“छत टपकती हैं उसके कच्चे मकान की….फिर भी बारिश हो जाये तमन्ना हैं किसान की”
सड़को के किनारे पड़ी नाजायज औलादें, आपकी जायज औलादों की ही औलादें है।
मैं "हिंदी" का "आलिंगन" हूँवो "उर्दू" में "आग़ोश"उसको मेरे "बाजुओं" में सुकूँन है,मैं उसकी "बाहों" में मदहोश…
मेरे जीवन की किताब का
सबसे सुंदर अध्याय हैं आप
सकारात्मक विचार कड़वे जरूर होते हैं
मगर इनका परिणाम हमेशा सुखद होता है।
सच बोलूं तो तुम्हें ज्यादा जान नहीं पायाहां मगर समझ लिया था,की कोई अधूरी ख्वाहिश सी हो तुम
नियत सच्ची होनी चाहिए, चेहरे तो अक्सर झूठ बोलते हैं...
हम दरिया है, हमे अपना हुनर मालूम है..
जिधर भी चलेंगे ,
रास्ता अपने आप बनता रहेगा....!!
मैं जिंदगी से भागना नहीं,
उससे जुड़ना चाहता हूं....
वक्त तो आने दो हम तुम्हे,बताएंगे तूफान कैसे आता है !
अगर लोगों को आपसे समस्या है तो ये, समस्या उनकी अपनी है "आपकी नहीं...
जिन्दगी कुछ ऐसी मोड़ पे आकर रुक सी चुकी है,की मजबूरी जीने की हो गई है और चाहत मारने की !
उस की तस्वीर हटाये तो ज़माना गुज़राफिर भी दीवार से तस्वीर का साया न गया...
यदि लक्ष्य न मिले तो रास्ते बदलो लक्ष्य नहीं,
क्योंकि वृक्ष अपनी पत्तियाँ बदलते है जड़ें नहीं...
सम्मान के साथ दिल पेश करेंगे
बस अपनी जुबान सही रखो ..!!
दिल टूट गया है,
जिंदगी थम सी गई है।
काश, तुम कभी मेरे होते,
तो मैं इतना न रोता।
तुमने मुझे धोखा दिया,
और अब मैं अकेला हूँ।
मैं नहीं जानता कि क्या करूँ,
मैं तुमसे बहुत प्यार करता था।
तुम मेरे सपनों को तोड़ दिया,
और अब मैं...
गिरगिट तो बस नाम के लिए बदनाम है सरवरना इंसान से अच्छा रंग बदलना कौन जानता है..
वो शख्स तू ने जिसे छोड़ने में जल्दी की,
तेरे मिजाज़ के साँचे मे ढ़ल भी सकता था.
"माँ थी अनपढ़
लेकिन उसके पास गीतों की कमी नहीं थी
कई बार नये गीत भी सुनाती
रही होगी एक अनाम ग्राम-कवि"
आलोक धनवा
झूठी हैं इश्क़ की किताबें और शायर सभी ,
किसी ने रोते हुए लड़को के बारे मे नहीं लिखा ।।