इच्छाएं स्वार्थी बना देती हैं,
वर्ना जरूरतें तो स्वाभिमान में रहकर भी पूरी हो जाती हैं।
हर चीज़ महंगी होती जा रही है
सस्ता है तो बस इंसान और उसके जज़्बात.!!
उलझनें भी मीठी हो सकती हैं,
जलेबी इस बात की ज़िंदा मिसाल है।
राम तुम्हारे युग का रावन अच्छा था...
दस के दस चेहरे सब बाहर रखता था...
प्रताप सोमवंशी
इंसां तिरे वुजूद का मक़सद ही इश्क़ था, तू नफ़रतों की राह में कैसे भटक गया ?
नरम दिल से पत्थर दिल होने
के सफर को इश्क कहते है
काश मेरी किस्मत….कोरे कागज जैसी होती…..जिस पर मैं रोज खुद लिख पाती…!!
सारे फरिश्ते मुझे ही मिले हैं ज़िंदगी में,
कोई गलती करता ही नहीं, मेरे सिवाय...
जिंदा रहने के लिए भोजन जरुरी है। भोजन से भी ज्यादा पानी जरुरी है, पानी से भी ज्यादा वायु जरूरी है और वायु से भी ज्यादा आयु जरूरी है, मगर मरने के लिए कुछ भी जरुरी नहीं है। आदमी यूं...
तेरी एक चाय ने खरीद लिया हमें,बड़ा गुरूर था हमे की हम बिकते नहीं...
ये जो हालात हैं ये सब तो सुधर जाएँगे,
पर कई लोग निगाहों से उतर जाएँगे…
कमाल की थी तेरी वो मुस्कुराहट जिसके हम कायल थे,
आज तो तेरा लहजा मेरे मौन को भी घायल किये हुए है..!!
विरक्ति
हवस की भूख एक ऐसी भूख है जो पेट भरने,
और दिमाग़ ख़ाली होने के बाद लगती है..!!
अनवर चतुर्वेदी
उसने हमें छोड़ा शायद कदर नहीं थी इश़्क़ की,हम अपनी वफाओं के बादशाह तो आज भी हैं..!!
सिर्फ़ पोस्ट पढ़ने का ही रिश्ता न रखिए हमसे...
कभी चाय+नाश्ते के लिये भी बुलाया करो हमें..!!
बातो की मिठास अंदर का भेद नहीं खोलती, मोर को देखकर कौन कह सकता है ये सांप खाता होगा..!!
भर जाएंगे जब ज़ख्म तो आऊंगा दोबारा
मैं हार गया जंग मगर दिल नहीं हारा
सच में हंसने के लिए आपको,
अपनी पीड़ा के साथ खेलने में सक्षम होना चाहिए ।
चार्ली चैप्लिन
जीवन में किसी को परखने का नहीं ,समझने का प्रयास करिए …
एक व्यक्ति जो तुम्हें आगे ले जायेगा.. वो तुम स्वयं हो..।।