चेहरे अजनबी हो जाये तो कोई बात नही !रवैये अजनबी हो जाये तो बडा दर्द होता है
बारिश__
आसमाँ का दर्दसींचती है धरतीपनपता है प्रेम
अपनी रुह का लिबास भी दे दूँगा तुझे…तू मुझमें रहने का पहले फैसला तो कर..!!
जान जाने के बाद शरीर श्मशान में जलता हैतेरे जानेके बाद तो में बिन अग्निको जलता हु
कई बार हम जिस परिस्थिति से बचना चाहते हैं , उसी परिस्थिति में हमारे लिए क़ीमती सबक़ छिपा रहता है …
किरदारों कि लेप चढ़ी है,
जिसे जैसा चाहिए बन जाता हूं,
सबको खुश रखने के चक्कर में,
मैं अंदर से छन जाता हूं..!!
मिट्टी के मटके और परिवार का मूल्य,
केवल बनाने वाले को ही ज्ञात होता है,
तोड़ने वाले को नहीं..!!
बहुत सीधा सा परिचय है जिंदगी का,
आसूं सच्चाई हैं और मुस्कुराहट एक नाटक...
दुश्मनो से निपटना तो हम खूब जानते है...मगर मेरे कुछ अपने है जो मोहब्बत से वार करते है...
ज़रूरी नहीं हर तोहफा कोई चीज़ ही हो,
प्यार, इज़्ज़त और फिक्र भी अच्छा तोहफा है।
युद्ध का ज्वालामुखी है फूटताराजनैतिक उलझनों के ब्याज सेया कि देशप्रेम का अवलम्ब ले !किन्तु, सबके मूल में रहता हलाहल है वहीफैलता है जो घृणा से, स्वर्थमय विद्वेष से !युद्ध को पहचानते सब लोग हैंजानते हैं, युद्ध का परिणाम अन्तिम...
जीवन कटना था, कट गया
अच्छा कटा, बुरा कटा
यह तुम जानो
मैं तो यह समझता हूँ
कपड़ा पुराना एक फटना था, फट गया
जीवन कटना था कट गया।
गोपालदास “नीरज”
वो इसलिएनहीं आती हैमेरे साथउसके मन में हैमेरे लिएविचित्र बात..!!हम जोलगाते हैंनए-नए ट्वीट पर पिक..!!उन्हें देखकर हीबदल गएउसके हालात..!!
बात लगाव और एहसास की होती है,वरना मैसेज तो कम्पनी वाले भी करते हैं…
मैं तुम्हारे साथ हूॅं कहने में और रहने में बहुत फर्क होता है !!
वफ़ा चाहिए तो एक कुत्ता पाल लो,
इंसानों के फितरत में वफ़ा नही रहा , ये मान लो ।।
बहुत आसान नहीं थानज़दीकियों का फ़ासलामीलों तय किया हैअपनों को अपना समझते समझते!
नन्हें-नन्हें पाँव थे फिर भी खड़ा हो गया ,
एक भाई अपनी बहन के लिए माँ जितना बड़ा हो गया ।।
प्रेम सदा माफ़ी मांगना पसंद करता है, और अहंकार सदा माफ़ी सुनना ..!!!
पूर्ण है श्रीकृष्ण, परिपूर्ण है श्रीराधे,
आदि है श्रीकृष्ण, अनंत है श्रीराधे ।