पता नहीं नसीब खराब है या मैं खराब हूं
हर उसने दिल दुखाया हैं जिसपे मुझे नाज था !!
वक़्त अपने उसूलों पे है हमेशा से कायम
इम्तिहान जिसका भी लेता है रियायत नहीं
यादों से न पूछें तरबियत उनकीये वो आजाद परिंदे हैं जो पल में सागर पार कर लेते हैं
शादी उसकी भी होगी, और मेरी भी होगी,लेकिन "हमारी" होती तो क्या बात थी.
झूठे लोग आगें बड़ गएहम बेवकूफ सच बोलते रह गए !!
लिबास की कमी गरीब के तन पर अजीब लगती है,मगर अमीर बाप की अर्धनग्न बेटियां तो शरीफ लगती है...
‘’शोक मत करो ! नहीं उतरेगा कोई भी उत्सव
बुलावे पर उनके लाल क़ालीनों पर
करेंगे सारे उत्सव प्रतीक्षा
न्योते की तुम्हारे रोककर साँसें अपनी
बस करना होगा थोड़ा सा इंतज़ार”
शब्दों से तुम बन गए
पंक्तियों में मेरे ढल गए
स्याही में मेरे पिघल गए
रचना मेरी तुम बन गए।
हर छंद में तुम रम गए
मैं तुम पर अब क्या लिखूं?
मेरे गीत के नज़्म बन गए
जीने की वजह तुम बन गए।
स्वर लहरी तुम बन...
सोचती हूँ मेहनत की कलम से.... ज़िंदगी की कहानी फिर से लिखूं...!!
मोहब्बत रंग दे जाती है जब दिल दिल से मिलता हैमगर मुश्किल तो ये है दिल बड़ी मुश्किल से मिलता है
कहते है किसी के घर ख़ाली हाथ नहीं जाना चाहिए..!!
इसलिए मैं अपना चार्जर साथ लेकर जाती हूँ ..!!
चार दिन आंखों में नमी होगी,
मैं मर भी जाऊं तो क्या कमी होगी ?
बड़ी ठोकरें खाकर समझदार हुआ हूं,अब मैं दिल की बातों पर ध्यान नहीं देता…
हमारा चरित्र कितना ही दृढ़ हो, पर उस पर संगति का असर अवश्य होता है।"
प्रेमचन्द
चश्मदीद अंधा बना‚ बहरा सुने दलील;
झूठों का है दबदबा‚ सच्चे हुए ज़लील।
कितना अजीब हैं .. दर्द उसका हैं, और उस दर्द की चीख मेरे कानो में गूँजती हैं ...
जो मिला है वो आम हैजो ख़ास है वो काश में है….!!
कुछ लोग लफ्जों से वजूद नापते हैं,साहिल पर खड़े होकर समुंद्र ताकते हैं.
हर चीज़ महंगी होती जा रही है
सस्ता है तो बस इंसान और उसके जज़्बात.!!
दुनिया के बाकी सभी रिश्ते स्वार्थ से भरें होते हैं
केवल मां बेटे का रिश्ता ही प्यार से भरा होता है