नज़र रखना
बहुत कम लोग है जो मेरे दिल को भाते है,और उससे भी कम लोग मुझे समझ पाते है।
ख्वाहिशों के पिटारे पर ज़िम्मेदारी की आरी चल जाती है,
जबतक समझता है वो कर्मों को तबतक उम्र ढल जाती है..!!
चाहने वालों की संख्या कम हो जाए चलेगा..मगर, जलने वालों की संख्या बढ़ती रहनी चाहिए…
ज़ायका अलग है
मेरे लफ़्ज़ों का...
कोई समझ नहीं पाता
कोई भुला नहीं पाता...!!
बहुत अच्छे होकर भी आप हर किसी के लिए अच्छे नहीं हो सकते , कहीं बुरे बना दिए जाते हैं तो कहीं बुरे साबित कर दिए जाते हैं …