वो आइने में कैसे बर्दास्त करती होगी खुद को,
उसे तो धोखेबाज लोगो से सख्त नफरत थी..
वो बदलाव अच्छे होते हैं…जो किसी की मुस्कुराहटों की वजह बनते हैं
खामोशियां कर दे बयां तो यह अलग सी बात है
वरना कुछ अल्फाज लफ्जों में बयां नहीं होते
कुछ हालातों में ये रास्ते ज़िंदगी केबिल्कुल भी आसान नहीं होते!चलना तो होता है अंगारों परऔर हाथ थके रहते हैं–बर्फ ढोते-ढोते!
डालोगे इज्जत पर हाथ उनके, वो सर' धड़ से अलग कर देंगी।
अगर है वो द्रौपदी ' तो याद रखना, कृष्ण बनकर भी वही उभरेंगी।।
सेजल
हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते है,मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिन्दुस्तान कहते हैं,
जो ये दीवार का सुराख है साज़िश है लोगों की,मगर हम इसको अपने घर का रोशनदान कहते हैं !
उद्देश्य और दिशा के बिना,
प्रयास और साहस पर्याप्त नहीं है....
मेहमान की तरह घर से आते जातेबेघर हो गए हैं, कमाते कमाते….!
ये मेरी जिंदगी के हादसे यूं ही नहीं हुए हैं ,,कुछ लोगों की मेहरबानी ने अच्छा घुड़सवार बना दिया..!!
बात से बदलने वाले और जज़्बात से खेलने वाले इंसान से दूरी जितना बना के रखो उचित होता है...
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएं कैसे
तेरी मर्ज़ी के मुताबिक़ नज़र आएँ कैसे।
बहुत कम लोग जानते हैं
कि वो बहुत कम जानते हैं
"सहनशील होना अच्छी बात है,परन्तु अन्याय का विरोध करनाउससे भी उत्तम है।"
-जयशंकर प्रसाद
कौन कहता है मैं पसंद नहीं किसी कोमुसीबतों से पूछो वो कितना चाहती है!
सोचा थाघरबना कर बैठूँगासुकून सेपर घर की ज़रूरतों नेमुसाफ़िर बना दिया
~ गुलज़ार
सब कुछ चुराया जा सकता है।
पर दुनिया में कोई किसीका इरादा नहीं चुरा सकता।
होशवालों को खबर क्या बेखुदी क्या चीज़ है ...
पैसा हैसियत बदल सकता है,
औकात नहीं....
नींद से इतना भी प्यार न करो कि मंज़िल भी ख्वाब बन जाए !
कहा जो मैंने कि मर जाऊँगा तो कहती हैं
तुम्हारे चाहने से जिंदगी थोड़ी निकलती है