ईलाज़ ये है कि मज़बूर कर दिया जाऊ,वरना यूं तो किसी की नही सुनी मैंने..
लोग कहते है मैं बहुत गुरूर करता हूं, मैं तो बस दो चेहरे वाले लोगों को खुद से दूर करता हूं
जिस दिन धरती से छिपकली, कॉकरोच और चूहे खत्म हो जाएंगे,उस दिन धरती पर स्त्रियों का पूर्ण शासन होगा.
सोच का अंधेरा रात के अंधेरे से,
ज़्यादा खतरनाक होता है.....
प्रेम में रस्म होती है रूठने की ,
तुम्हें क्यों लगा हमारा झगड़ा हुआ है ।।
ढलती उम्र के साथमोहब्बत बढ़ती जाएबस तुम्हारा इतना साथ चाहिए।
-नेहा यादव
मुझको मजबूर न कीजिएगा अदाकारी पर ,
मैं जो किरदार में उतरा तो क़यामत होगी ..!!
तसल्ली से चाहिए मुझे तुम्हारा साथ ,
लम्हों में जन्मों की थकान कहाँ उतरती है !!
जमीं पे एक ही औरत दिखाई देती है ,
मुझें तो माँ की मोहब्बत दिखाई देती है ।।
कर्म से डरिये…..ईश्वर से नहीं…..ईश्वर माफ़ कर देता है…..कर्म नहीं ….. !!!
जज्बातों का भी बाजार थाये जरा तब समझ आया ,एक रोज हम वहां चले गए ,जहां ये शामें लगा करती थी।।
झूठी हैं इश्क़ की किताबें और शायर सभी ,
किसी ने रोते हुए लड़को के बारे मे नहीं लिखा ।।
जली को आग कहते हैं,बुझी को राख कहते हैं।और जो अंधभक्तों के पास नहीं हैउसे दिमाग कहते हैं
मैं झुक तो जाऊं, मुझे पता है मसला हल हो जाएगा,..मगर इससे मेरे किरदार का क़त्ल हो जाएगा…
नशा दौलत का नहीं कामयाबी का रखो ,ज़िद मोहब्बत की नहीं मंजिल की रखो ।
इंसानियत दिल में होती है हैसियत में नहीं
ऊपर वाला कर्म देखता है वसीयत नहीं!
अगर तुमअपनी सांसों को रोक सकोतभी किसी को रोकना,अगर तुमअपनी धड़कनों को रोक सकोतभी किसी को रोकना,अगर तुमअपने छूटते प्राण को रोक सकोतभी किसी को रोकना,अन्यथाजाने दो जिसे जाना है,
मत करो विलाप किसी के जाने का
~ अम्बष्ठ
मत पूछ तेरे लिये हम कितना तड़पते थे,
आंसू छिपाकर अपने अंदर से बिलखते थे..!!
अभी गनीमत है सब्र मेरा,
अभी लबालब भरा नही हूँ
वो मुझको मुर्दा समझ रहा है,
उसे कहो...... मैं मरा नही हूँ!
पिता की दौलत नहीं, केवल उसका साया ही काफी होता है...