सुना आज एक झुठल पार्टी का
तोतला प्रवक्ता कूट दिया गया
मुझे बर्दाश्त करने की नसीहत ना दीजिएबल्कि मेरी जगह आइए और बर्दाश्त कीजिए...
वक्त और टीचर में थोड़ा सा फर्क होता है ,
टीचर सीखा कर इम्तेहान लेता है
और वक्त इम्तेहान लेकर सिखाता है ...
सकारात्मक विचार कड़वे जरूर होते हैं मगर इनका परिणाम हमेशा सुखद होता है।
शीशे में डूब कर पीते रहे उस जाम को, कोशिशें की बहुत मगर" भुला ना पाए तेरे एक नाम को !!
तू अच्छे कर्मों से एक अलग पहचान बन,तू पहले इंसान फिर हिन्दू मुसलामान बन.
वो ख़्वाब रात काचाय साँझ कीबारिश की बूंदें रूमानीवही समां पुरानाधड़कनों से बतियानाबदला नहीं है कुछ भीवही मिज़ाज़ आशिकानाचलो निभाते हैं हम तुमवही पुराना याराना लेकर चुस्कियाँ चाय कीकरेंगे गुफ्तगू शायराना
अगर भाई से कुछ बांटना चाहते हो तो,विपत्तियां बांटो, संपत्ति तो सब बांटते हैं..!!
ये वही कमरा हैजहाँ तुम्हारी बातो का शोर थासाथ गुजारे लम्हें खिलखिलाते थेजाने कितने वादों का इकलौता गवाहजाने कितने रूठने मनाने वाले पल का हमसफरहंसी ठहाको के शोर से सराबोर ये कमराआज बिखरी कुछ यादो को समेटतावीराने के गीत सुनाताकभी...
सिर्फ सांत्वना स्वीकार नही,
इस बार पूरी तरह से न्याय चाहिए।
हैवानो की सजा के साथ - साथ,
हर नजर में पुराना सम्मान चाहिए।
सेजल
सब झूठे हैं यहां,
बस यही एक सच है..!
दुनिया को आग लगाने की कोई जरुरत नहीं
तुम मेरे साथ चलो दुनिया तो वैसे ही जल जायेगी
दरिया हो या पहाड़ हो टकराना चाहिए
जब तक न साँस टूटे जिए जाना चाहिए
तारीफ करने वालों से ज़्यादा ,
तुम्हारी चिंता करने वालों की परवाह करो ...
मुझे मम्मी की बहुत याद आ रही हैअपने होने वाले बच्चों की...
फूंक डालुंगा मैं किसी रोज दिल की दुनिया,ये तेरा खत तो नहीं है जो जला ना सकूं !
कोई तो जिद करे हमसे भी मिलने की ,
हमें भी महसूस हो हम भी आरजू है किसी की ..!!
हे बजरंगबली आप करूणा के सागर दया के भंडार हो,अपनी कृपादृष्टि बनाए रखो बाबा जिससे सबका बेड़पार हो..!!
बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए।
बुद्धिमत्ता की पुस्तक में..
ईमानदारी पहला अध्याय होता है..!!