हर दरबार में जाकर माँगा हैं तुम्हें, प्रसाद मिल जाता है पर तुम नहीं
क्यों अपना दर्द महफ़िल में सुनाया जाए
चलो मुस्कुरा कर सबका दिन बनाया जाए
आभा
हमें भी इश्क़ के मारों पे रहम आता है ,
ये बोझ वो है जिसे हमनें भी उठाया है ।।
सोचता हूँ कि उस की याद आख़िर
अब किसे रात भर जगाती है...
योजना के बिना
लक्ष्य सिर्फ इच्छा है
हर कोई बचता रहा बाहर के तूफान से..
और हम ख़ुद को बचा भी ना पाए अंदर के तूफान से..!!
लगेगी आग तो आएँगे घर कई ज़द में
यहाँ पे सिर्फ़ हमारा मकान थोड़ी है ...
राहत इंदौरी
ज़िन्दगी के "पन्नों" में मेरा किरदार भी "जोकर" का रहा,
मैं "हंसा" तो भी लोग हंसे मैं "रोया" तब भी लोग हंसें..!!
आखिर कब तक किस्सा बनके रहोगे ,
जल्दी से हिस्सा भी बनजाओ मेरी जिंदगी का ..!!
किसने कहा तू अकेला है ,आईने में जा के देख..
दुनिया का सबसे ताकतवर इंसान तेरे सामने खड़ा है..!!
जिद और जूनून चाहिये जीतने के लिये..
हारने के लिये तो आपका डर ही काफी है..!!
बड़े दाग हैं,इस सफेद लिबास में भी,कभी पोशाक को क़फ़न सेमिला कर तो देखिए !
वही फिर मुझे याद आने लगे हैंजिन्हें भूलने में ज़माने लगे है
रिश्ते भी इमारत की तरह होते हैं ,
हल्की-फुल्की दरारें नज़र आए तो इमारत तोड़िये नहीं
मरम्मत कीजिए !
कोई सवाल ज़िंदगी का हल नहीं हुआ,पढ़ने में सारी उम्र गवांने के बावजूद - अंकित मौर्य
पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुवा, पंडित भया न कोइ।
ढाई आखर प्रेम का, पढ़ै सो पंडित होइ॥
कबीर दास
सर्वाधिक आनंद उन्हें प्राप्त होता हैजो मौन रहने की कला सीख जाते हैं
लहू रिसने नही देता कभी जो अपने अंदर से ,ज़माना सोचता है वो ज़ख़्म ताज़ा नहीं होता!बस आंखों की उदासी खोलती है राज ए दिल वरना ,मेरे चेहरे से मेरे गम का अंदाज़ा नहीं होता!
कमजोर लोग बदला लेते हैं.
ताकतवर लोग माफ कर देते हैं.
बुद्धिमान लोग नजरअंदाज कर देते हैं।"
अल्बर्ट आइंस्टीन