|| शायरों से ताल्लुक रखो तबियत ठीक रहेगी
ये वो हकीम हैं जो अल्फ़ाजों से ईलाज करते हैं ||
घमंड किस बात का है, जनाब ऊपर से लेमिनेशन हटा दो तो, अंदर से सब इतने ही खूबसूरत है..!!
इंसान की अक्ल बस इतनी सी है
उसे जानवर कहो तो गुस्सा आता है
शेर कहो तो खुश हो जाता है
किसी का माथा चूमना ही तो प्रेम है
होंठ चुमना तो शारीरिक संबंध हो जाता है
अपने अहंकार में चूर होकर,
जो सबका बाप हो जाता है,
उस तुच्छ के लिये अमरत्व का वरदान भी श्राप हो जाता है..!!
कुछ बदलाव कष्टदायक होते है,
लेकिन बहुत आवश्यक होते है…!!
तेरे आने की नही उम्मीद परदेखते हैं आज भी रस्ता तेरा
हम भी सीखेंग अदा अब तो रूठ जाने की,उनको आदत है बहुत हमको भूल जाने की,लो हो गयी न तसल्ली जो दिल ये टूटा है,क्या ज़ुरुरत थी मुहब्बत को आज़माने की
प्यार के बिना जीवन उस वृक्ष की तरह है,जिस पर कभी फल नहीं लगते हैं।
साथ रहकर जो छल करे, उससे बड़ा शत्रु कोई नहीं होता...
आज फिर जीने की तमन्ना है,आज फिर ' मरने' का इरादा है
यक़ीनन सूरज चढ़ेगाइस रात का रंग उतरेगा
"एक पल में मान लेते है कि क़िस्मत में लिखे फ़ैसले बदला नहीं करते, लेकिन आप फ़ैसले तो लीजिए क्या पता क़िस्मत ही बदल जाए!"
~आर्यभट्ट
एक समंदर
मेरे अंदर
मस्त कलंदर...
उछल रहा है
उछल उछल कर
निगल रहा है
वक्त को
वक्त की बेवजह
पाबंदीओं को…
अंदर के
समंदर से
कभी
वक्त
कहां बड़ा हो पाया ❓
मैंने मुझको
हमेशा
वक्त से
बड़ा पाया
इस लिए
अंदर के समंदर में
वक्त को
डूबता पाया।।
हम तर्क से पराजित होने वाले नहीं है।
हाँ, यदि कोई चाहे तो प्यार,
त्याग और चरित्र से हमें जीत सकता है।
-रामधारी सिंह 'दिनकर'
स्त्रियां कायनात गढ़ती रही है….फिर भीअस्तित्व के लिए लड़ती रहीं हैं….!!!
झूठ ही जिसका आसरा झूठ ही जिसकी ताक़त सोचो वो कैसे जीता होगा झूठ की जिसको आदत एक दिन ये झूठ ही उसको सच बन कर खा जाएगा देखना वो दिन दूर नहीं वो दिन जल्दी आएगा सच का दामन...
आगे सिर्फ अंधेरा है,इसलिए इस बार अपना वोट सोच समझ कर दें !
गुलशन के निगहबानो हम को न भुला देना
कुछ ख़ार भी लाज़िम हैं फूलों की कहानी में
ऐ दीदा-ए-तर तुझ को मालूम नहीं शायद
बह जाते हैं ख़्वाब अक्सर अश्कों की रवानी में
एक ही शख्स समझता था उसे,
और एक ही शख्स समझता था मुझे !!
फिर ये हुआ की वो भी समझदार हो गया,
और हम उसके सामने बच्चे ही रह गये !!