लफ़्ज़ जो भी हैं वही दिल को दुखाने वाले
सब हुनर सीख लिए तू ने ज़माने वाले 💔
सकारात्मक विचार कड़वे जरूर होते हैं
मगर इनका परिणाम हमेशा सुखद होता है।
जब चली थी ख़ुद को ढूंढने, नही जानती थी, कि अपने आप को दूसरो में, नही खोजा करते।
तेरे वास्ते फलक से चांद लाए थे सोलह सत्राह सितारे संग बांध लाए थे ज़रा सी देर क्या हुई हमे आने में तुम चले गए किसी और की जिंदगी सजाने में…!!
जो लोग बिना मतलब के हमारा साथ देते हैंहम उनका अहसान क़भी नहीं भुला पाते हैंऐसे लोगों का जिक्र आने पर दिल मुस्कराता हैऔर दुवाएं देने लगता है, ये शायद वही लोग हैंजिनकी वजह से इंसानियत पर भरोसा क़ायम है
रातों को जागो, दिनों को निचोड़ो
सपने होंगे पूरे, देखना न छोड़ो
उन हाथों को कभी मत भूलना..
जिन्होंने तुम्हे बड़ा किया है..!!
मेरे जीवन से मिला एक तजुर्बा,
आज भी बहुत अहम् था,
प्यार, भरोसा, वफ़ा, ज़फा,
इंसान के लिये सिर्फ वहम् था..!!
तू रूह में शामिल है मेरी आती जाती साँसों की तरहजिस पल भूलूँगी तुझेवो लम्हा मेरा आखिरी होगा
जिसके लिए सीखा था चाय बनाना
अब वो हमसे बहाने बनाती है
उसने लिखी मेरी लिए कई ग़ज़लें ढेरों कविताएँ ख़ूबसूरत नज़्में मगर मैंने सिर्फ़ उसका नाम लिखा दिल पे और अपना बना लिया
वो ज़माना अब नहीं रहा दोस्तों,जब लोगों को किसी से बिछड़कर अफ़सोस होता था।
तकलीफ देता है, इस कदर सच्चा होना
अब अच्छा नहीं लगता! यूं अच्छा होना
एकांत से मुझें मोहब्ब्त हो चली हैं,तुम बड़ी देर से आये हो...
गीत ग़ज़लों में शामिल गर ना हो सके,
तो तुम्हारे दर्द में बसर हम ज़रूर करेंगे।
नेहा यादव
अहंकार स्वाभाविक हैविनय सीखना पड़ता है
~ अज्ञेय
उसने हमें छोड़ा शायद कदर नहीं थी इश़्क़ की,हम अपनी वफाओं के बादशाह तो आज भी हैं..!!
मोहब्बत में ऐसे दीवाने हो जाओ कि 4 लोग बोले , एक ही शख्श था क्या इस सारे जहां में...
कैसे करूँ मैं खुद को तेरे काबिल ऐ जिन्दगी ,
हम आदतें बदलते हैं, तो तू शर्तें बदल लेती है ..!!
उन्हें ढूंढना आसान हो जाता उस पराए देश में ,अगर मेरे पास उनकी कोई एक तस्वीर होती ...