फिर वही दिल की गुज़ारिश फिर वही उनका गुरूर
फिर वही उनकी शरारत फिर वही मेरा कसूर!
सोचती हूँ मेहनत की कलम से.... ज़िंदगी की कहानी फिर से लिखूं...!!
सिर्फ़ पोस्ट पढ़ने का ही रिश्ता न रखिए हमसे...
कभी चाय+नाश्ते के लिये भी बुलाया करो हमें..!!
तू मेरा दुःख समझतीअगर तेरा भी इश्क में हारा हुआ एक भाई होता..
मैं उठता हूं कभी कलम रखता हूंइस तरह इश्क के जज्बातों पर सर रखता होगा खेल कोई इश्क तुम्हारे लिए यारोंमैं तो मरे जिस्मों में मोहब्बत की रूह रखता हूं
प्रेम से अनमोल भला
क्या तुम इस जग में पाओगे
ढूंढो तुम ईश्वर को
उसे बंधा प्रेम में पाओगे
बस लिबास ही महंगा हुआ है...
लोग अभी भी दो कौड़ी के हैं...!
आदमी की सबसे अच्छी नस्लयुद्धों में नष्ट हो गई,देश का सबसे अच्छा स्वास्थ्यविद्यालयों मेंसंक्रामक रोगों से ग्रस्त है
~ धूमिल
ढल चुका है सूरज चांदनी भी खो रही है,
मेरे साथ तेरी याद में, ये रात भी रो रही है..!!
विरक्ति
अगर आपकी पत्नी या प्रेमिका बेहद शान्त स्वभाव की हैं तो ये आपके लिए चिंता का विषय है क्योंकि उच्च कोटि की रिवाल्वरों में ही साइलेंसर लगा होता है…
अन्याय को पता है उसे#न्याय परास्त करेगाजीत न्याय की ही होगी
सुनो कृष्ण!!मौसम हरे रखनाऔर मन गीला
किस जगह रहिये कहां दिन काटिये क्या कीजिएगावों मे कीचड बहुत है शहर में कम है हवा
ये लफ्ज़ों के वादे ये किताबी मोहब्बत .. है आज के दौर में बड़ी खराबी मोहब्बत ... !!
फल हमेशा बीज से बड़ा होता है,
ठीक वैसे ही परिणाम भी कर्मों से बड़ा होता है !!!
ईलाज़ ये है कि मज़बूर कर दिया जाऊ,वरना यूं तो किसी की नही सुनी मैंने..
सुध बुध खो कर
सौंप दिया तुझको
मुझमें जो भी था मेरा
चाहे तो रख लो सहेज कर
चाहे तो छोड़ दो तजकर
साया नहीं है बाप का, बच्चा भी है गोद,
मां ही जाने बच्चे का, कैसे भरना है ओझ,
धूप सहे बरसात सहे या रहे शरीर से सोझ,
ईंटों से ज्यादा भारी है ज़िम्मेदारी का बोझ..!!
तीर.. खंज़र... चाकू.. आपस में लड रहे थे कि कौन सबसे ज्यादा घाव देता है...
शब्द पीछे बैठे मुस्कुरा रहे थे...
सांस तो लेने दिया करो...
आंख खुलते ही याद आ जाते हो..!!