एक व्यक्ति जो तुम्हें आगे ले जायेगा.. वो तुम स्वयं हो..।।
मैं कितनी भी कोशिश कर लूअपनी शायरी में प्यार के रंग नहीं उड़ेल पाती
मेरेशब्दोंमें अक्सर जिक्र होता है
रुसवाई, बेवफाई,बेरुखी,बेचैनी,आँसूक्योंकि आज तकमुझे तुमसे यही सब मिला हैइश्क क्या होता है?कभी जान ही नहीं पाईजो तुमसे आजतक नही मिलाशायद वही इश्क था
शीशे, यादें, सपने, रिश्ते,
कब कहाँ टूट जाए कुछ नहीं पता।
हमें भी इश्क़ के मारों पे रहम आता है ,
ये बोझ वो है जिसे हमनें भी उठाया है ।।
ज़ुबान और दिमाग़ तेज चलाने से ,रिश्तों की रफ़्तार धीमी पड़ जाती है …
मेरा मोहब्बत मेरा तजुर्बा हैअमीर होना और हसीन होनादोनो ही लाजिम है ,वरना आपकी मोहब्बतआपके मुंह पे मार दी जाएगी
सुविधाएं अगर हमारी आजादी को गिरवी रख लें,
तो उन सुविधाओं का सुख सहूलियत मात्र नहीं होता,
गुलामी में बदल जाता है।
चित्रा मुग्दल
ये कैसा नशा है मैं किस ख़ुमार में हूँ तू आके जा भी चुका है मैं इंतज़ार में हूँ
मुझे मालुम नही, ईद कैसे मनाया जाय,मैं गैर मुस्लिम हूं, बधाई कबुल करना ...
नहीं आती नींद अब इन आंखों में,तेरे इश्क़ ने मेरी रातें खराब की हैं..!!
तुम्हारी तपन जला रही है,,,,,
वरना कब के बुझ गए होते ....
मुझे खुद को बचाने की कभी कोई इच्छा नहीं रही और मैंने कभी भी इसके बारे में गंभीरता से नहीं सोचा
~अमर शहीद भगत सिंह❣️ #जयहिंद 🇮🇳
दोनों की मोहब्बत जुदा जुदा कभी तू मुझसे कभी में तुझसे खफा ख़फ़ा,,,,आ लग जा गले मिलकर करें अपने दरमियान सारे मसले रफा दफा,,,,
झूठ ही जिसका आसरा झूठ ही जिसकी ताक़त सोचो वो कैसे जीता होगा झूठ की जिसको आदत एक दिन ये झूठ ही उसको सच बन कर खा जाएगा देखना वो दिन दूर नहीं वो दिन जल्दी आएगा सच का दामन...
सोचा थाघरबना कर बैठूँगासुकून सेपर घर की ज़रूरतों नेमुसाफ़िर बना दिया
~ गुलज़ार
चाय के दुकान पर इतने छोटे कप हों गए हैं किलगता हैं चाय नहीं पोलियों ड्राप पिला रहे हैं...!
सच में हंसने के लिए आपको,
अपनी पीड़ा के साथ खेलने में सक्षम होना चाहिए ।
चार्ली चैप्लिन
बहुत जानी हुई शक्ल भी ,
कभी कभी पहचानी नहीं जाती है ...
उन रिश्तों का खत्म हो जाना ही बेहतर है, जहां दुख और अपमान के सिवा कुछ न मिले...