शराब ने कई घर बर्बाद किए हैं
मगर चाय ने देश बर्बाद कर दिया...
डर लगता है अब ..
किसी से बात करने में कही फिर से ..
किसी की आदत न लग जाये..
भरोसा टूटा हैं वहम की दवाई मत दो,
कहीं और जाकर शरीफ़ बनो मुझे सफ़ाई मत दो ..!!
न मैं शायर हूँ न मेरा कोई शायरी से वास्ता ,
बस एक आदत सी हो गई उसकी यादों को बयान करना ..!!
किसी को बीच सफर में छोड़ने वालों ,तुम्हें मंजिल नहीं नसीब होगी
आजमाना उसकी वफ़ा के बाद गैरों को,देखना….तुम्हें फिर वो, मोहब्बत नहीं नसीब होगी…!!
पुरुष सफ़ल रहे जीवन में या असफल रहे... वो हर परिस्थिति में एक छली गई स्त्री या टूटी हुई स्त्री के जीवन को बदल सकता है उन्हें सकारात्मक कर सकता है और सहायता करने को तत्पर रहता है, परंतु स्त्री...
ये जिन्दगी सिर्फ तब तक ही हल्की है,
जब तक सारे बोझ माँ ने उठाये हुए है ।।
सभ्यता का युग तब आएगा
जब औरत की मर्ज़ी के बिना
कोई औरत को हाथ नहीं लगायेगा।
अंदर का ज़हर चूम लिया धुल के आ गए,
कितने शरीफ़ लोग थे सब खुल के आ गए.
तब और खिल उठेगा रंग उसकी मेहंदी का,जब मिश्रित उसमें मेरे प्रेम का रस होगा..!!
जो उन मासूम आँखों ने दिए थे, वो धोके आज तक मैं खा रहा हूँ
जिंदगी की जंग में हालात चाहे जैसे भी हों।।
धडकनों में नशा जीत का ही होना चाहिए।।
घमंड तेरा भी एक ना एक दिन ख़ाक हो जाएगा,
जिस दिन मिट्टी से बना ये शरीर राख हो जाएगा..!!
तू अच्छे कर्मों से एक अलग पहचान बन,तू पहले इंसान फिर हिन्दू मुसलामान बन.
प्रकृति ईश्वर की सुंदर रचना है,जिसे उन्होंने हमें एक अनमोल उपहार केरूप में आशीर्वाद दिया है !
यहीं कहीं दफ़न हो जाएंगे मेरे साथ मेरे अरमान भी,मेरी वफ़ा के बदले मुझे "तड़पन" ईनाम मिली है..!!
कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तिरा ख़याल भी
दिल को ख़ुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी
टूटते हुए रिश्तों को बचाइए,
बिना बुलाए अपनों के घर जाइए,
फल-मिठाई ना सही,
कम से कम टमाटर ही ले जाइए।
मन का झुकना भी बहुत जरूरी है,
सिर्फ तन झुकाने से भगवान नहीं मिलते.....
आँखों से निकले हर आँसू कोतलाश होती है अपनी एक मुस्कान की …
-मधुलिका