समर्थन और विरोध केवल विचारों का होना चाहिये,
किसी व्यक्ति विशेष का नहीं….!!
ख्वाहिशें अनेक हैं "मन" में,
लेकिन परिस्थितियां "दम" तोड़ रही हैं,
खुशियां दिखा कर "मुकद्दर",
मेरे सारे "ख्वाब" तोड़ रही हैं,
घर "जर्जर" है, बहन भी "ब्याहना" है,
लेकिन ये "मुफलिसी" भी भारी है,
मध्यम वर्गीय "पुरुष" के कांधे पर
"परिवार" सबसे बड़ी जिम्मेदारी है..!!
विरक्ति
आप का धैर्य आप की सबसे बड़ी शक्ति है,आज़मा कर देखो.
चूल्हे में जल रही
आग से बड़ी
नहीं कोई रौशनी
मुमकिन नहीं मेरा पहले जैसा हो पाना
खुद को बहुत पीछे छोड़ आई हूँ मैं
पहले कच्चे घरों में स्वर्ग की अनुभूति हुआ करती थी अब शीश महल में अपनेपन का स्पर्श नहीं मिल पाता
अगर मतलबी लोगों को खो देना एक हार है,
तो ऐसी हार हमें स्वीकार है
तजुर्बा चाहे जितना भी कर लीजिए ज़िंदगी का साहबहर एक मोड़ पर नई राह दिखाती है ज़िन्दगी…
जिंदगी में सिर्फ पहली बार,
इतना ही कहा है मैंने
बहुत मजबूत रिश्ते थे,
बहुत कमजोर लोगों से...!
हम दोनों को हम जैसे बहुत मिलेंगेबस हम दोनों को हम दोनों नहीं मिलेंगे!!🥀
कभी-कभी हमें उन लोगों से शिक्षा मिलती है,
जिन्हें हम अभिमान वश अज्ञानी समझते हैं।
साथ रहकर जो छल करे, उससे बड़ा शत्रु कोई नहीं होता...
अपनी खुशी के मालिक खुद बनो , वरना यहां दिल दुखाने वाले बहुत हैं ...
अच्छे संस्कार किसी मॉल या बाजार में नहीं,
परिवार के माहौल से मिलते हैं...
चुनना होंगे नए लोग नई यात्रा के लिए देना होंगे पैर उन्हें चलने के वास्तेपर नहीं होगा आसान छीन पाना उनसे थाम रखी हैं जो रंगीन बैसाखियों
तुम नहीं..
तुम्हारा बदला हुआ बर्ताव चुभता है..!!
हम पूजते है तुम्हें, कृष्ण की मीरा की तरह,हर मर्द के अंदर एक औरत का दिल होता है.
राह के पत्थर से बढ़ कर कुछ नहीं हैं मंज़िलेंरास्ते आवाज देते हैं सफर जारी रखो !
उन्हें याद करें! विक्रम साराभाई, नेहरू, अब्दुल कलाम
जलना जलाना ये सब फिजूल है, अपने काम में मस्त रहो... ये अपना उसूल है।।