मर चुका है दिल मगर जिंदा हूं मैं
जहर जैसी कुछ दवाएं चाहिए 💔
दिल बड़ा रखो
हैसियत छोटी भी होगी तो चलेगा
वह जवाब मायने खो देते हैं, जो वक्त पर नही मिलते ...
ईलाज़ ये है कि मज़बूर कर दिया जाऊ,वरना यूं तो किसी की नही सुनी मैंने..
इतना भी मत वफ़ादार बनिए कि लोग पालतू समझ बैठें।
ये दुनिया नफ़रतों के आख़री मुक़ाम पे हैं,इलाज इसका मोहब्बत के सिवा कुछ भी नहीं हैं…
अहंकार भी आवश्यक हैं,
जब बात आधिकार चरित्र एवं सम्मान की हो...
गौरव गान फिर से ऊंचा होगा ।
चाँद पर भी एक तिरंगा होगा ।
मेरे जीवन से मिला एक तजुर्बा,
आज भी बहुत अहम् था,
प्यार, भरोसा, वफ़ा, ज़फा,
इंसान के लिये सिर्फ वहम् था..!!
जरूरतें, ख्वाहिशे, ज़िम्मेदारियां, यूंही तीन हिस्सों में दिन गुज़र जाता है..
सबसे बेज़ार हो गया हूं मैं ज़ेहनी बीमार हो गया हूं मैं…!!!
कोई अच्छी ख़बर नहीं मुझमें यानी अख़बार हो गया हूं मैं…!!!
तन्हा होना नज़र अंदाज़ होने से बेहतर है।
औरत बेवा हो जाती है
तो उसकी चूड़ियाँ तोड़ देते हैं
मर्द की घड़ी या ऐनक या हुक्का तोड़ने का
कभी किसी को ख़्याल न आया।
मेरी मोहब्बत आधी ही रह गयी ,
पर उसका timepass पूरा हो गया
हालात चाहे कैसे भी हो मुस्कुरा लेते है
बच्चे खुश रहे तो भूखे पेट भी आंसू छिपा लेते है
कभी मीनारो से गिरते है कभी मलबे मे दब जाते है
कभी गटर मे गिरते है कभी बेमौत मर जाते है
मजबूर भी है मजदूर...
धैर्य बनाकर रखें और मेहनत करते रहें,आपका किस्सा नहीं एक दिन कहानी बनेगी..!!
गहने, झुमके, कंगन के बिना भी मैं तुम्हें सजा सकता हूं
मैं शायर हूं, अपने लफ़्ज़ों से ही तुम्हें दुल्हन बना सकता हूं
भावनाएं अच्छी रखिए अच्छे की,
संभावनाएं स्वतः बढ़ जाएंगी....
ज़िंदगी के सफ़र को एक नया मोड़ दो..
जो तुमको भूल जाए, तुम उसको छोड़ दो..!!