World's Best Cow Hospital

मैं तुम्हरे साथ हूं कहने में और,रहने में बहुत फर्क होता है….

और इक वक़्त के बाद इंसान इतना ख़ामोश हो जाता है, कि उसकी सांसें भी ख़ामोशी में ख़लल लगती हैं.

आज शायद मुझे लगाले वो गलेईद का तो बहाना उसके पास है

इंतज़ार मत करो जो कहना हो कह डालो क्योंकि हो सकता है फिर कहने का कोई अर्थ न रह जाए।

तमाम इश्क के शहर मालिक अब आग में जलते हैंमज़हब के पैरों से लोग आशिकों के सर कुचलते है

आंखों के समॅंदर में तूफ़ान का आग़ाज़ हैं ,अब कोई अपनी कस्तियां संभालें भी तो कैसे..!!

शेर भी बंध जाते है भेड़ों से, जब अपने मिल जाते है गैरौ से।

नए कपड़े बदल कर जाऊं कहां,और बाल बनाऊ किसके लिए..वो शख्स तो शहर ही छोड़ गया,मैं बाहर जाऊं किस के लिए...!!

ये उदास रात उजड़ी हुई नींद और चीखते हुए हम, लगते तो ज़िन्दा हैं दोस्त लेकिन ख़त्म हो गये हम..!!

अपने हिस्से की क़िस्मत अपने हाथों से ही गढ़ लेंगे ,धीरे-धीरे ही सही मगर थोड़ा बहुत हम भी पढ़ लेंगे ।।

आसमान जितना नीला है, सुराजमुखी जितना पिला है, पानी जितना गिला है, लगता है स्क्रू उतना ही ढीला है. . .

बचपन के घाव अच्छे थे,बस घुटनों पर ही लगते थे..

इंसान को उसकी नासमझी कम बल्कि ज़रूरत से ज़्यादा चालाकी ले डूबती है !!!

डूबी है मेरी उंगलियां मेरे ही खून मैं,ये काँच के टुकड़ो पर भरोसे की सजा है !!

वहाँ कोई महानता नहीं है जहाँ सादगी, अच्छाई और सच्चाई नहीं है।

कीमत दोनों को चुकानी पड़ती है, बोलने की भी और चुप रहने की भी....

जूते रगड़ कर बनाई गई पहचान और,जूते चाट कर बनाई गई पहचान में बहुत फर्क होता हैं।

मेरी अर्जी यही है मेरे बालाकृपा बरसाये रखनामत छोडियो ना मेरा साथदया तुम बनाये रखना

ऐसी बाँणी बोलिये, मन का आपा खोइ। अपना तन सीतल करै, औरन कौं सुख होइ॥

यह जानते हुएकि हवाओं संग धूल आती हैजीवन संग दुख भीचलते-चलतेऑंखें बंद कर लेनाजीते-जीतेथोड़ा कम जीने जैसा है।


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