धर्महित के कार्य में गिलहरी ने भी अपनी अहम भूमिका निभाई थी,सराहना जब मिली श्रीराम से तब पीठ पर तीन धारियां पायी थी..!!
बाद तुम्हारे सब अपनो के मन माने बर्ताव रहे
मुश्काने क्या आंसू क्या सालाना त्यौहार हुए
करवट बदल रही थी ज़िन्दगी, मेरे सारे ख्वाब टूट रहे थे,
समय तेजी से बढ़ रहा था आगे, पर हम पीछे छूट रहे थे..!!
मैं नहीं कहता मुझे औरों से बेहतर चाहिए
मुझ को जितनी है ज़रूरत उतनी चादर चाहिए
हैं परेशाँ इस लिए भी लोग अपनी प्यास से
प्यास की ख़ातिर सभी को इक समुंदर चाहिए
मुद्दतों भटके हैं मेरे ख़्वाब सारे दर-ब-दर...
बेईमानी से कमाया हुआ पैसा ,
बीमारी में चला जाता है.....!!
नरम दिल से पत्थर दिल होने
के सफर को इश्क कहते है
हिसाब भरी ज़िन्दगी को बेहिसाब जिया जाए ,
महीना सावन का आ गया है महादेव से इश्क किया जाए ..!!
आज मार्केट में पुराना पासवर्ड दिखा, साथ में दो साल का OTP भी था...
सुनोतस्वीर मेंतुम्हें देखनातुम्हें याद करनातुम्हें महसूस करनाऔर हर पल यह सोचनाकि तुम होती तो ऐसा होताग़र जो तुम होती तो वैसा होताहाय! सब कुछ कितना प्यारा होताकितना, कितना, कितना ही सुन्दर होता…
सबके अपने सत्य हैं,
सबके अपने झूठ।
कोई कहता लाभ इसे,
तो किसी को लगती लूट।
सबके अपने कष्ट हैं,
सबकी अपनी जंग।
कोई कभी टूट जाता है,
कोई हो जाता तंग।
सबकी अपनी मान्यता,
सबका निज विश्वास।
कोई कभी...
ये ज़िन्दगी इतनी भी आसान नहीं, जितनी हम समझ रहे थे,
इश्क़, समझौते और जिम्मेदारियों के तजुर्बे रोज़ मिल रहे थे..!!
बेटियां बहुत ही ख़ास होती हैं
परंतु फिर भी लोगों को बेटों की चाह रहती है !
यह जानते हुएकि हवाओं संग धूल आती हैजीवन संग दुख भीचलते-चलतेऑंखें बंद कर लेनाजीते-जीतेथोड़ा कम जीने जैसा है।
हम इंसान हैं ,
मैं चाहता हूं कि इस वाक्य की सच्चाई बनी रहे..!!
सजा जो भी चाहो ,आप मुकर्रर कर दो,
जब खता ही नहीं कई तो मुआफी कैसी।
अपने को साधारण आदमी मानना भी एक ताक़त है।
ऐसा आदमी असाधारणता के कोई फालतू सपने नहीं देखता,
और निराश नहीं होता, टूटता नहीं।
कृष्ण में लीन मीरा
कृष्ण-प्रेम में मग्न है रहती
सुधबुध है खोई अपनी
बावरी कृष्ण-भजन में डूबी रहती
दरस की अभिलाषी मीरा
विष को भी अमृत मान है पी लेती
मोह कहाँ है उसे इस जग से
हर साँस वो गिरधारी को समर्पित करती
ऐसी है दर्श दिवानी...
गरीब की थाली में पुलाव आ गया है।
लगता है शहर में चुनाव आ गया है।
ना दशहरा ना होली ना दिवाली होता हैं,
बेरोज़गारो का त्योहार नौकरी होता हैं...
खूबसूरत तो औरतें होती हैंहम मर्द तोसिर्फ अमीर या गरीब होते हैं