बुद्धिमत्ता की पुस्तक में..
ईमानदारी पहला अध्याय होता है..!!
इक़ अरसे बाद मिलना हुआ
उसने बस इतना ही पूछा था
आपका मिजाज कैसा है...!
बोल नहीं फूटे बस..आंखे भर आईं
दुश्मन सामने था मगर प्यासा था… मैने तलवार रख दी...पानी पिलाया और जंग जीत लिया
बात सह गए तो रिश्ते रह गए
बात कह गए तो रिश्ते ढह गए
चलो एक कप #चाय बनाते हैं ... तुम चीनी बन कर घुल जाना, हम पत्ती बन कर रँग जमाते हैं ...
चल ग़ालिब कहीं और चलते हैंयहां हर नागिन के पीछे दो नाग बैठे हैं
जीवन में चाहे परिस्थितियां कैसी भी रहें,
वो अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभाता है,
और पत्नी के प्रति यदि वफादार है पुरूष,
तो मां बाप के लिये श्रवण कुमार कहलाता है..!!
औरत बेवा हो जाती है
तो उसकी चूड़ियाँ तोड़ देते हैं
मर्द की घड़ी या ऐनक या हुक्का तोड़ने का
कभी किसी को ख़्याल न आया।
बोले हुए अल्फाज़, गुजरा हुआ वक्त,
टूटा हुआ भरोसा, कभी वापस नही आता...
खुद की पहचान बनाने में जोमजा़ है, वह किसी की परछाईबनने में नहीं।
मैं और मेरा रेड कार्पेट
अक्सर ये बातें करते हैं
तू होता तो ऐसा होता
तू होता तो वैसा होता
तू बीच की रेत पे बिछता, तू गार्डन में फैला होता
तू समंदर के तल पे लेटकर मेरी ईगो सहला...
मैं तुम्हारी सादगी की क्या मिसाल दूँ ,इस सारे जहां में बेमिसाल हो तुम!!
आती है जब याद तेरी तोतेरी यादों में हम खो जाते हैंआजकल तुझे सोचते-सोचते ही,हम सो जाते हैं।
मज़लूम होते हुए फ़तेह हासिल करना, यह मैंने इमाम हुसैन से सीखा
महात्मा गांधी
बेटियों को तितली नहीं,मधुमक्खी बनाओ पंख दो पर डंक भी दो...
पैसों से अमीर होना आम बात है..
दिल से बात होना खास बात है...!!
मेरी ज़िन्दगी में तेरा साथ कुछ इस तरह से हो,ताउम्र छेड़े तू अपनी अटखेलियों से और हया मेरे चेहरे पर हो..!!
बड़ा आदमी बनना अच्छी बात है
अच्छा आदमी बनना बड़ी बात है !!!
कोई भी मां तब ज्यादा बेचैन होती है
जब बात उसके बच्चों पर होती है ।।
किसी बद्दुआ की गिरफ्त में हूँ,मुझे मेरे हक की मोहब्बत नहीं मिलती.