काश हमारे प्यार की नैया भी कबूतर पार लगाता,
तुम्हारा पैगाम अपने पैरो से मुझ तक पहुंचाता,
ख्वाब सात जन्मो के हम भी देख लेते तुम्हारे साथ,
अगर मुकद्दर को होता मंजूर तो तुमसे मिलवाता,
और हम भी महका देते कमरे को गुलाब के...
यकीन है "भगवान" पर, यमदूत के रूप में हमारे "पर" आएंगे,
तब इस बेदर्द "जमाने" को, हम भी "उड़" कर कर दिखाएंगे..!!
विरक्ति
जिसके दिल में जगह ढूंढते रहे,उसने ही दिखाया कुआं था,मेरी वफा बेवजह हो रही है,इसका एहसास बाद में हुआ था..
बहुत कम लोग है जो मेरे दिल को भाते है,और उससे भी कम लोग मुझे समझ पाते है।
सोचा था हर मोड़ पर याद करेंगे तुम्हे
लेकिन पूरा रस्ता ही सिदा था..
पतन पराजय से नहींउसे स्वीकार करने से होता है
~ नरेश सक्सेना
जब भी दुनिया ने मुझसे प्रेम की पूर्ण परिभाषा पूछीं मैं कागज़ पर केवल तुम्हारा नाम ही लिख पाया।
बेशक उठाओ उंगली मेरे किरदार परमगर शर्त ये है कि उंगली बेदाग होनी चाहिए
थक चुका हूं जिंदगी को हिसाब देकर
सिर्फ सूत उतारा है अभी मूल बाकी है
चाय में अपना भी एक हुनर हैजो पास नही होता उसको भीखींच लाती है यादों मेंअपने साथ हर शाम
सितम ये,के तेरा साथ नहीं कमाल ये,के जी रहे हैं …...!!
एक हल्की सी मुसकुराहट से शुरू हुई मोहब्बत, हज़ार आसूं बहाने से भी खत्म नहीं होती...
ना दशहरा ना होली ना दिवाली होता हैं,
बेरोज़गारो का त्योहार नौकरी होता हैं...
हर मर्ज का इलाज नहीं दवाखाने में...
सब दर्द चले जाते है मुझे बियर पिलाने से...
थक चुका हूं इन पुराने अल्फ़ाज़ों से खेलते खेलते,
तुम मेरे दिल से खेल कर एक नया शब्दकोश उपहार कर दो..!!
उनकी भी क्या इज्ज़त करना,
जिनकी हरकते कुत्तों जैसी हो।....
लोग ही गिन लेते हैं गुनाह मेरे... फरिश्तों अब तुम ये काम रहनें दो...
पुरुष सफ़ल रहे जीवन में या असफल रहे... वो हर परिस्थिति में एक छली गई स्त्री या टूटी हुई स्त्री के जीवन को बदल सकता है उन्हें सकारात्मक कर सकता है और सहायता करने को तत्पर रहता है, परंतु स्त्री...
आप का धैर्य आप की सबसे बड़ी शक्ति है,आज़मा कर देखो.