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World's Best Cow Hospital

वो मंदिर भी जाती है ,वो मस्जिद भी जाती है बेटा बीमार हो तो मां मजहब भूल जाती है

ज़िंदा इंसान को गिराने में, और मरे हुए को उठाने में.. गज़ब की एकता दिखाते हैं लोग..!!

धन न हो तो रिश्ते... उंगली पे गिने जाते हैं....!!

रंग बदलती इस दुनिया मेंमैंने उसको पाक लिखा,वो छू लो पारस हो जाऊंअब तक ख़ुद को ख़ाक लिखा…

बुरा वक़्त हमेशा इंसान को ,अकेला कर देता है …

इक़ अरसे बाद मिलना हुआ उसने बस इतना ही पूछा था आपका मिजाज कैसा है...! बोल नहीं फूटे बस..आंखे भर आईं

कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता गोपाल दास नीरज

खुद्दार दुश्मन के आगे नाक रगड़ देनामगर गद्दार दोस्त से फिर कभी हाथ मत मिलाना

मरना तो है ही, अपने मनुष्यत्व और अधिकार के लिए मरो !

ये गांधी का देश है लेकिनइसी देश में अंग्रेजों ने फूट डाले, शासन किए

अच्छा इंसान तो अपने जुबान से ही जाना जाता है,वरना अच्छी बातें तो दीवारों पर भी लिखी होती है..!!

दर्द छुपाते छुपाते,दर्द में जीने की आदत हो गई।

लड़की माल नही मान होती हैं, लडकी सामान नहीं सम्मान होती हैं।

गिरवी होते तो ख़रीद लेते, अब गिरे हुए लोगों की कीमत कौन लगाता है....

मैनें खुद को भी पढ़ कर देखा है.. सिवाये भरोसे और यकीन के कोई खता न था...

मोहोब्बत, इबादत से आगे की शय हैकि हमने ख़ुदा को सनम कर लिया है ~ भास्कर शुक्ला

मुनाफिक और बत्तमिज में अगर फ़र्क किया जाए तो बत्तमिज ज्यादा खतरनाक नही होता जितना मुनाफिक होता है

देखता हूं तुझे बड़ी गौर से ऐ इंसान सुना है तू दिन भर में कई रंग बदलता है

वो सिर्फ़ मेरे थे, सिर्फ मेरे सामने....

ना में बदला ना मेरा किरदार बदला ना अंदाज बदला ना मिजाज बदला,,,, चन्द सिक्के ही तो कम हुवे थे जेब मे दुनिया के देखने का सलीका बदल गया


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