मेरा मुझ में कुछ नहीं, जो कुछ है सो तेरा।
तेरा तुझकौं सौंपता, क्या लागै है मेरा॥
वही ज़िद वही हसरत,
ना दर्द-ए-दिल की कमी हुई
अजीब है मोहब्बत मेरी,
ना मिल सकी ना ख़त्म हुई
रात तो वक़्त की पाबंद है ढल जाएगी,
देखना ये है चराग़ों का सफ़र कितना है।
वसीम बरेलवी
कई बार हम लोगों को इसलिए भी खो देते है..
क्यूंकि हम उनके लिए जरूरत से ज्यादा मौजूद रहते है..
बड़ा ही मुश्किल है
उस वक्त में मुस्कुराना
जब जिंदगी रुला रही हो
कितना आसान है
सब्र का टूट कर बिखर जाना
जब जिंदगी इम्तहान ले रही हो
चारो तरफ ही नज़रे फैलाते है
की कोई तो उम्मीद बची हो
और उस मझधार से
निकालने के लिए...
मेरा रूठना
तेरा मनाना मुझे
मेरा कहना
तेरा सुनना मुझे
मेरा समझाना
तेरा समझना मुझे
मेरा बेपरवाह होना
और तेरा जिम्मेदार
कहना मुझे
हाए...वो भी क्या
खुश़-फैमियां थी मेरी ।।
जीवन का परिचय बहुत सीधा सा है….आसूं वास्तविक है और मुस्कान में अभिनय है..!!
ज़ख़्म झेले दाग़ भी खाए बहुत
दिल लगा कर हम तो पछताए बहुत...!!
तुम्हारी हर बात का अर्थ मुझे समझ आता है ,, कान्हा ... इसलिए अब मैं किसी से ,, कोई शिकायत नहीं करती ...
किरदारों कि लेप चढ़ी है,
जिसे जैसा चाहिए बन जाता हूं,
सबको खुश रखने के चक्कर में,
मैं अंदर से छन जाता हूं..!!
जिंदगी रोज़ कोई ताज़ा सफ़र मांगती है,
और बेचारी थकान शाम को घर मांगती है।
अंत तक का नहीं..
अनंत तक का सफ़र है प्रेम..!!
अफ़सोस हो रहा है तेरा हाल देखकर ,
तुझको भी मेरे बाद मोहब्बत नहीं मिली ।।
तेरे मन को न भाया तो क्या करोगे,
में याद ही ना आया तो क्या करोगे;
ये किस्सा वो नग्मे वो आए हुए खत,
में इन कहानी में ना समाया तो क्या करोगे_।।
सर जिनके सलामत हैं,वो शर्मिंदा तो होंगे, याद आएगा जब उनको कि दस्तार कहाँ है? ~ अभिषेक शुक्ला
आसमां को गुरूर था कि वो सबका मुकाम हैबारिश को मगर जमीं ही रास आई!
मुझे पसंद है अपने आप से खुश होना , मुझे डर लगता है तारीफ करने वालों से ..!!
रातों को जागो, दिनों को निचोड़ो
सपने होंगे पूरे, देखना न छोड़ो
बहुत कुछ चाहिए नहीं मुझे ,मुस्कुराने के लिए,तुम्हें मुस्कुराता हुआ देखूं,बस इतना काफी है मेरे लिए ।
_अर्चना शर्मा
जिस हिसाब से जिंदगी चल री है ना
उस हिसाब से मुझे hugs की नहीं drug की जरूरत है